पटना

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स्मार्ट सिटी : पटना में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, सड़क भी होगी स्मार्ट

अभी शहर में मिनी सिटी बसें चलती हैं। इनकी उंचाई बहुत ही कम है। इसमें खड़े होकर लोग यात्रा नहीं कर पाते हैं।

Danik Bhaskar

Feb 09, 2018, 06:03 AM IST

पटना. राजधानी के लोग जल्द ही प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक बस से यात्रा करेंगे। पटना के परिवहन सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की मंजूरी दी गई है। प्रमंडलीय आयुक्त सह पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में 30 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों की खरीद के लिए स्मार्ट सिटी फंड से 20 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। 60 प्रतिशत राशि का भुगतान भारत सरकार करेगी। राज्य सरकार को 40 प्रतिशत राशि खर्च करनी है। परिवहन विभाग इन बसों को चलाएगा।


परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त से बसें खरीदने के लिए राशि मंजूर करने का अनुरोध किया गया था। इसकी गुरुवार को मंजूरी मिली है। अब केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। अभी राजस्थान में इलेक्ट्रिक बस चलाने की योजना शुरू हो रही है। इन बसों के चलने के बाद शहर के लोगों की यात्रा सुविधाजनक हो जाएगी। लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। जाम से राहत मिलेगी।

अभी चल रहीं कम ऊंचाई वाली सिटी बसें


अभी शहर में मिनी सिटी बसें चलती हैं। इनकी उंचाई बहुत ही कम है। इसमें खड़े होकर लोग यात्रा नहीं कर पाते हैं। वहीं, परिवहन निगम की बसें परिचालन फ्रेजर रोड, बेली रोड, कंकड़बाग रोड पर चलती हैं। इस कारण शहर में रहनेवाले ज्यादातर लोग ऑफिस जाने, मार्केटिंग करने के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, लोगों को हर रोज जाम से जूझना पड़ता है।

अदालतगंज लेक एरिया का होगा पुनर्विकास


स्मार्ट सिटी योजना के तहत 55 करोड़ की लागत से हार्डिंग पार्क का विकास किया जाएगा। बैठक में इसकी भी मंजूरी दी गई है। प्रमंडलीय आयुक्त ने हार्डिंग पार्क को विकसित करने के लिए 5 मई तक डीपीआर बनाने, 17 करोड़ की लागत से अदालतगंज लेक एरिया का पुनर्विकास करने के लिए 15 दिनों में डीपीआर बनाने, 54 सरकारी भवनों पर सोलर रूफ टॉप लगाने का डीपीआर 10 मार्च तक देने का निर्देश दिया है। सोलर रूफ टॉप लगाने के लिए 5 अप्रैल को 2 बजे दिन में टेंडर लिया जाएगा।

शहर में लगाए जाएंगे 1000 सीसीटीवी कैमरे


आयुक्त कार्यालय में गुरुवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान शहर भर में हाई क्वालिटी के 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी मंजूरी मिली। इसका नियंत्रण कमांड कंट्रोल के जरिए किया जाएगा। इसके लिए 10 हजार वर्गफीट में छह मंजिला स्थायी भवन बनाया जाएगा। वरीय आरक्षी अधीक्षक कार्यालय के आसपास जगह चिह्नित करने का निर्देश भूमि उपसमाहर्ता को दिया गया है। इस परियोजना पर 5 साल में 177 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

5 मार्च तक सड़कों की डीपीआर


शहर की सड़कों को दो भागों में बांटकर स्मार्ट बनाने की मंजूरी दी गई है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि 5 मार्च तक डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया है। 5 अप्रैल को टेंडर खोलने और 4 मई से काम शुरू करने को कहा गया है। वीरचंद पटेल पथ के विकास के लिए 15 मार्च तक डीपीआर बनाने, मंदिरी नाला के लिए 25 फरवरी तक डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया है। सदर के उप समाहर्ता को 15 दिनों में मंदिरी नाला क्षेत्र में बने इंदिरा आवास एवं जमीन का पर्चा का जांच वस्तुस्थिति बताने को कहा गया है। बैठक में नगर आयुक्त केशव रंजन, बुडको के प्रबंध निदेशक, आयुक्त के सचिव सहित स्मार्ट सिटी से संबंधित सभी एजेंसी के पदाधिकारी मौजूद थे।

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