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बिहार में ई-सिगरेट पर लगी पाबंदी, बेचने और पीने पर एक से तीन साल की कैद

ह एक डिवाइस है। इसके दो भाग हैं-कस्टमाइजर और बैट्री। कस्टमाइजर में कार्टिज और ऑटोमाइजर होता है।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 04:45 AM IST

पटना. राज्य में ई-सिगरेट पर पाबंदी लगा दी गई है। इसे जो बेचेगा, पीएगा उसे 1 से 3 साल तक की कैद की सजा होगी। 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगेगा। राज्य सरकार ने वैसे सभी निकोटिन युक्त उत्पादों को भी प्रतिबंधित कर दिया है, जो ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा अनुमोदित नहीं हैं। इधर, खासकर किशोरों में ई-सिगरेट का चलन खूब बढ़ा है। सरकार ने ई-सिगरेट को, धूम्रपान रोकने के नाम पर निकोटिन के इस्तेमाल का तरीका या सामान माना है।


औषधि नियंत्रक रवींद्र कुमार सिन्हा के आदेश में कहा गया है-ई (इलेक्ट्रॉनिक) सिगरेट के जरिए निकोटिन का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके क्रय-विक्रय (ऑनलाइन सहित), विज्ञापन, विक्रय के लिए प्रदर्शन, निर्माण, भंडारण, वितरण आदि पर पूर्ण नियंत्रण के लिए, इसके उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करें। इन धाराओं में 1 से 3 साल की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है। यह आदेश सभी सहायक औषधि नियंत्रक, औषधि निरीक्षकों को दिया गया है। सिविल सर्जनों से कार्रवाई को कहा गया है। आदेश में, ई-सिगरेट से जुड़ी असलीयत स्पष्ट की गई है। कहा गया है-बिहार में इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम के माध्यम से निकोटिन युक्त उत्पाद का दुरूपयोग किया जा रहा है। यह रोका जाए।

नई पीढ़ी को लाभ

प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में गठित राज्य तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की छठी बैठक में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। तंबाकू नियंत्रण में ‘सीड्स’ के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने कहा-इस फैसले से धूम्रपान (निकोटिन) की लती बनती नई पीढ़ी को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।

8 और राज्यों में है ई-सिगरेट पर रोक : पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, मिजोरम, जम्मू कश्मीर, उत्तरप्रदेश।

क्या है ई-सिगरेट

यह एक डिवाइस है। इसके दो भाग हैं-कस्टमाइजर और बैट्री। कस्टमाइजर में कार्टिज और ऑटोमाइजर होता है। कार्टिज के आखिर में निकोटिन वाला लिक्विड होता है। ऑटोमाइजर, निकोटिन युक्त लिक्विड को धुआं बनने तक गर्म करता है। बैट्री, डिवाइस को पावर व एलईडी लाइट देती है। पीने वाला लिक्विड की कश लेता है और लिक्विड, ऑटोमाइजर से धुआं बनने के बाद हलक में उतरता है। इसे रिचार्ज किया जाता है। इसकी ज्यादातर बिक्री ऑनलाइन होती है।