--Advertisement--

प्रॉपर्टी के लिए भाभी और दो भतीजियों का किया था मर्डर, मिली फांसी की सजा

अदालत ने ढाई साल में 11 गवाहों को सुनने के बाद 45 पन्ने पर हत्यारे निरंजन की सजा तय कर दी।

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 05:41 AM IST
Death sentence to murder accused

भागलपुर. संपत्ति हड़पने के लिए सुल्तानगंज में मां और दो बेटियों की हत्या करने वाले निरंजन कुमार उर्फ अलखदेव को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। मंगलवार को एडीजे-5 दीपांकर पांडेय की अदालत ने ढाई साल में 11 गवाहों को सुनने के बाद 45 पन्ने पर हत्यारे निरंजन की सजा तय कर दी। कोर्ट ने 20 हजार रुपए जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।


चलाया गया था स्पीडी ट्रायल

कोर्ट ने मृतक के एकमात्र वारिस मनीष को सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को पत्र लिखने को भी कहा। इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया गया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को दिसंबर तक फैसला सुनाने का आदेश दिया था। ममेरे भाई की संपत्ति हड़पने के लिए कत्ल करने वाला शख्स रिश्ते में मृतक का फुफेरा देवर है। निरंजन को अदालत ने 18 जनवरी को दोषी पाया और उसके छोटे भाई वीरेंद्र को साक्ष्य के अभाव में बरी किया था। सरकार की ओर से लोक अभियोजक सत्यनारायण प्रसाद साह और बचाव पक्ष से पवन कुमार साह ने बहस में हिस्सा लिया।

धारदार हथियार से की थी हत्या

मामला ढाई साल पुराना है। 23-24 जून 2015 की आधी रात सुल्तानगंज के बालूघाट रोड स्थित कुशवाहा टोली में अजय साह की पत्नी रेखा देवी और उनकी दो बेटियां कोमल कुमारी व अंशु कुमारी की धारदार हथियार से हत्या की गई थी। काजीचक की रेखा के भाई पंकज कुमार साह ने हत्या का इल्जाम अजय के ममेरे देवर निरंजन और उसके छोटे भाई वीरेंद्र पर लगाया था।

पुलिस ने बनाए थे 11 सरकारी गवाह

बकौल पंकज, निरंजन की नजर अजय की संपत्ति पर थी। इसकी जानकारी रेखा अक्सर मायके वालों को देती रहती थी। रेखा ने कहा था कि निरंजन के नाम संपत्ति न होने पर वह सभी की हत्या कर देगा। पंकज ने यह भी कहा कि निरंजन ने छोटे भाई वीरेंद्र के सहयोग से रेखा व उसकी दोनों बेटियों का कत्ल कर दिया। एफआईआर के बाद पुलिस ने भी पंकज की आशंका को सही पाया। निरंजन व वीरेंद्र के खिलाफ 20 सितंबर 2015 को चार्जशीट दाखिल की गई। 20 नवंबर 2015 को अदालत ने अारोप का गठित करते हुए ट्रायल शुरू किया। पुलिस ने 11 सरकारी गवाह बनाए थे। सभी गवाहों ने बयान का समर्थन भी किया।

Death sentence to murder accused
Death sentence to murder accused
X
Death sentence to murder accused
Death sentence to murder accused
Death sentence to murder accused
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..