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लड़कियां बोलीं: नीतीश जी.. अश्लील गीतों पर लगाएं रोक, मनचले करते हैं कमेंट्स

चौक-चौराहों के अलावा टेम्पो व पब्लिक ट्रांसपोर्ट में खुलेआम फुहड़ भोजपुरी गीत बजाए जा रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 06:08 AM IST

डुमरांव. बसंत पंचमी के साथ ही होली का आगमन हो गया है। चौक-चौराहों के अलावा टेम्पो व पब्लिक ट्रांसपोर्ट में खुलेआम फुहड़ भोजपुरी गीत बजाए जा रहे हैं। प्रशासन न तो रोक लगा पा रही है न ही सामाजिक लोग। महिलाएं व छात्राएं रास्ता बदल लेती हैं। मनचले छात्राओं पर छींटाकशी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर की टीम ने महिलाओं व छात्राओ ं से उनका दर्द जानने की कोशिश की। स्कूलों में छात्राओं से टीम ने बात की। बाजार करने गई महिलाओं से पूछताछ की। पता चला कि वे सड़कों पर चलना नहीं चाहती।

कोचिंग और स्कूल छात्रा पूजा कुमारी, रंजना कुमारी, संजना कुमारी आदि ने बताया कि अभिभावकों के साथ चलने में शर्म महसूस होती है। अगर अकेले जाएं तो रास्ता बदल लेते हैं। लेकिन अब तो गली-मोहल्लों में भी चलना मुश्किल हो गया है। +2 उषारानी उच्च विद्यालय की छात्राओं ने तो विरोध शुरू कर दिया। कहा कि अब इसके लिए आंदोलन किया जाएगा। कार्रवाई के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पहल नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन भी होगा। सुमित्रा महिला कॉलेज की छात्रा पिंकी कुमारी, स्नेहा कुमारी व लता ने कहा कि कॉलेज आने में मनचले तो इतने परेशान करतेे हैं कि अभिभावकों को साथ लेकर आना पड़ता है। जल्द ही प्रशासन को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी होगी। अन्यथा मजबूर होकर वे सड़क पर उतरेंगी। छात्राओं में इस मुद्दे को लेकर काफी आक्रोश है। छात्राओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जी शराबबंदी, बाल-विवाह, दहेज-बंदी लागू कर रहे हैं लेकिन अश्लील गीतों पर लगाम नहीं लगा पा रहें।

ऐसे गीतों व गायकों पर लगे प्रतिबंध

सुमित्रा महिला कॉलेज के प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि अधिकांश भोजपुरी गायक, अपनी गीतो के माध्यम से इस भाषा को राष्ट्रीय फलक पर बदनाम कर रहे हैं। उन पर सख्ती से नकेल कसने की जरुरत है। प्लस टू उषारानी बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य पुष्पा देवी कहती हैं कि सड़कों व चौक-चौराहों पर जब इस तरह के गंदे गीत बजते हुए सुनाई देते हैं, तो राह चलती महिलाएं और छात्राएं भी शर्मसार हो जाती हैं। कोरानसराय निवासी सुनीता देवी कहती हैं अपनी भोजपुरी अश्लीलता की दरिया में नहाते हुए समृद्ध भाषा का सम्मान कभी नहीं प्राप्त कर सकती।

द्विअर्थी गीतों का बढ़ गया है प्रचलन

रोड पर चलनेवाली तमाम सवारी गाड़ियों में अश्लील गाना बजने से महिलाओं एवं युवतियों सहित अन्य यात्री को चलना मुश्किल हो गया है। परिवहन विभाग के नियम के विरुद्ध गाने बजाए जाते हैं। तेज आवाज में अश्लील गाना बजने के कारण वाहन दुर्घटना भी होने की आशंका बनी रहती है। दिन प्रतिदिन द्विअर्थी गाने बजाने की प्रवृत्ति बढ़ने से हर तरह के यात्रियों को परेशानी होती है। सभी मुख्य सड़कों पर चलने वाल बस, टेम्पो, जीप एवं अन्य सवारी वाहनों में लगातार तेज आवाज में अश्लील गाने बजाये जाते हैं। इससे ध्वनि प्रदूषण भी फैलता है।