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नाव हादसा : लापता दो बच्चों की सात दिन बाद लाश वहीं मिली जहां वे डूबे थे

6 बच्चों को घटना के दिन ही बचा लिया गया था और उक्त तीनों तब से लापता थे, जिनकी बारी-बारी से लाश बरामद हुई।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 06:43 AM IST

भागलपुर/सबौर. एक जनवरी को नाव हादसे के बाद से लापता राजेश व सोहित की लाश रविवार की सुबह गंगा नदी से निकाली गई। दोनों शव हादसे वाली जगह के पास ही उपला रही थी। ग्रामीणों की मदद से एनडीआरएफ की टीम ने दोनों लाश को नदी से बाहर लाया और सबौर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने दोनाें की लाश को पोस्टमार्टम के लिए नौलखा भेज दिया। जहां से दोपहर बाद दोनों के परिजनों को पुलिस ने सौंप दिया। इसके पहले शनिवार को उसी जगह से आशीष की लाश मिली थी। हादसे में लापता बच्चे तो मिल गए, पर नाव का अभी तक पता नहीं चला है।


नाव हादसे के बाद से तीनों बच्चे लापता थे, जो एक जनवरी को पिकनिक मनाने के लिए अपने दोस्तों के साथ नाव से दियारा जा रहे थे। बीच गंगा में तेज हवा के झोंके में नाव पलट गई थी। इस हादसे में नाव पर सवार 9 बच्चे डूब गए थे। इसमें 6 बच्चों को घटना के दिन ही बचा लिया गया था और उक्त तीनों तब से लापता थे, जिनकी बारी-बारी से लाश बरामद हुई। रजंदीपुर के मुखिया शंकर प्रसाद मंडल ने दोनों के परिजनों को कबीर अंत्येष्ठि योजना मद से तीन-तीन हजार रुपए की आर्थिक मदद की। देर शाम अंचल कार्यालय में तीनों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का चेक देने की कवायद शुरू की गई। सीओ तरुण केशरी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार है। सोमवार को तीनों बच्चों के परिजनों को मिलने वाली उक्त सहायता राशि का चेक दे दिया जाएगा।

मोटर बोट का चक्कर लगने के बाद दिखीं लाशें


एनडीआरएफ के प्रभारी गणेश जी ओझा ने बताया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे सर्च ऑपरेशन के तहत दोनों बच्चों की खोज के लिए महाजाल फेंका गया था। घटना वाली जगह पर मोटर बोट से कई बार चक्कर भी लगाया गया था। इस दौरान दोनों लाशें उपलाती दिखीं, जिसे बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि लापता राजेश व सोहित की लाश उसी लोकेशन में मिली, जहां शनिवार को लापता आशीष की लाश मिली। तीनों बच्चे नाव डूबने वाली जगह पर ही नीचे मिट्टी में दब गए थे। संभावना है कि तीनों की लाश नाव में फंसी होगी, नाव नहीं निकाली जा सकी।

लाश देख पिकनिक के प्रोग्राम को कोस रहे थे हादसे में बचे बच्चे


रजंदीपुर व लालूचक गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। तीनों बच्चों के घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लग गई। आशीष, सोहित व राजेश के शव को देखकर उसके साथियों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। दोस्त की एक झलक देखने के लिए एक जनवरी को नाव पलटने के बाद तैर कर बाहर आए उसके साथी गुलशन कुमार, रोशन मंडल, गुलशन मंडल, संतोष कुमार, रोहित कुमार व शशि कुमार रो-रोकर बेहाल थे। सभी साथी पिकनिक के प्रोग्राम को कोस रहे थे। बता दें कि नववर्ष पर साथियों संग पिकनिक मनाने के लिए रजंदीपुर घाट पर सभी दोस्त इकट्ठा हुए थे। वे सभी नाव से दूसरी तरफ दियारा में पिकनिक मनाने के लिए छोटी नाव डेंगी से जा रहे थे। तभी तेज हवा के कारण नाव में पानी घुसने लगा और नाव डूब गई। नाव डूबने के बाद किसी तरह छह बच्चे बाहर आ गए। तीन बच्चे डूब गए थे। दोपहर बाद तीनों के शव एक साथ जलाए गए।