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बिहार के सभी गांवों में पहुंची बिजली, ऐसा करनेवाला बना 17वां राज्य

हर गांव और 24 घंटे बिजली की कल्पना तक नहीं की गई थी। पर, आज यह सब संभव हो रहा है।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 03:30 AM IST
रिमोट दबाकर बिजली क्षेत्र की योजनाओं का शिलान्यास और उद्‌घाटन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। रिमोट दबाकर बिजली क्षेत्र की योजनाओं का शिलान्यास और उद्‌घाटन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

पटना. बिहार के सभी गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला बिहार 17वां राज्य है। बुधवार को अधिवेशन भवन में आयोजित समारोह में इसकी घोषणा की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3030.52 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण भी किया। इसके बाद समारोह को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि सूबे में थर्मल की जगह बड़े सौर बिजलीघर लगेंगे। कजरा और पीरपैंती में थर्मल की जगह सौर प्लांट लगेंगे। प्राकृतिक संसाधन सीमित होने के कारण कोयला आधारित बिजलीघरों की जगह सौर उर्जा वाले प्लांट पर ध्यान केन्द्रीत किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा बेहतर विकल्प हो सकता है। लिहाजा इसे बढ़ावा देना होगा।


12 साल में बिहार ने तय की लंबी यात्रा

सीएम ने कहा कि 12 वर्षों में बिहार ने पावर सेक्टर में लंबी यात्रा तय की है। हर प्रक्षेत्र में काम हो रहा है। हर गांव और 24 घंटे बिजली की कल्पना तक नहीं की गई थी। पर, आज यह सब संभव हो रहा है। बिजली उत्पादन से लेकर ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन में बेहतर काम हो रहा है। गांवों तक बिजली पहुंचा दी गई है और अब बिजली कंपनी अपने संकल्प के अनुसार अप्रैल तक सारे टोलों तक बिजली पहुंचाए। नीतीश कुमार ने कहा कि हर प्रखंड में कम से कम एक पावर सब स्टेशन बनाने का निर्णय लिया गया था। अब इस योजना का विस्तार करते हुए यह सीमा खत्म की जा रही है। जरूरत के अनुसार ब्लाकों में सब स्टेशन बनेंगे। कई ब्लाॅक 39 पंचायतों के हैं तो कई चार-पांच पंचायतों के। दोनों को एक तरह से नहीं देखा जा सकता। ऐसे में एक ब्लॉक में जरूरत पड़ने पर एक से अधिक पावर सब स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

हमारी योजना को अपना रही केंद्र सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के कार्यों की केन्द्र ने प्रशंसा की है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है। यह भी बहुत खुशी की बात है कि केंद्र ने हमारी योजना को सराहा और इसका अनुकरण करते हुए सौभाग्य योजना की शुरुआत की है। सीएम ने कहा-मैंने 15 अगस्त 2012 को गांधी मैदान में कहा था कि यदि बिजली की स्थिति नहीं सुधार सका तो वह लोगों के बीच वोट मांगने नहीं जाएंगे। आज कितना काम हुआ है। आज सभी गांवों तक बिजली पहुंच गई।

देश के 29 में इन 12 राज्यों के सभी गांवों में अब तक नहीं पहुंची है बिजली
अरुणाचल, असम, छत्तीसगढ़, जम्मू- कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, उत्तराखंड।

हर खेत को बिजली से जोड़ने की योजना: बिजेंद्र

उर्जामंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर खेत को बिजली से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनायी गई है। बिहार ने 12 वर्षों में पावर सेक्टर में जितनी प्रगति की है, उसकी कल्पना भी नहीं की गई थी। 700 मेगावाट से अपनी यात्रा शुरू की और 4500 मेगावाट से अधिक पर पहुंच चुके हैं।

इधर, सीएम की समीक्षा यात्रा का दूसरा चरण आज जमुई से शुरू होगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा का दूसरा चरण गुरुवार को जमुई से शुरू होगा। मुख्यमंत्री सुबह 10.45 बजे हेलीकॉप्टर से जमुई रवाना होंगे। वहां पर काला गांव और मुंगेर के जानकीनगर में विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास के साथ ही आम सभाएं भी करेंगे।

कस्टमर्स को सब्सिडी से रुकेगा दुरुपयोग

नीतीश कुमार ने बुधवार को अधिवेशन भवन में कहा कि आज बिजली की उपलब्धता बढ़ी है। गांवों में भी बेहतर स्थिति है। प्रकाश पर्व में बिजली की उपलब्धता काफी अच्छी रही। कहीं बिजली गुल नहीं हुई। ऐसा तब है, जबकि मुख्यमंत्री आवास में भी बिजली कट जाती है। बिजली कंपनियों-इंजीनियरों के लिए इससे बेहतर प्रमाणपत्र क्या हो सकता है? यह सबसे अच्छा सर्टिफिकेट है।

उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली को लेकर कंपनी को सब्सिडी देने का प्रावधान कब से और कैसे हुआ, इसकी खोज की तो स्पष्ट ही नहीं हुआ। बिजली बोर्ड तक के कागजात खंगाले गए। इसके बाद हमने हर घर में बिजली का कनेक्शन के बाद दूसरा इनिसिएटिव लिया। यह था जीरो सब्सिडी का प्रस्ताव रेग्युलेटरी अथॉरिटी के पास भेजना। हमने कहा था कि जो बिजली की दर तय करने वाली रेग्युलेटरी अथॉरिटी है, उसके पास जीरो सब्सिडी पर इसका प्रस्ताव रखा जाए। नई बिलें नई दर पर आएंगी। हम बिजली कंपनी की जगह उपभोक्ता को सब्सिडी देंगे। उन्हें जब सब्सिडी मिलेगा तो उनको पता चल जाएगा कि राज्य सरकार उनको कितना सब्सिडी दे रही है। साथ ही दोनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को भी यह पता चलेगा कि उनकी एफिशिएंसी में कमी के कारण हमलोगों को कितना पैसा देना पड़ता है। जब लोगों को यह सब मालूम होगा तो वे बिजली का दुरुपयोग कम करेंगे। उनमें नैतिकता की भावना जगेगी और अच्छी सोच विकसित होगी। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां अपने एफिशिएंसी को कैसे बढ़ाएं, इसके लिए काम करेंगी।

और बेहतर करें बिलिंग सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलिंग सिस्टम पहले से बेहतर तो हुआ है, लेकिन इसमें और बेहतर की संभावना है। बिजली कंपनी टाइम पर और उचित बिल दें, इससे फायदा होगा। लोक शिकायत निवारण कानून के तहत बिलिंग में करीब 14 से 15 हजार शिकायतों का निपटारा हुआ है। लोग संतुष्ट हुए हैं। वहीं केंद्रीय ऊर्जा सचिव एके भल्ला ने कहा कि बिहार के सभी गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है। हर घर बिजली के लिए केंद्र सरकार बिहार को हर संभव सहायता देगा। वहीं विकास आयुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि पावर सेक्टर में आज बिहार की स्थिति काफी मजबूत हो चुकी है।


गांवों में लोगों के चेहरे पर खुशी : मुख्य सचिव

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में 10-12 साल में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। आज बिजली के क्षेत्र में जितने काम हुए हैं, उससे लोगों में प्रसन्नता है। उनके चेहरे पर खुशी है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी प्रत्यय अमृत ने कहा कि गावों में बिजली पहुंचाने के बाद हमारा टारगेट टोलों में बिजली पहुंचाने का है। 106249 टोलों में बचे 21 हजार टोलों में बिजली पहुंचानी है। अगले साल के अंत तक हर घर तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य पर काम होगा।

ट्रांसफार्मर के खंभे पर लगाएं बोर्ड : मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली ट्रांसफार्मर के पिलर पर बोर्ड लगाकर उस पर पुलिस और मद्य निषेध विभाग का नंबर जरूर अंकित करवा दें। आकर्षक ढंग के कुछ स्लोगन भी लिखवाएं, जिससे लोगों का उस पर ध्यान जाए।