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नुकसान हुआ तो तैयार कर रहे गोभी के बीज, प्रति एकड़ डेढ़ लाख तक आमदनी

किसानों ने बर्बाद होने वाली गोभी से अधिक कीमत लेते हुए मल्टीनेशनल कंपनी को मात देने की तरकीब निकाली।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 07:22 AM IST
गोभी के फूलों को संवारता किसान। गोभी के फूलों को संवारता किसान।

मुजफ्फरपुर. इस वर्ष गोभी की फसल में अत्यधिक नुकसान होने के बाद मीनापुर प्रखंड के किसानों ने खेत को खाली करने के लिए अपनी फसल को बर्बाद कर दिया। लेकिन, सकरा प्रखंड के साथ ही वैशाली जिले के किसानों ने इस बर्बादी से आमदनी का तरीका निकाला। बर्बाद होने वाले गोभी के फूलों से पैसा कमाने की तरकीब निकाल ली है। अपने उत्पाद को औने-पौने कीमत पर बेचने के बदले सकरा प्रखंड के किसान गोभी का बीज तैयार कर रहे हैं।

किसानों को उम्मीद है कि अब उन्हें प्रति


एकड़ डेढ़ लाख रुपए तक की आमदनी होगी। सकरा प्रखंड के मिश्रोलिया गांव के मो. रजाउल, मो. शम्स आलम समेत अन्य किसान गोभी की की कीमत में अत्यधिक कमी आने के बाद परेशान हो उठे। लेकिन, किसानों ने तैयार फसल को कौड़ी के भाव पर नहीं बेचने का निर्णय लिया। किसानों ने उसका बीज तैयार करने का निर्णय लिया। किसानों ने बर्बाद होने वाली गोभी से अधिक कीमत लेते हुए मल्टीनेशनल कंपनी को मात देने की तरकीब निकाली।

किसानों के पास पहुंचने लगे कंपनियों के प्रतिनिधि


किसान मो. शम्स आलम ने बताया कि गोभी के दस ग्राम का पैकेट 150 से 250 रुपए में खरीदने पर दो कट्ठे में खेती होती है। अब मल्टीनेशनल कंपनी के बदले अपनी गोभी के बीज का ही उपयोग करेंगे। मो. रजाउल ने बताया कि बीज उत्पादन के लिए पहले केंद्रीय आरएयू कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से जानकारी ली। अब बीज तैयार होने के बाद कई कंपनियों के प्रतिनिधि भी बेहतर बीज की तकनीकी जानकारी दे रहे हैं।

2500 एकड़ में गोभी का बीज कर रहे तैयार


मिश्रोलिया के मो. कफील की मानें तो केवल इस गांव में 30 एकड़ में लगी गोभी की फसल से उसका बीज तैयार किया जा रहा है। ढोली के आसपास के गांवों के साथ ही वैशाली जिले को मिलाकर लगभग ढाई हजार एकड़ में किसान गोभी का बीज तैयार करने में जुटे हुए हैं। इसी बीज को अब अगले सीजन में लगाने के साथ स्थानीय दुकानदारों के साथ ही बीज कंपनियों को भी बेचने की तैयारी है। एक माह के बाद इसमें बीज तैयार हो जाएगा। किसान इसी बीज से अगले सीजन में गोभी की खेती करेंगे।