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शनिवार को बेटे की बीमारी से हुई मौत, अगले दिन सुबह पिता का नदी में मिला शव

लखीसराय के एसडीपीओ पंकज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 05:42 AM IST
मृतक के रोते बिलखते परिजन। मृतक के रोते बिलखते परिजन।

लखीसराय/चानन. चानन थाना क्षेत्र के मलिया गांव में रविवार की सुबह कारू बिंद (42) का शव को किऊल नदी के किनारे मिला। खबर मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ किऊल नदी की तरफ उमड़ पड़ी। घटना से ग्रामीण अचंभित हैं। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने यूडी केस दर्ज किया है। लेकिन ग्रामीणों में कारू बिंद की मौत को लेकर कई तरह की चर्चा हैं।

इधर मृतक की पत्नी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। पंचायत के मुखिया डब्लू पासवान एवं रामस्नेही पासवान ने बताया कि शनिवार को कारू बिंद के चार माह के पुत्र की बीमारी से मौत हो गई थी। परिवार के सदस्य बच्चे के शव को नदी में दफन कर लौटे। कारू बिंद अपने घर में ही था। शाम में वह बाहर निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रविवार की सुबह उसका शव नदी में मिला।

पुलिस बोली-कारू बिंद ने की है आत्महत्या
पुलिस कारू बिंद की मौत को आत्महत्या बता रही है। पुलिस का कहना है कि कारू बिंद ने पुत्र की मौत के बाद सदमे में आकर अात्महत्या की। पुलिस के भय से ग्रामीणों ने शव काे किऊल नदी में फेंक दिया। यूडी केस दर्ज कर पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

आत्महत्या के दावे पर उठ रहे सवाल
शव देखकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि किऊल नदी के क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का कोई जगह नहीं है। यदि कारू बिंद ने फांसी लगाई होती तो लाश कहीं झूलती होती। उसके गर्दन पर फंदे के निशान हैं। कान और जांघ से भी खून निकल रहा था। सवाल उठ रहे हैं कि यदि कारू बिंद ने स्वयं फांसी लगाकर अात्महत्या की तो उसकी जीभ क्यों नहीं निकली हुई थी? बताया जाता है कि फांसी लगाने के बाद जीभ बाहर निकल आता है और पेशाब भी होता है, लेकिन उसका मुंह खुला हुआ था।

बीमारी के कारण चार साल के पुत्र की हुई थी मौत
कारू बिंद के चार माह के पुत्र की शनिवार को मौत हो गई थी। उसका पुत्र काफी दिन से बीमार चल रहा था। डॉक्टर से उसका इलाज भी कराया जा रहा था। शनिवार की दोपहर उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने उसे किऊल नदी में दफन कर दिया। उस समय कारू बिंद घर में ही था।

गंभीरता से जांच की जरूरत है
मुंगेर प्रक्षेत्र के रिटायर्ड डीआईजी शिवेश्वर प्रसाद शुक्ल ने बताया कि फांसी लगाकर अात्महत्या करने पर जीभ बाहर एवं यूरिन डिस्चार्ज हो जाता है। गर्दन का एक भाग झुक जाता है और आंख खुला रह जाता है। यह पूरी तरह से हत्या का मामला बनता है। यदि शव को उतार कर नदी में फेंका गया तो मृतक के शरीर पर फिंगर प्रिंट होगा। ठीक से जांच की जरूरत है।

रिपोर्ट के बाद ही कारणों का हो सकेगा खुलासा
लखीसराय के एसडीपीओ पंकज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। चानन थानाध्यक्ष ने बताया है कि पुत्र की मौत के बाद उसने आत्महत्या कर ली है। यूडी केस दर्ज किया गया है। पीएम रिपोर्ट के बाद केस के नेचर में बदलाव किया जा सकता है। मामले की छानबीन की जा रही है।

घटना स्थल से मृतक की पत्नी को लाते लोग। घटना स्थल से मृतक की पत्नी को लाते लोग।
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मृतक के रोते बिलखते परिजन।मृतक के रोते बिलखते परिजन।
घटना स्थल से मृतक की पत्नी को लाते लोग।घटना स्थल से मृतक की पत्नी को लाते लोग।
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