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बिहार में 15 अरब सालाना कारोबार का है इनका लक्ष्य, 500 एकड़ में खुदवाया तालाब

2005 से 2012 तक एमपीडा और अन्य कंपनियों में मत्स्य पालन और व्यवसाय क्षेत्र में नौकरी की।

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 06:29 AM IST
यशवीर चौधरी। (फाइल फोटो) यशवीर चौधरी। (फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर. समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीडा) की अच्छी-खासी आमदनी वाली नौकरी छोड़ कर मछली पालन में जुटे यशवीर कुमार चौधरी 100 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। अपने साथ अप्रैल 2012 से करीब छह साल में मछली पालन में 500 से अधिक किसानों को भी जोड़ चुके हैं। वह तिरहुत प्रमंडल, मिथिला और पूर्वी उत्तर प्रदेश को मछली का हब बनाने में जुटे हैं। वह बिहार में मछली कारोबार को सालाना 15 अरब रुपए से अधिक तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहे हैं।

मुंबई से ली है अक्वाकल्चर में एमएससी की डिग्री

मूल रूप से समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय के यशवीर ने 2004 में सीआईएफई मुंबई से अक्वाकल्चर में एमएससी की डिग्री ली। 2005 से 2012 तक एमपीडा और अन्य कंपनियों में मत्स्य पालन और व्यवसाय क्षेत्र में नौकरी की। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और वैशाली जिलों में तालाब खुदवाने लगे।

किसानों को देंगे प्रति एकड़ एक लाख रुपए सालाना

यशवीर चौधरी मछली पालन करने वालों को तकनीकी सहायता और सरकारी अनुदान दिलाने में भी मदद करते हैं। उनका दावा है कि तिरहुत-मिथिला के जो किसान खुद मछली पालन नहीं कर सकते, उन्हें जलकर उपलब्ध करा देने पर किसान को प्रति एकड़ जलक्षेत्र के लिए सालाना एक लाख रुपए देंगे। फिलहाल 40 छोटे किसानों के करीब 86 एकड़ अतिरिक्त जल क्षेत्र में यशवीर मछली पालन कर रहे हैं।

स्वचालित मशीन से काट कर होगी मछली की बिक्री

मछलियों की बिक्री स्वचालित मशीनयुक्त ट्रक से घर-घर जाकर होगी। इसमें अलग-अलग किस्म की जिंदा मछली एक्वेरियम की तरह टैंक में रहती है। अपनी पसंद की मछली वाला बटन दबा कर वजन डालना होता है। मछली पीस में कट कर ही निकलती है। ऐसी मशीन युक्त मोबाइल वैन के जरिए ही गली-मोहल्लों तक तय समय पर मछली की बिक्री की जाएगी। यह विधि डेमो में सफल रही है।

400 एकड़ में तालाबों का कराया है निर्माण

जगह जल क्षेत्र
नारसन चौर, सरैया 150 एकड़
मुतलूपुर, बंदरा 86 एकड़
साइन चौर, कांटी 30 एकड़
बंका चौर, सकरा 24 एकड़
कुढ़नी चौर, कुढ़नी 24 एकड़

सरैया के नरसन चौर में 106 एकड़ में मत्स्यपालन केंद्र। सरैया के नरसन चौर में 106 एकड़ में मत्स्यपालन केंद्र।
स्वचालित मशीन से काट कर होगी मछली की बिक्री। स्वचालित मशीन से काट कर होगी मछली की बिक्री।