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ठंड से तड़पता रहा शख्स, सिपाही कहता रहा- आता हूं, आए भी मगर मरने के बाद

पत्रकार नगर थानेदार संजीत कुमार ने कहा- कोई ठंढ़ से मर गया तो इसमें पुलिस क्या कर सकती है।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 05:07 AM IST
ठंड से मौत के बाद शख्स की डेडबॉडी के पास मौजूद पुलिस। ठंड से मौत के बाद शख्स की डेडबॉडी के पास मौजूद पुलिस।

पटना. राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास शनिवार को एक शख्स ठंड से तड़पकर मर गया। आसपास के लोगों ने प्रयास किया, मगर सब बेकार गया। हैरत की बात यह रही कि बार-बार फोन करने के बाद भी पुलिस समय पर नहीं आई। युवक समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद बच जाता। पुलिस ने शव को जंक्शन स्थित शवगृह में पहुंचा दिया है।

पत्रकार नगर थानेदार संजीत कुमार ने कहा- कोई ठंढ़ से मर गया तो इसमें पुलिस क्या कर सकती है। हमारी टीम ने देखा कि टर्मिनल के पास एक शव पड़ा हुआ है तो उसे पहचान के लिए शवगृह में रख दिया गया। इस बाबत थाने में यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। सुबह दस बजे वहां से गुजर रहे छात्र मनीष कुमार ने तड़पते व्यक्ति को देख थाने के लैंडलाइन नंबर 0612-2353756 पर पांच बार फोन किया। हर बार जवाब मिला- तुरंत पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर जा रही है।

दो दिन से ब्रिज के आसपास ही देखा जा रहा था युवक

स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पिछले दो दिनों से वह व्यक्ति राजेंद्र नगर ओवरब्रिज के आसपास नजर आ रहा था। शरीर पर सिर्फ एक स्वेटर था। शनिवार की सुबह वह गिर गया व कांपने लगा। इस बीच दो पेट्रोलिंग पार्टी इधर से गुजरी। मगर रुकी नहीं।

थानेदार ने फोन नहीं उठाया

पांचवीं बार 9.30 बजे छात्र ने थाना फोन किया तो पुलिस कर्मी ने झल्लाते हुए कहा- आप लोग सर पर चढ़ जाते हैं। पुलिस के पास कई काम होता है। गाड़ी भी सीमित है हमलोगों के पास। फिर थानेदार का मोबाइल नंबर 9431822120 देते हुए कहा कि इन्हीं को फोन करें तो कोई वहां जाएगा। छात्र ने आठ बार फोन किया, थानेदार ने नहीं उठाया।

पुलिस वहां व्यस्त थी जहां मौत हो चुकी थी, जिंदगी बचाने नहीं आई

कॉलेज ऑफ कॉमर्स के स्टूडेंट मनीष कुमार ने बताया कि सुबह काॅलेज जा रहा था। मगध विश्वविद्यालय शाखा के पास एक आदमी ठंड से तड़प रहा था। मैं उसकी मदद करना चाह रहा था, पर सवाल था कैसे? दुकानदारों से पूछा, पर सब व्यस्त थे। साेचा पुलिस को बताते हैं। पत्रकार नगर थाना फोन किया। जानकारी दी। खुशी हुई कि अब पुलिस आएगी और इसे अस्पताल ले जाएगी। देर हुई तो बार-बार फोन किया। 5-6 बार एक ही जवाब मिला- पेट्रोलिंग गाड़ी जा रही है। एक बार कहा- हमलोग एक डेथ का इनवेस्टिगेशन कर आ रहे हैं। सोचा खुद अस्पताल पहुंचा दूं। ऑटो वालों से बात की। आदमी को लावारिस जान कोई तैयार नहीं हुआ। एक तैयार हुआ तो डेढ़ सौ रुपए मांगे। मेरे पास 60 रुपए ही थे। तभी भीड़ से एक व्यक्ति कंबल ले आया। किसी ने पास में आग भी जला दी। आखिरकार पुलिस आई। गाड़ी में लाद ले गई। बाद में पता चला वह मर गया। इस मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है।

मृतक की डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस। मृतक की डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस।
लड़की की कॉल डिटेल जिसने फोन कर शख्स के होने की जानकारी दी थी। लड़की की कॉल डिटेल जिसने फोन कर शख्स के होने की जानकारी दी थी।
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ठंड से मौत के बाद शख्स की डेडबॉडी के पास मौजूद पुलिस।ठंड से मौत के बाद शख्स की डेडबॉडी के पास मौजूद पुलिस।
मृतक की डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस।मृतक की डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती पुलिस।
लड़की की कॉल डिटेल जिसने फोन कर शख्स के होने की जानकारी दी थी।लड़की की कॉल डिटेल जिसने फोन कर शख्स के होने की जानकारी दी थी।
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