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ओवरटेक करने में टकराए दो बाइक पर सवार, ट्रक के पहिए के नीचे आए 5, एक की मौत

ग्रामीणों ने ट्रक को स्टेट हाईवे-79 के बीचोंबीच खड़ा कर सड़क जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 07:31 AM IST

बक्सर (बक्सर). ट्रक को आेवरटेक करने के प्रयास में रविवार की दोपहर बासुदेवा ओपी क्षेत्र के मुकुंदडेरा के सामने दो बाइकों की आमने सामने टक्कर हो गई। जिसमें एक की माैके पर ही मौत हो गई। जबकि इस हादसे में घायल चार की हालत गंभीर बनी है। सभी को बेहतर इलाज के लिए पटना भेज दिया गया है। वहीं ग्रामीणों ने ट्रक को स्टेट हाईवे-79 के बीचोंबीच खड़ा कर सड़क जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा। जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया।

आक्रोशित ग्रामीण वरीय पदाधिकारियों के बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि समय रहते पुलिस को सूचना दी गई थी। लेकिन, एक घंटा बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मामला गंभीर हाेता देख डुमरांव एसडीओ प्रमोद कुमार आक्रोशितों को समझाने बुझाने पहुंचे। उन्हें भी आक्रोश का सामना करना पड़ा। वहीं ट्रक चालक व खलासी वाहन छोड़कर फरार हो गए है।


एक डुमरांव तो एक बिक्रमगंज की तरफ जा रहा था बाइक सवार


नावानगर थाना क्षेत्र के दुबौली गांव निवासी चिंकू दुबे (उम्र-16) पिता विशेश्वर दुबे, पंकज दुबे पिता शिवजी दुबे बाइक पर सवार होकर पुराना भोजपुर-बिक्रमगंज पथ के रास्ते डुमरांव की ओर जा रहे थे। बासुदेवा ओपी क्षेत्र के मुकुंदडेरा के समीप चिंकू दुबे ट्रक को ओवरटेक करने लगा। तभी विपरीत दिशा से सिकरौल थाना क्षेत्र के भदार गांव निवासी अजमुद्दीन मियां, कृष्णा प्रसाद व सादीर मंसूरी बाइक पर सवार होकर आ रहे थे।

घटना के बाद दोनों बाइकों के उड़ गए परखच्चे


दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतना जोरदार था कि दोनों बाइक के परखच्चे उड़ गए। पांचों बाइक सवार कुछ दूर तक सड़क पर रगड़ा खाते हुए चले गए। इसी बीच ट्रक की चपेट में चिंकू दुबे आ गया। हादसा देख आसपास के लोग दौड़ चले आए। गंभीर रूप से जख्मी चिंकू व पंकज को बेहतर इलाज के लिए बक्सर भेज दिया गया। जहां बीच रास्ते में चिंकू ने दम तोड़ दिया। वहीं अजमुद्दीन, कृष्णा व सादीर को पहले नावानगर पीएचसी में प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया। तीनों की गंभीर स्थिति देखते हुए पटना भेज दिया गया।

आधा किमी दूरी तय करने में पुलिस को लगे एक घंटे


ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे के बाद तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई। पुलिस जनप्रतिनिधियों के आने के इंतजार में थाना में बैठी रही। जब जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। तब थानाध्यक्ष अशोक कुमार दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। जबकि बासुदेवा ओपी से घटना स्थल की दूरी महज आधा किलोमीटर थी। एक घंटे बाद पुलिस को देख आक्रोशितों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर जमकर विरोध जताया। पुलिस चुपचाप आक्राेशितों के विरोध को झेलती रही। आक्रोशित ग्रामीण वरीय पदाधिकारियों को बुलाने पर अड़े हुए थे।

फरवरी में मैट्रिक परीक्षा देने वाला था चिंकू

चिंकू के परिजनों का कहना है कि वह यह कहकर निकला था कि बस अभी आ रहा हूं। उन्हें नहीं मालूम था कि बाइक लेकर निकल गया है। यदि जानकारी होती। तो जाने नहीं देते। विशेश्वर दुबे के दो संतानों पर चिंकू छोटा था। मृतक इस बार मैट्रिक की परीक्षा देने वाला था। परिजनों का कहना है कि पढ़ने में होशियार था। पूरे परिवार को उससे काफी उम्मीदें थी। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां अपने आप को रोक नहीं पाई आैर घटना स्थल पर पहुंच गई। उसकी चीखें सुन अासपास के लोग अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे। सभी की आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी। किसी तरह से चिंकू की मां को वापस घर भेजा गया। तीन घंटे बाद वाहनों का परिचालन शुरू हो पाया। आवागमन सुचारू रूप से करने में पुलिस के पसीने छूट गए।