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चार फीट का ये शख्स कर चुका है फिल्मों में काम, अब जादू दिखा चलाता है खर्च

बौना राजेश बताता है कि कभी भी किसी आवश्यकता के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 05:22 AM IST

बेतिया (मुजफ्फरपुर). यहां के रहने वाले चार फीट के राजेश शर्मा ने बीए तक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कई सीरियल और फिल्मों में काम किया। अब इनदिनों वे जादू दिखाकर अपना परिवार चला रहे हैं। राजेश ने अपनी हाइट की लड़की से मंदिर में शादी की थी। राजेश कहते हैं प्रकृति ने मुझे ऐसा बना दिया तो समाज में भी कई लोग मजाक उड़ाते हैं। हमारा कद नहीं बढ़ा और बौने हुए उसमें हमारा क्या कसूर?

कभी हाथ नहीं फैलाया, जादू दिखा करता है कमाई

बौना राजेश बताता है कि कभी भी किसी आवश्यकता के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया। बीए करने के बाद जब उसे नौकरी नहीं मिली तब उसने जादू का खेल सीखा। जिसे स्कूलों में दिखा कर अपनी जीविका चलाता है। उसने बताया कि इससे पहले कुछ एलबम के साथ सीरियल गोनू झा व कुछ फिल्मों में भी छोटी-मोटी भूमिका निभा चुका है। लेकिन इस क्षेत्र में ज्यादा सफलता नहीं मिलने से जादू के खेल दिखाने को अपना मुख्य पेशा बन लिया।

5 वर्षों से कर रहे संघर्ष

पिछले पांच वर्षों से वह बौनों को आरक्षण दिलाने व उन्हें आवास दिलाने के लिए संघर्ष कर रहा है। इसके लिए उसने बौना संघ भी बना रखा है। जिसमें पश्चिमी व पूर्वी चम्पारण के बौने शामिल हैं। इसके संघ में 20 से अधिक सदस्य हैं।

मुख्यमंत्री को भी दिया आवेदन

राजेश शर्मा ने बताया कि वह मुख्यमंत्री को आवेदन देकर बौनों को विकलांग की मान्यता देने की गुहार कर चुका है। जिसके बाद बौनों को विकलांग घोषित किया गया। अब वह लगातार नौकरी में आरक्षण देने, आवास की सुविधा उपलब्ध कराने आदि के लिए संघर्ष कर रहा है।

नाॅर्थ इस्टर्न यूथ फेस्टिवल में ले चुके हैं भाग

राजेश शर्मा नॉर्थ इस्टर्न यूथ फेस्टिवल में बिहार का नेतृत्व भी कर चुका है। यह फेस्टिवल नागालैंड के कोहिमा में 8 से 10 अक्टूबर 2009 को आयोजित की गई थी। जिसमें राजेश ने एमजेके कॉलेज बेतिया की ओर से भाग लिया था।

जब अन्य दिव्यांगों को मिलता है आरक्षण तो बौनों को क्यों नहीं

बौना राजेश ने कहा कि जब अन्य दिव्यागाें को नौकरी में आरक्षण मिलता है तो बौनों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। आखिर बौने भी तो दिव्यांग हैं।

सफलता मिलने तक जारी रहेगी जंग

उन्होंने कहा कि जब तक कि नौकरी में आरक्षण व आवास की सुविधा बौनों को नहीं मिल जाती। उसने कहा कि वह हरदम मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को पत्र लिख उनसे बौनों के हक-हुकूक की मांग करता रहेगा।