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डॉक्टरों की हैवानियत : इलाज के पैसे कम पड़े तो बच्ची को 24 घंटे बंधक रखा

बच्ची के इलाज की किसी तरह की रसीद या दवा की लिस्ट भी नहीं दी गई थी।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 05:16 AM IST
प्राइवेट क्लिनिक जीवक हॉस्पिटल में सात साल की बच्ची के पैर बांधकर उसे 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखे जाने का मामला सामने आया है। प्राइवेट क्लिनिक जीवक हॉस्पिटल में सात साल की बच्ची के पैर बांधकर उसे 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखे जाने का मामला सामने आया है।

गया (बिहार). यहां के प्राइवेट क्लिनिक जीवक हॉस्पिटल में सात साल की बच्ची के पैर बांधकर उसे 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखे जाने का मामला सामने आया है। वह भी यह तब किया गया, जब परिजनों ने अस्पताल में पहले ही ग्यारह हजार रुपए जमा कर दिए थे। दवा की बिना कोई पुर्जा के ही बारह हजार रुपए की मांग की जा रही थी। गरीब परिवार वालों ने गरीबी की बात कह कुछ समय मांगा, तो बच्ची को बंधक बना लिया गया।

अस्पताल में पिटाई भी की

- बताया जा रहा कि अजय तांती नाम के शख्स की बेटी गुंजा कुमारी सीढ़ी से शनिवार को गिर गई थी।

- परिजनों ने बच्ची को एपी कालोनी मोड़ के समीप रहे जीवक अस्पताल में एडमिट कराया था।

- अस्पताल में इलाज के लिए परिजनों ने ग्यारह हजार रुपए जमा कर दिए थे।

- रविवार को बच्ची को डिस्चार्ज करने की बात आई, तो अस्पताल प्रबंधन ने बारह हजार रुपए की और मांग की।

- पैसे देने में बेबसी जताते हुए समय मांगा तो अस्पताल प्रबंधन ने लड़की के पैर बांध बंधक बना लिया और रुपए लेकर आने के बाद ही छोड़ने की बात कही।

- वहीं मासूम बच्ची का कहना था कि पैर बांधकर बंधक बनाए जाने के बाद उसके साथ मारपीट भी की गई।

दो कर्मी हिरासत में

- अस्पताल की इस रवैए को देख परिजन घबरा गए। किसी तरह परिवार के लोगों ने यहां के लोकल नेता ओम यादव को इसकी जानकारी दी।

- इस मामले की जानकारी के बाद रामपुर थाना की पुलिस जीवक अस्पताल में पहुंची। अस्पताल के दो कर्मियों को हिरासत में लिया और थाना लेकर चली गई।

- बच्ची के इलाज की किसी तरह की रसीद या दवा की लिस्ट भी नहीं दी गई थी। इधर पुलिस की कार्रवाई के बाद अस्पताल के अन्य कर्मी फरार हो गए थे।

पुलिस का है कहना

रामपुर थानाध्यक्ष सुजय विधार्थी ने बताया कि इस मामले को लेकर जीवक अस्पताल के प्रबंधक डा. घनश्याम कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हिरासत में लिए गए दोनों कर्मियों को छोड़ दिया गया। केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।

अजय तांती नाम के शख्स की बेटी गुंजा कुमारी सीढ़ी से शनिवार को गिर गई थी। अजय तांती नाम के शख्स की बेटी गुंजा कुमारी सीढ़ी से शनिवार को गिर गई थी।
परिजनों ने बच्ची को एपी कालोनी मोड़ के समीप रहे जीवक अस्पताल में एडमिट कराया था। परिजनों ने बच्ची को एपी कालोनी मोड़ के समीप रहे जीवक अस्पताल में एडमिट कराया था।
अस्पताल में इलाज के लिए परिजनों ने ग्यारह हजार रुपए जमा कर दिए थे। अस्पताल में इलाज के लिए परिजनों ने ग्यारह हजार रुपए जमा कर दिए थे।
बच्ची को डिस्चार्ज करने की बात आई, तो अस्पताल प्रबंधन ने बारह हजार रुपए की और मांग की। बच्ची को डिस्चार्ज करने की बात आई, तो अस्पताल प्रबंधन ने बारह हजार रुपए की और मांग की।
पैसे देने में बेबसी जताते हुए समय मांगा तो अस्पताल प्रबंधन ने लड़की के पैर बांध बंधक बना लिया और रुपए लेकर आने के बाद ही छोड़ने की बात कही। पैसे देने में बेबसी जताते हुए समय मांगा तो अस्पताल प्रबंधन ने लड़की के पैर बांध बंधक बना लिया और रुपए लेकर आने के बाद ही छोड़ने की बात कही।
मासूम बच्ची का कहना था कि पैर बांधकर बंधक बनाए जाने के बाद उसके साथ मारपीट भी की गई। मासूम बच्ची का कहना था कि पैर बांधकर बंधक बनाए जाने के बाद उसके साथ मारपीट भी की गई।
अस्पताल की इस रवैए को देख परिजन घबरा गए। किसी तरह परिवार के लोगों ने यहां के लोकल नेता ओम यादव को इसकी जानकारी दी। अस्पताल की इस रवैए को देख परिजन घबरा गए। किसी तरह परिवार के लोगों ने यहां के लोकल नेता ओम यादव को इसकी जानकारी दी।