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घर से निकली चार लाशें, दादा ने कहा- ढाई साल का पोता बचा, वही देगा मुखाग्नि

पोस्टमार्टम के बाद चारों मृतकों के शव का बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 02:56 AM IST
पूरे फैमिली में अब एक ढाई साल का बच्चा बचा है। पूरे फैमिली में अब एक ढाई साल का बच्चा बचा है।

मुजफ्फरपुर. यहां शनिवार सुबह जहरीली चाय पीने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। पूरे फैमिली में अब एक ढाई साल का बच्चा बचा है। उसने भी मां का दूध पी लिया था जिसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। दोपहर बाद बच्चे के दादा ने डॉक्टर और पुलिस को बताया कि पूरे परिवार में अब यही बचा है। इसकी जांच कर छोड़ दीजिए, अब पूरे परिवार को यही मुखाग्नि देगा।


एक आंगन में रहता था तीन परिवार

- पुलिस ने जांच के बाद बताया कि चार कमरे वाले घर के एक ही अंगन में मृतक चंदन के सगे भाई घुरन भगत के अलावा चचेरे भाई राकेश का भी परिवार रहता है। सबका चूल्हा अलग-अलग है।

- चंदन की मां देवकली देवी और पिता शंकर भगत छोटे बेटे के साथ रहते हैं। वो जालंधर में एक निजी कंपनी में काम करता है। उसकी पत्नी मुन्नी देवी गंगा स्नान के समय से ही मायके में है।

- छोटी बहू मुन्नी के मायके में रहने के कारण देवकली अपना और पति शंकर का खाना अलग बनाती है। दोनों भाईयों का परिवार चार वर्षों से अलग है।

- जब जांच के लिए पुलिस मौके पर पहुंची तो चंदन के घर में टेबल पर अखबार के पुड़िया में चायपत्ती रखी मिली।

- ऐसे में पुलिस टीम के सामने सवाल है कि जब चंदन के घर में चायपत्ती पहले से ही थी तो उसकी पत्नी रेखा ने अपनी सास से चायपत्ती उधार क्यों ली थी।


एक माह पहले गेस्ट आने पर देवकली ने खरीदी थी चायपत्ती

- देवकली देवी ने बताया कि उसने एक माह पूर्व छोटे बेटे के ससुराल से मेहमान आने पर वह गांव के दुकान से चायपत्ती का सैशे खरीद कर मंगाई थी। तब से यह चायपत्ती के सैशे को पॉलीथीन में बांधकर डब्बे में रखे हुए थी।

- जब रेखा शनिवार की सुबह चाय बनाने जा रही थी तो देवकली ने कहा कि उसकी चायपत्ती खराब हो रही है इसी से चाय बना लो। इस तरह रेखा ने सास की दी हुई चायपत्ती से चाय बनाई।

बिसरा सुरक्षित, अंदरूनी अंगों की रासायनिक जांच से सामने आएगा जहर का नाम

- उधर, पोस्टमार्टम के बाद चारों मृतकों के शव का बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया। मृतक के शरीर से लीवर, किडनी, स्प्लीन , लंग्स, पेट आदि का कुछ अंश काटकर सुरक्षित रखा गया।

- इसकी जांच के लिए भेजी जाएगी। जांच के बाद ही उक्त लोगों के किस जहर से मौत इसका पता लग सकेगा।

बच्चे ने भी मां का दूध पी लिया था जिसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। बच्चे ने भी मां का दूध पी लिया था जिसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।
हॉस्पिटल में चारों मृतकों की डेडबॉडी। हॉस्पिटल में चारों मृतकों की डेडबॉडी।
बर्तनों की जांच करती टीम। बर्तनों की जांच करती टीम।
चायपत्ती की जांच करती टीम। चायपत्ती की जांच करती टीम।
बुजुर्ग जिसने अपनी बहू को चायपत्ती दी थी। बुजुर्ग जिसने अपनी बहू को चायपत्ती दी थी।
हादसे के बाद मौके पर पहुंची गांव की महिलाएं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची गांव की महिलाएं।
जांच करती पुलिस टीम। जांच करती पुलिस टीम।
जानकारी जुटाती पुलिस। जानकारी जुटाती पुलिस।
Four people died after drinking poisonous tea in Muzaffarpur
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पूरे फैमिली में अब एक ढाई साल का बच्चा बचा है।पूरे फैमिली में अब एक ढाई साल का बच्चा बचा है।
बच्चे ने भी मां का दूध पी लिया था जिसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।बच्चे ने भी मां का दूध पी लिया था जिसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।
हॉस्पिटल में चारों मृतकों की डेडबॉडी।हॉस्पिटल में चारों मृतकों की डेडबॉडी।
बर्तनों की जांच करती टीम।बर्तनों की जांच करती टीम।
चायपत्ती की जांच करती टीम।चायपत्ती की जांच करती टीम।
बुजुर्ग जिसने अपनी बहू को चायपत्ती दी थी।बुजुर्ग जिसने अपनी बहू को चायपत्ती दी थी।
हादसे के बाद मौके पर पहुंची गांव की महिलाएं।हादसे के बाद मौके पर पहुंची गांव की महिलाएं।
जांच करती पुलिस टीम।जांच करती पुलिस टीम।
जानकारी जुटाती पुलिस।जानकारी जुटाती पुलिस।
Four people died after drinking poisonous tea in Muzaffarpur
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