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मां रो रही थी, भीड़ लगा रही थी नारा, पिता ने कहा- दूसरा बेटा भी जाएगा पाक से लड़ने

नमाज अता करने के बाद शहीद के जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक होने के लिए करीब 500 मीटर दूर कब्रिस्तान में ले जाया गया।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 04:33 AM IST
शहीद के जनाजे में पहुंचे लोग। शहीद के जनाजे में पहुंचे लोग।

आरा (बिहार). श्रीनगर में आतंकवादियों के हमले में शहीद सीआरपीएफ के 49वीं बटालियन के जवान मो. मोजाहिद खां का पार्थिव शरीर बुधवार को यहां लाया गया। नमाज अता करने के बाद शहीद के जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक होने के लिए करीब 500 मीटर दूर कब्रिस्तान में ले जाया गया। एक तरफ मोजाहिद की मां फफक कर रो रही थी तो वहीं भीड़ भारत मां की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रही थी। इस बीच जब मोजाहिद के पिता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अब उनका दूसरा बेटा भी बॉर्डर पर पाकिस्तान से लड़ने जाएगा।

- बता दें कि बीडीओ मनोरंजन कुमार पाण्डेय ने शहीद के शव को सुबह 7.45 में रिसीव किया। काफिला 10 मिनट बाद 7.55 बजे शहीद के घर पहुंचा।
- वहां 8.30 बजे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शव को दोहपर एक बजे पड़ाव मैदान लाया गया। जहां नमाज के लिए लोग जुटे थे।
- इस दौरान घर और पड़ाव की दूरी करीब एक किलोमीटर तक भीड़ से खचाखच भरी हुई थी। पड़ाव मैदान में 2.05 बजे में जनाजे की नमाज अता हुई।
- जहां सीआरपीएफ के डीआईजी मोहम्मद सज्जानुद्दीन सहित अन्य अधिकारियों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। सीआरपीएफ के जवानों ने मातमी धुन बजाया। फायरिंग कर सलामी दी। शहीद को 3.25 बजे पीरो गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया।

शहीद के बारे में ये बताते-बताते रो पड़े पिता

- शहीद मोजाहिद के पिता अब्दुल खैर की उम्र 70 साल से ऊपर है। लेकिन, देश के प्रति जज्बा नौजवानों की तरह है।
- घर में जवान बेटे का शव रखा हुआ था। लेकिन, पिता के जुबां से आक्रोश पाकिस्तान के खिलाफ झलक रहा था।
- अब्दुल ने कहा- ऐसे बेटे पर मुझे फक्र है, जो देश के लिए मर मिटा। अब्दुल खैर ने अपने शहीद बेटे मुजाहिद के देशप्रेम को बयां किया।
- बोले- मोजाहीद नौकरी ज्वाईन करने के बाद घर आया था। तब मैनें पूछा था इहे नौकरी करबअ हो (यही नौकरी करोगे)।
- मोजाहिद का जबाब था देश की रक्षा के लिए जान देना सबके बूते की बात नहीं अब्बा। यह कहते-कहते वृद्ध अब्दुल फफक कर रोने लगे। मां हसीबा खातून अपने बेटा के शव को देख बेसुध हो रही थी।

श्रीनगर से शहीद संग आई थी सीआरपीएफ

- शहीद के शव के साथ श्रीनगर से कांस्टेबल तारिक अनवर साथ आए थे।
- शहीद को अंतिम विदाई देने आए सीआरपीएफ के डीआईजी मो सज्जानुद्दीन ने शहीद के पिता को 50 हजार का चेक सौंपा।
- उन्होंने शहीद के पिता से कहा कि कागजी प्रक्रिया के बाद शेष राशि दी जाएगी।
- इससे पहले मंगलवार की शाम शहीद मो मोजाहिद के भाई इम्तियाज ने कहा ने कहा कि अब पाकिस्तान से बातचीत नहीं करना चाहिए। बंदूक की बात बंदूक से हो। तभी वह सुधरेगा। सरकार पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दें।

बीडीओ मनोरंजन कुमार पाण्डेय ने शहीद के शव को सुबह 7.45 में रिसीव किया। बीडीओ मनोरंजन कुमार पाण्डेय ने शहीद के शव को सुबह 7.45 में रिसीव किया।
8.30 बजे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शव को दोहपर एक बजे पड़ाव मैदान लाया गया। जहां नमाज के लिए लोग जुटे थे। 8.30 बजे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शव को दोहपर एक बजे पड़ाव मैदान लाया गया। जहां नमाज के लिए लोग जुटे थे।
इस दौरान घर और पड़ाव की दूरी करीब एक किलोमीटर तक भीड़ से खचाखच भरी हुई थी। इस दौरान घर और पड़ाव की दूरी करीब एक किलोमीटर तक भीड़ से खचाखच भरी हुई थी।
रोते बिलखते शहीद के परिजन। रोते बिलखते शहीद के परिजन।
शहीद के पिता। शहीद के पिता।
जनाजा के दौरान पहुंची महिलाएं। जनाजा के दौरान पहुंची महिलाएं।
जनाजे में शामिल लोग। जनाजे में शामिल लोग।
Funeral of martyr mozahid in bihar
Funeral of martyr mozahid in bihar
Funeral of martyr mozahid in bihar
Funeral of martyr mozahid in bihar
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शहीद के जनाजे में पहुंचे लोग।शहीद के जनाजे में पहुंचे लोग।
बीडीओ मनोरंजन कुमार पाण्डेय ने शहीद के शव को सुबह 7.45 में रिसीव किया।बीडीओ मनोरंजन कुमार पाण्डेय ने शहीद के शव को सुबह 7.45 में रिसीव किया।
8.30 बजे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शव को दोहपर एक बजे पड़ाव मैदान लाया गया। जहां नमाज के लिए लोग जुटे थे।8.30 बजे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शव को दोहपर एक बजे पड़ाव मैदान लाया गया। जहां नमाज के लिए लोग जुटे थे।
इस दौरान घर और पड़ाव की दूरी करीब एक किलोमीटर तक भीड़ से खचाखच भरी हुई थी।इस दौरान घर और पड़ाव की दूरी करीब एक किलोमीटर तक भीड़ से खचाखच भरी हुई थी।
रोते बिलखते शहीद के परिजन।रोते बिलखते शहीद के परिजन।
शहीद के पिता।शहीद के पिता।
जनाजा के दौरान पहुंची महिलाएं।जनाजा के दौरान पहुंची महिलाएं।
जनाजे में शामिल लोग।जनाजे में शामिल लोग।
Funeral of martyr mozahid in bihar
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