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चोरी करने ट्रेन के बोगी में घुसे, मिला सेना का मिसाइल डेटोनेटर, नाले में फेंका

डेटोनेटर के बॉक्स को गुलजारबाग रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास से बरामद किया गया।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 06:38 AM IST
मामला सामने आने के बाद एएसपी रेल एएस ठाकुर के नेतृत्व में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। मामला सामने आने के बाद एएसपी रेल एएस ठाकुर के नेतृत्व में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम का गठन किया गया था।

पटना. हिमगिरी एक्सप्रेस की एसएलआर बोगी को तोड़कर बक्से में बंद मिसाइल के पांच फ्यूज डेटोनेटर को गायब करने वाले शातिर दीघा थाना इलाके के बांसकोठी के रहने वाले पंकज कुमार को रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पंकज की निशानदेही पर पुलिस ने पांचों डेटोनेटर को पटना साहिब स्टेशन के पास स्थित तालाब और नाले से बरामद कर लिया।

वहीं डेटोनेटर के बॉक्स को गुलजारबाग रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास से बरामद किया गया। पंकज ने पुलिस को बताया कि घटना में उसके साथ चार और साथी थे। ये चारों फरार हैं। पंकज इससे पहले एसएलआर बोगी से जिंस पैंट की चोरी करने के मामले में जेल जा चुका है। इधर रेल एसपी जितेंद्र मिश्र और दानापुर रेल मंडल के वरीय कमांडेंट चंद्र मोहन मिश्रा ने बताया कि चार अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गुलजारबाग में घुसे थे शातिर


पंकज ने पुलिस को बताया कि एसएलआर बोगी में चोरी करने की नीयत से अपने गुर्गों के साथ पटना जंक्शन पर ट्रेन में एसएलआर बोगी के ठीक बगल वाले डिब्बे में सवार हुए थे। कुहासा के कारण ट्रेन बार-बार रुक रही थी। जंक्शन से पटना साहिब के बीच गुलजारबाग स्टेशन से पहले ट्रेन रुकी और वहीं उतर गए। फिर हमलोगों ने बोगी का सील तोड़ दिया और उसके भीतर घुस गए। बोगी में सिर्फ एक बॉक्स रखा हुआ था। सोचा कि इसमें सोना या हीरा होगा लेकिन जब बॉक्स को तोड़ा तो उसमें पांच डेटोनेटर थे जिसके ऊपर विस्फोटक लिखा हुआ था। इसके बाद हमलोगों बॉक्स को गुलजारबाग स्टेशन से ठीक पहले फेंक दिया और डेटोनेटर को रेलवे ट्रैक के किनारे नाले और तालाब में फेंक कर उसी बोगी में बैठे रहे। जब ट्रेन बंका घाट में रुकी तो सभी उतर गए और फरार हो गए।

हावड़ा में दर्ज हुई एफआईआर


ट्रेन को एस्कॉर्ट कर रहे जवानों को बख्तियारपुर में इस बात की जानकारी मिल गई थी कि एसएलआर बोगी टूटी हुई है। इसकी जानकारी दानापुर स्थित कंट्रोल रूम को भी दी गई। यह पता लगाया जाने लगा कि एसएलआर बॉगी में किसका सामान जा रहा था। ट्रेन के अगले दिन हावड़ा पहुंचने तक यह पता चल चुका था कि एसएलआर बोगी में सेना का कंसाइनमेंट जा रहा था। इसके बाद हावड़ा जीआरपी और आरपीएफ में मामला दर्ज कराया गया। रेल एसपी ने कहा कि अब पटना जंक्शन जीआरपी में मामला दर्ज किया जाएगा और आगे की कार्रवाई होगी।

5 डेटोनेटर के लिए बुक थी पूरी बोगी


सेना का यह कंसाइनमेंट पाठानकोट से बालासोर ले जाया जा रहा था। दानापुर मंडल के अधिकारियों, रेल पुलिस और आरपीएफ को जैसे ही जानकारी मिली कि कंसाइनमेंट गायब है, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में तत्काल आरपीएफ और रेल पुलिस की संयुक्त टीम को लगाया गया। सीआईबी के अधिकारियों तक को लगाया गया। मात्र पांच डेटोनेटर के लिए पूरी एसएलआर बोगी बुक की गई थी, जिसकी सुरक्षा में सेना के दो जवानों को लगाया गया था। पांचों डेटोनेटर की कीमत करोड़ों में है।

सेना हेडक्वार्टर को लिखा जाएगा पत्र


रेल एसपी ने कहा कि मामले में घोर लापरवाही बरती गई है। डेटोनेटर की सुरक्षा में सेना के जिन जवानों को लगाया गया यह उनकी भी लापरवाही का मामला है। साथ ही ट्रेन की स्कार्ट पार्टी की भी लापरवाही सामने आ रही है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। रेलवे के जो भी कर्मी इसमें दोषी होंगे उनपर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर सेना के वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी जाएगी।

ऐसे गिरफ्त में आए अपराधी

मामला सामने आने के बाद एएसपी रेल एएस ठाकुर के नेतृत्व में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने पटना से मोकामा तक छापेमारी की। मुखबिर ने बताया कि पंकज को बंका घाट में देखा गया है। उसके बाद पंकज के आपराधिक रिकार्ड को खंगाला गया तो पता चला कि छह माह पहले उसने एक ट्रेन के एसएलआर बोगी से जिंस पैंट का एक बंडल उड़ाया था और उस मामले में वह जेल गया था। पुलिस ने दीघा में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ शुरू की और मामले का खुलासा हुआ।