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मंत्री ने कहा- नियोजित शिक्षकों का वेतन अब 20-22 हजार हो गया है, आगे और बढ़ेगा

मंत्री ने कहा- स्कूलों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस में दिक्कत है पर ये हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स में जल्द होगी।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 05:02 AM IST

पटना. शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने शनिवार को भास्कर के खुला मंच कार्यक्रम में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को सरकार का ड्रीम बताया। कहा- छात्रों की उच्च शिक्षा में पढ़ाई जारी रखने के लिए सुविधा दिलाने के लिए शिक्षा ऋण की व्यवस्था कराई गई है। बैंकों के नकारात्मक रवैए के कारण सरकार वित्तीय निगम बना रही है, अब उसी के माध्यम से शिक्षा ऋण दिया जाएगा। एक सवाल पर कहा- स्कूलों में बायोमैट्रिक हाजिरी में व्यवहारिक कठिनाई है। उच्च शिक्षण संस्थानों में जल्द बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू होगी। गलत तरीके से बहाल शिक्षकों को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।


स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से लोन के लिए सरकार बना रही वित्तीय निगम

रोहतास के अनुभूति सिन्हा व विनोद कुमार सिन्हा के कंप्यूटर शिक्षकों की पुन: बहाली के सवाल पर कहा कि इस संबध में विधानमंडल में भी जवाब दिया था। एजेंसी के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षक की बहाली हुई थी। एजेंसी से करार समाप्त होने के बाद इनकी सेवा स्वतः समाप्त हो गई है। सरकार ने इन्हें बहाल नहीं किया था। कंप्यूटर शिक्षकों के साथ सरकार की पूरी सहानुभूति है। कंप्यूटर शिक्षा आज आगे बढ़ने के लिए अनिवार्य है।

शनिवार को खुला मंच की दसवीं कड़ी में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा उपस्थित थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए दैनिक भास्कर के चयनित पाठकों के सवालों का जवाब दिया। मंत्री ने कहा शिक्षा व्यवस्था में सुधार को सरकार संकल्पित है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सुधार हो रहे हैं। शिक्षकों के सवालों पर सरकार उचित कार्रवाई करेगी। योजना भी बनाएगी। मंत्री ने भास्कर के पाठकों का आभार भी जताया।

- मुंगेर के रजनीकांत झा ने पूछा कि नियोजित शिक्षकों को कम वेतन में ही काम करना पड़ रहा है। स्थानांतरण की सुविधा कब तक मिलेगी?
- मंत्री :
नीतीश सरकार में ही सबसे ज्यादा शिक्षकों का नियोजन हुआ। उस समय निजी स्कूलों में शिक्षकों को महज 1000 रुपए मिलते थे। राज्य सरकार ने 4000 रुपए पर रखा। समय-समय पर मानदेय बढ़ाया गया। अब वेतनमान मिलने के बाद शिक्षकों को 20 से 22 हजार रुपए मिलने लगे हैं। सरकार आगे भी नियमानुसार राशि बढ़ाएगी। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जब तक मामला है, शिक्षकों की सेवाशर्त लागू नहीं की जा सकती है। कोर्ट में मामला नहीं होता तो सेवाशर्त लागू कर स्थानांतरण की सुविधा दे दी जाती।

- समस्तीपुर के गणेश प्रसाद यादव ने पूछा कि वित्तरहित कॉलेजों के शिक्षक भूखे हैं? 5 साल से वेतन नहीं मिला है?
- मंत्री :
यह बात सच है कि जब तक शिक्षक भूखा है, ज्ञान का सागर सूखा है। दो माह में वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के लिए लगभग 380 करोड़ रुपए जल्द जारी हो जाएंगे। मामला प्रक्रियाधीन है। पिछले दिनों कैबिनेट में कुछ प्रश्न के साथ इस फाइल को लौटाया गया है। जल्द ही निराकरण कर फिर कैबिनेट से अनुमति लेकर राशि जारी कर दी जाएगी। वित्तरहित शिक्षा नीति को वित्त सहित करने के लिए ही मुख्यमंत्री ने यहां के कर्मियों के हित में सकारात्मक कदम उठाया था।

- पटना के नवनीत कुमार ने पूछा कि शिक्षकों को मिड डे मील सहित गैर शैक्षणिक कार्यों से कब तक मुक्ति मिलेगी?
- मंत्री :
शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाना चाहिए। सीएम ने नीति आयोग की बैठक में शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने के लिए जोरदार वकालत की थी। पर यह भी देखना होगा कि कई स्कूलों में शिक्षक एमडीएम प्रभारी बनने के लिए बेचैन रहते हैं। आखिर इसमें उन्हें क्या फायदा होता है, वे ही बता सकते हैं। एमडीएम से शिक्षकों को अलग रखने के लिए जब तक केंद्र से निर्णय नहीं हो जाए, तब तक परेशानी है।