पटना

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खाना खाया, शराब पी, जमीन के लिए पिता-बेटी को गोली मारी, नाती ने सुनाई ये स्टोरी

पिता को बचाने दौड़ी बेटी बदामी को भी गोली मारी और फिर गला काट दिया।

Danik Bhaskar

Dec 09, 2017, 05:07 AM IST
आंखों देखी बताता मृतक का नाती। आंखों देखी बताता मृतक का नाती।

पीरपैंती/बरारी (भागलपुर). कटिहार के बरारी पुलिस पिकेट से 50 फीट की दूरी पर 6 कट्ठा जमीन के लिए दो बदमाशों ने गुरुवार रात 8 बजे 60 साल के बैजनाथ मंडल और उसकी 35 साल की विधवा बेटी बदामी देवी की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश अंकित और फूलो बैजनाथ के घर गए। वहां खाना खाया, शराब पी और फिर बैजनाथ के सिर में गोली मार दी। वे भागे तो धारदार हथियार से उसका गला काट दिया। पिता को बचाने दौड़ी बेटी बदामी को भी गोली मारी और फिर गला काट दिया।


बचाने आई पत्नी तो उसपर भी धारदार हथियार से वार

बेटी और पति को बचाने आई कलिया देवी को धारदार हथियार से जख्मी कर दिया। नानी की आवाज सुनकर दौड़े मासूम अखिलेश को बंदूक के बट से मारकर बेहोश कर दिया। गोलीबारी और चीख पुकार के बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई। रातभर दो-दो लाशें आंगन में पड़ी रही, मासूम कराहते रहे, लेकिन चंद दूरी पर मौजूद पुलिस झांकने तक नहीं पहुंची। शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंची पुलिस पिकेट के जवान पहुंचे और जख्मी कलिया देवी को पीरपैंती रेफरल अस्पताल भिजवाया। फिर बरारी पुलिस पहुंची। दोनों शवों को पीएम के लिए कटिहार भेजा और जांच शुरू की।

नाती बोला, शोर मचाने पर बंदूक के बट से मारा

मृतक बैजनाथ के नाती अखिलेश ने बताया, गांव के अंकित और फूलो देर शाम घर आए। खाना खाया और शराब पी। फिर नाना के सिर में गोली मार दी। उनके भागने पर धारदार हथियार से गर्दन काट दी। मां बदामी बचाने गई। उसे भी पहले गोली मारी और फिर सिर पर धारदार हथियार से वार कर दिया। दोनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। नानी चिल्लाई तो उन्हें भी जख्मी कर दिया। मैं चिल्लााया तो मेरे सिर पर बंदूक के बट से मारा। मैं बेहोश हो गया। दोनों हैवानों ने नाना और मम्मी की लाश को घसीट कर आंगन में फेंका और भाग गए। वे कह रहे थे किसी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। घर पर कब्जा कर लेंगे। मेरे छोटे भाई छोटू ने खाट के नीचे छिपकर जान बचाई, जबकि नरेश घर से बाहर था।

बदमाशों को पसंद नहीं था बेटी का पिता के घर बसना

बादामी देवी की बेटी नीलम जानकारी पाकर घर पहुंची। उसने बताया कि पड़ोसी सुदीन मंडल और मोहन मंडल से कई सालों से विवाद चल रहा था। दोनों तरह-तरह की धमकी दे रहे थे। वे हमारी छह कट्ठा जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। कई बार तो घर खाली करने की धमकी भी दी। चूंकि बैजनाथ मंडल का कोई बेटा नहीं है। चार बेटियां ही हैं। दो साल पहले बेटी बदामी के पति छंगूरी मंडल की मौत के बाद पिता ने उसे अपने घर ही बसा लिया था। बदामी के साथ उसके तीन बच्चे नरेश, अखिलेश, छोटू भी रहते थे। सभी मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे थे। बेटी बदामी और उसके बच्चों के आने से बदमाशों का कब्जे का मंसूबा सफल नहीं हो रहा था। एसडीपीओ, लालबाबू यादव ने बताया कि जख्मी कालिया देवी ने गांव के ही अंकित मंडल, फूलो मंडल और सुदीन मंडल पर हत्या का आरोप लगाया है।

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जानकारी देती मृतक की रिश्तेदार। जानकारी देती मृतक की रिश्तेदार।
हॉस्पिटल में मृतक की घायल पत्नी से जानकारी लेते स्थानीय विधायक। हॉस्पिटल में मृतक की घायल पत्नी से जानकारी लेते स्थानीय विधायक।
आंखों देखी बताता मृतक का नाती। आंखों देखी बताता मृतक का नाती।
इसी जमीन पर कब्जा के लिए डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया। इसी जमीन पर कब्जा के लिए डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया।
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