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31 जनवरी को चांद का रंग इस वजह से हो जाएगा नारंगी, कहलाएगा ब्लड मून

खगोलशास्त्रियोें के अनुसार, इस साल 27 जुलाई को रेड प्लेनेट मार्स (मंगल) 2003 के बाद पृथ्वी के सबसे पास होगा।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 04:02 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

मधेपुरा (बिहार). वर्ष 2018 खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए खास रहेगा। इनमें जनवरी में 31 तारीख को पूर्णिमा के दिन चंद्रमा नारंगी रंग का दिखेगा। इस दिन चंद्रग्रहण भी है। दुनिया के अन्य देशों में यह हल्का नीला दिखेगा इसलिए इसे ब्लू मून कहा जा रहा है। हालांकि भारत में दिखने वाले चंद्रमा का रंग नारंगी होगा लेकिन खगोलीय भाषा में इसे ब्लड मून कहा जाता है। यह चंद्रमा सुपरमून की श्रेणी में भी शामिल है जो सामान्य दिनों की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार होगा। इसके बाद वर्षभर सुपरमून नहीं बनेगा।


35 साल बाद होगा ऐसा

इस साल 35 वर्ष के अंतराल के बाद टोटल लूनर इकलिप्स (पूर्ण चंद्रग्रहण) और ब्लू मून एक साथ होगा। इससे पहले 30 दिसंबर 1982 को यह एकसाथ हुआ था जब ग्रहण के साथ चंद्रमा का रंग भी बदला था। भारत तथा अन्य स्थानों जहां चंद्रग्रहण होगा वहां यह रस्टी आरेंज मून की तरह दिखेगा। इस तरह दुनिया में ब्लू मून दिखेगा लेकिन हमारे यहां यह ब्लडमून की तरह दिखेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण 77 मिनट तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा का निचला हिस्सा ज्यादा चमकीला दिखेगा। इसके बाद ब्लू मून 31 दिसंबर, 2028 को फिर 31 जनवरी, 2037 को दिखेगा।

धरती के सबसे पास होगा मंगल

खगोलशास्त्रियोें के अनुसार, इस साल 27 जुलाई को रेड प्लेनेट मार्स (मंगल) 2003 के बाद पृथ्वी के सबसे पास होगा। इस दौरान मार्स एट अपोजिशन की घटना होगी यानी जब पश्चिम में सूर्य डूब रहा होगा तो पूर्व में पूर्णिमा के चंद्रमा के साथ मंगल उदय हो रहा होगा। इस समय बृहस्पति को भी उसी आकाश में देखा जा सकेगा।

उल्का बौछार अगस्त में

अगर बरसात बाधा न बनी तो 12-13 अगस्त की मध्य रात को परसिड मेटियोर शॉवर में प्रति मिनिट 60 उल्का बौछार हो सकती है। इसी तरह से 13-14 दिसंबर की मध्यरात्रि को प्रति मिनट 120 जेमिनिड मेटियोर शॉवर का आनंद लिया जा सकेगा।

दो धूमकेतु की भी रहेगी धूम

दिसंबर के दूसरे पखवाड़े को दो धूमकेतु को देखा जा सकेगा। इन्हें देखने के लिए टेलिस्कोप की मदद लेनी होगी। खगाेलशास्त्री कहते हंै कि 2018 में पृथ्वी से आकाश में बहुत कुछ रोचक देखने के लिए मिलेगा।

साल की अन्य खगोलीय घटनाएं

- 15 फरवरी आंशिक सूर्यग्रहण।

- 9 मई ज्यूपिटर एट अपोजिशन।

- 27 जून सेटर्न एट अपोजिशन।

- 13 जुलाई आंशिक सूर्य ग्रहण।

- 11 अगस्त आंशिक सूर्यग्रहण।

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