--Advertisement--

नाव में बंधी रस्सी पकड़ गंगा में कूदे पिता-पुत्र, डूबते 8 लोगों की बचाई जान

प्रभात सिंह ने बताया कि वे अपनी बड़ी नाव को लेकर जैसे ही किनारा पर पहुंचे कि लोगों के हल्ला करने की आवाज आने लगी।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 04:47 AM IST
ये हैं वो बहादुर पिता-पुत्र जिन्होंने बचाई 8 लोगों की जान। ये हैं वो बहादुर पिता-पुत्र जिन्होंने बचाई 8 लोगों की जान।

परबत्ता (खगड़िया/बिहार). गंगा घाट पर नाव पलटी और उसमें सवार लोग डूबने लगे। ये देख पिता-पुत्र पानी में कूद पड़े। पिता प्रभात कुमार सिंह तैरते हुए डूबते हुए लोगों के पास पहुंच गए। यह सब देखकर उनका बेटा अमृत सिंह नागा ने भी नाव की रस्सी पकड़ी और पानी में कूद पड़े। तीन लोग पलटी हुई नाव का सहारा लेकर बचने की कोशिश कर रहे थे। पिता-पुत्र दोनों ने एक-एक कर डूबते लोगों को अपनी नाव में चढ़ाया। इस तरह आठ लोगों की जान बचाई जा सकी। किनारे आते-आते बचे लोगों के साथ दोनों पिता और पुत्र बेहोश पड़े रहे। लेकिन थोड़ी देर बाद सब सामान्य हो गया।

पिता-पुत्र ने सुनाया घटना का खौफनाक मंजर

बुधवार को दैनिक भास्कर के रिपोर्टर जब इस एक्सीडेंट में आठ लोगों को बचाने वाले पिता-पुत्र की जोड़ी से मिलने पहुंचे तो हादसे की एक नई कहानी का पता चला। प्रभात सिंह ने बताया कि वे अपनी बड़ी नाव को लेकर जैसे ही किनारा पर पहुंचे कि लोगों के हल्ला करने की आवाज आने लगी। पलट कर देखने पर पता लगा कि एक छोटी नाव पलट गई है तथा उस पर सवार सभी लोग डूब रहे हैं। दोनों पिता-पुत्र अपना एक बड़ी नाव तथा एक छोटी नाव को लेकर उस ओर पहुंच गए। वहां पहुंचने पर देखा कि तीन लोग पलट चुकी नाव का सहारा लेकर किसी तरह खुद को बचाने के प्रयास में हैं तथा पांच लोग डूब रहे हैं।

फरिश्ते की तरह मानने लगे लोग

घटना के बाद जैसे-जैसे एरिया के लोगों तक यह बात पहुंची वैसे ही लोगों ने उनकी तारीफ शुरू कर दी है। गांव के लोगों का कहना है कि दोनों पिता और पुत्र के साथ राजकुमार यादव किसी फरिश्ते से कम नहीं है। जिस स्थान पर नाव डूबी वह स्थान काफी गहरा है। लेकिन जिस तरह से उन्होंने लोगों की जान बचाई वह तारीफ के काबिल है। इन्हें तो बकायदा प्रशासन की भी तारीफ मिलनी चािहए। लेकिन अब तक किसी ने इनकी सुध ही नहीं ली है।

विमल और एक महिला को निकाला बेहोशी की हालत में

एक-एक कर सबको अपने नाव पर चढ़ाया। उनके पुत्र अमृत सिंह उर्फ नागा सिंह ने लगभग पूरी तरह डूब चुकी एक महिला को बचाने के लिये नाव की रस्सी पकड़ी अौर गंगा में छलांग लगा दी। महिला की दोनों कलाईयां ही पानी के उपर दिख रही थी। जो मदद मांगने वाले अंदाज में हिल रही थी। इस बीच कुछ ही दूर पर मछली का शिकार कर रहे मछुआरे का नाव आ गया। इस बचाव कार्य में बचाए गए लोगों में विमल यादव तथा एक महिला को बेहोशी की हालत में निकाला गया था। ठंड में तीन बार पानी में छलांग लगाने के कारण अमृत सिंह उर्फ नागा सिंह की हालत भी खराब हो चुकी थी।

प्रभात सिंह। प्रभात सिंह।
अमृत सिंह। अमृत सिंह।