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पुजारी पति की मौत के बाद रोती रही पत्नी, फिर पुलिस को सुनाई ये स्टोरी

दीपक की हत्या क्यों हुई, इसे लेकर पुलिस और उसकी फैमिली उलझी है। परिजन और गांव के लोग एसएसबी के चालक पर आरोप लगा रहे हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 17, 2017, 06:59 AM IST
रोती बिलखती पुजारी की पत्नी। (बीच में) रोती बिलखती पुजारी की पत्नी। (बीच में)

मुजफ्फरपुर. शहर के 27वीं बटालियन एसएसबी कैंप के पास शनिवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में एक पुजारी जनरल स्टोर दुकानदार दीपक झा की मौत हो गई। एसएसबी के जवान (ड्राइवर) सुमित कुमार पर हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक की फैमिली मेंबर्स ने कैंप के मेन गेट पर डेडबॉडी रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपित जवान की गिरफ्तारी, मुआवजे में 4 लाख रुपए मृतक की पत्नी पूजा को नौकरी देने की मांग की।

आरोपी हिरासत में, किया सस्पेंड

दीपक की पत्नी पूजा के बयान पर बेला थाने में एसएसबी के चालक सुमित कुमार अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने सुमित को हिरासत में ले लिया है। उसे सस्पेंड कर दिया गया है। नगर डीएसपी आशीष आनंद ने बताया कि दीपक की पत्नी के बयान पर एफआईआर दर्ज हुई है। उसने एसएसबी के ड्राइवर पर हत्या का आरोप लगाया है। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुआवजे की मांग पर परिजन बेला के लोगों ने प्रदर्शन किया। कानूनी प्रक्रिया के तहत दीपक के परिजनों को हर तरह की पुलिस प्रशासनिक मदद की जाएगी।

मृतक की पत्नी ने बताई ये कहानी

पुजारी की पत्नी पूजा ने कहा कि रात 2 बजकर 3 मिनट पर दीपक को मोबाइल नंबर 8969598380 से बार-बार फोन आ रहा था। उन्होंने बताया कि एसएसबी कैंप से बुला रहा है। कुछ देर बाद काला कैप पहने एसएसबी कैंप का चालक सुजीत कुमार उर्फ सुमित दरवाजे पर पहुंचकर आवाज देने लगा। दीपक जैकेट पहनकर सुबह 4 बजे उसके साथ चले गए। सुबह 5 बजे में वह दीपक को कंधे पर लादकर लाया और कोठरी में रख दिया। कहा- करंट लग गया है, सुला दीजिए। इतना कह सुमित भाग गया। जल्दी-जल्दी में दीपक को वे लोग प्रसाद हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टर ने कहा कि मौत हो चुकी है। उधर, पोस्टमार्टम सूत्रों ने करंट से दीपक की मौत को खारिज कर दिया है। पांव में काला निशान छोटा जख्म के अलावा कोई बाहरी गंभीर चोट भी शरीर पर नहीं है। बिसरा सुरक्षित रख गया है। अंदरूनी चोट की आशंका जताई जा रही है। लेकिन, समीक्षा के बाद ही सोमवार को किसी तरह की रिपोर्ट पुलिस को एसकेएमसीएच से मिल पाएगी।

तार के घेरे के पास संघर्ष के निशान

दीपक एसएसबी कैंप के मुख्य द्वार के समीप कंटीले तार के घेरे के पास गिरे थे। वहीं उनकी दोनों चप्पल भी थीं। उक्त जगह पर जमीन पर गिरने, घिसटाने उठापटक के निशान हैं। इससे कई सवाल उठ रहे हैं। अचेत होने से पहले दीपक ने संघर्ष किया होगा। घटनास्थल से 200 मीटर पर उसका मकान है। शोर मचाने पर कई लोग पहुंच जाते। दीपक खुद भी इतना तगड़ा था कि दो तीन युवक को आसानी से संभाल सकता था।

एसएसबी के जवानों का ये है कहना

दीपक की हत्या क्यों हुई, इसे लेकर पुलिस और उसकी फैमिली उलझी है। परिजन और गांव के लोग एसएसबी के चालक पर आरोप लगा रहे हैं। जबकि, एसएसबी के जवान अधिकारी आरोप को झूठा बताकर शराब के तस्करों और जमीन के धंधेबाजों से दीपक की टशन को जोड़कर आशंका जता रहे हैं। हिरासत में लिए गए चालक सुमित ने कहा कि दीपक तार के घेरा के पास गिरा था। गांववालों का कहना था कि घेराबंदी तार में करंट है। उसी तार के पास दीपक भी गिरा था। उसे भी करंट लगा होगा।

मृत पुजारी के दोनों बच्चे। मृत पुजारी के दोनों बच्चे।
रोती बिलखती मृतका की पत्नी को संभालती महिलाएं। रोती बिलखती मृतका की पत्नी को संभालती महिलाएं।
रोते हुए मृतक के पिता। (बीच में) रोते हुए मृतक के पिता। (बीच में)
दीपक की डेडबॉडी को लेकर प्रदर्शन करते लोग। दीपक की डेडबॉडी को लेकर प्रदर्शन करते लोग।
मौके पर जुटी पुलिस। मौके पर जुटी पुलिस।
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रोती बिलखती पुजारी की पत्नी। (बीच में)रोती बिलखती पुजारी की पत्नी। (बीच में)
मृत पुजारी के दोनों बच्चे।मृत पुजारी के दोनों बच्चे।
रोती बिलखती मृतका की पत्नी को संभालती महिलाएं।रोती बिलखती मृतका की पत्नी को संभालती महिलाएं।
रोते हुए मृतक के पिता। (बीच में)रोते हुए मृतक के पिता। (बीच में)
दीपक की डेडबॉडी को लेकर प्रदर्शन करते लोग।दीपक की डेडबॉडी को लेकर प्रदर्शन करते लोग।
मौके पर जुटी पुलिस।मौके पर जुटी पुलिस।
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