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शराब पीकर अस्पताल पहुंचा डॉक्टर लेबर रूम में घुसकर बोला- डिलीवरी मैं करूंगा

रात करीब 12.30 बजे डॉ. विवेक अपने रूम से उठकर चाइल्ड-मदर केयर सेंटर में चला गया। वहां काफी तीमारदार बरामदे में बैठे थे।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 07:44 AM IST

मोहाली. श्री गंगानगर से ट्रांसफर होकर एक महीना पहले मोहाली सिविल अस्पताल आए चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. विवेक ने रविवार देर रात शराब पीकर अस्पताल मे हंगामा किया। डॉ. विवेक नशे में उस लेबर रूम में घुस गया, जहां एक महिला की डिलीवरी चल रही थी। वहां स्टाफ से अभद्र व्यवहार किया और कहा- हटो, डिलीवरी मैं करूंगा। इस पर वहां हंगामा हो गया।

महिला के साथ आई बुजुर्ग स्वर्ण कौर ने डॉ. विवेक को बाहर निकाला। हंगामा आधी रात तक चलता रहा। हालांकि विवेक की हरकतें सीसीटीवी में कैद हो गईं, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे बचाने के लिए तर्क दिया कि कोई कैमरा नहीं चलता। सोमवार सुबह कुछ मरीजों के तीमारदारों की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर विवेक के खिलाफ डीडीआर दर्ज कर ली । इससे पहले डॉ. विवेक ने चौकी के मेन गेट पर भी लातें मारीं और कॉन्स्टेबल से कहा-मूछें नीचे कर, नहीं तो काट दूंगा।

लेबर रूम में घुसा तो बुजुर्ग सास ने अपनी गर्भवती बहू को ओढ़ाया शॉल

रात करीब 12.30 बजे डॉ. विवेक अपने रूम से उठकर चाइल्ड-मदर केयर सेंटर में चला गया। वहां काफी तीमारदार बरामदे में बैठे थे। बुजुर्ग स्वर्ण कौर, नितिन, हरप्रीत सिंह, हरमेश सिंह, सुखविंदर सिंह और अन्यों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि डॉक्टर ने आधी रात को सबके साथ बदतमीजी की। इस दौरान एक गर्भवती को लेबर पेन हुई तो ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ उसे डिलीवरी के लिए लेबर रूम में ले गया। जब उसकी डिलीवरी हो रही थी तो डॉ. विवेक लेबर रूम में घुस गया और स्टाफ से बोला कि हटो, मैं डिलीवरी करवाता हूं। इस पर वहां हंगामा हो गया। इस पर प्रेग्नेंट महिला की सास बुजुर्ग स्वर्ण कौर भी अंदर पहुंच गई और डॉक्टर की हरकत देख अपनी बहू को शॉल से ढंका। उसके बाद उन्होंने और स्टाफ ने काफी मशक्कत के बाद डॉ. विवेक को बाहर निकाला।

कॉन्स्टेबल बोला-इसे रूम तक छोड़ दो...


रविवार रात करीब 11.45 बजे अस्पताल कैंपस में रहने वाला डॉ. विवेक 108 एंबुलेंस के ड्राइवरों के रूम का दरवाजा खटखटाने लगा। एक चालक उसे चौकी ले गया। चौकी के मुख्य गेट पर डॉ. विवेक ने लातें मारीं और जोर से आवाजें देेने लगा। एक कॉन्स्टेबल बाहर निकला, जिसने मूछें ऊपर कर रखी थीं। डॉ. विवेक ने उससे कहा-मूछें नीचे कर, नहीं तो काट दूंगा। तू जानता नहीं मैं कौन हूं। कॉन्स्टेबल ने साथ आए चालक से कहा-इसे इसके कमरे तक छोड़ दो। चालक ने उसे वहां छोड़ दिया।

डॉक्टर ने इक्यूबेटर रूम में घुसकर अंदर से दरवाजा बंद किया


शिकायतकर्ताओं ने बताया कि डॉ. विवेक को जब लेबर रूम से बाहर निकाला तो वह इंक्यूवेटर रूम में घुस गया और अंदर से कुंडी लगा ली। स्टाफ डॉ. विवेक को वहां से जाने के लिए मिन्नतें करता रहा। इसके बाद बाकी डॉक्टरों ने डॉ. विवेक को बाहर निकाला। उसके बाद जब डॉ. विवेक का नशा थोड़ा कम हुआ तो वह चला गया। डॉ. विवेक का कहना है कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं। रात को वह नहीं कोई और होगा।