पटना

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कैंपस की दीवारों पर लिख देते हैं ऐसे शब्द, परेशान 250 लड़कियों ने छोड़ा स्कूल

जब वह स्कूल जाती है तो उसके साथ चलते हुए मनचले दूसरों से मोबाइल पर जोर-जोर से अश्लील बातें करते हैं

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 04:19 AM IST
दीवारों पर मनचलों द्वारा लिखी गई बातें। दीवारों पर मनचलों द्वारा लिखी गई बातें।

चौसा (बक्सर). शोहदों की छेड़छाड़ व फब्तियों से डरी 250 से ज्यादा लड़कियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। यहां के बालिका हाई स्कूल की 250 लड़कियों का आरोप है कि स्कूल जाते वक्त कुछ बदमाश लड़के भद्दे कमेंट्स और इशारे करते हैं। मौका पाकर छेड़छाड़ भी करने से बाज नहीं आते। मनचले चहारदीवारी फांदकर कक्षा के बोर्ड पर गंदी-गंदी गालियां भी लिख देते हैं।

एक लड़की ने बताया

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक लड़की ने बताया कि ये मनचले उसे काफी दिनों से परेशान कर रहे थे। स्कूल जाते समय एक बार तो हाथ तक पकड़ लिया था और उसने उसे तमाचा मारा। इसके बाद फैमिली से इसकी शिकायत करते हुए स्कूल जाना छोड़ दिया। एक दूसरी लड़की ने बताया कि जब वह स्कूल जाती है तो उसके साथ चलते हुए मनचले दूसरों से मोबाइल पर जोर-जोर से अश्लील बातें करते हैं। फब्तियां कसने की शिकायत मंगलवार की सुबह एक लड़की ने थाने में भी की है।


लड़कियों ने बंद कर दिया है कोचिंग जाना

गौरतलब हो कि पहले भी कई मोहल्लों की लड़कियों ने भी अलग-अलग मौकों पर मनचलों के आतंक से स्कूल और कोचिंग जाना बंद कर दिया था। इधर, एक गांव के सरोज सिंह का कहना है कि बालिका हाई स्कूल में पढ़ने वाली उनकी दो बेटियों को भी कई दिन पहले मनचलों ने रास्ते में छेड़ा था। जब तक पुलिस प्रशासन सुरक्षा की गारंटी नहीं देगा, तब तक वह बेटियों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला किये हैं।

दीवारों पर लिखे हैं गंदे मैसेज, मनचले बाइक से करते हैं स्टंट

मनचलों की संख्या दिन पर दिन बढ़ते जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक लड़कियों की स्कूल की तरफ आना-जाना लगा रहता है। जिसके कारण स्कूल आने-जाने वाली लड़कियां काफी परेशान है। लोक-लाज के डर से इसकी शिकायत भी लड़कियां नहीं करती हैं कि कहीं गार्जियन इनकी पढ़ाई न बंद करा दें। जब लड़कियां स्कूल जाने के लिए निकलती हैं। तो रास्ते में मनचले बाइक या साइकिल से लड़कियों के सामने स्टंट एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई पड़ते हैं। कभी कभी तो साइकिल से जा रही लड़कियां इनकी स्टंट की वजह से गिर भी जाती हैं। स्कूल का बाउंड्री वाल छोटा होने के कारण मनचले स्कूल में भी घुस जाते हैं। दीवारों पर गंदे-गंदे चित्र और बातें लिखते हैं।

700 लड़कियाें का स्कूल में है एडमिशन


बालिका हाई स्कूल में क्लास 9 और 10 में कुल 700 लड़कियां हैं। एडमिशन के बाद 90 से 95 प्रतिशत लड़कियों की उपस्थिति होती थी। लेकिन अब लगभग 450 लड़कियां ही पढ़ाई करने जाती है। अन्य 250 लड़कियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। मैट्रिक एग्जाम के लिए 70 लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया। पूछने पर उनके गार्जियन्स ने बताया कि क्या पता मनचले बच्चियों के एग्जाम देने जाते समय कुछ कर दें। इससे अच्छा है कि उन्हें पढ़ाया ही न जाए। उधर, हाई स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र राय का कहना है कि लड़कियां मनचलों के कारण परेशान हैं। इसकी शिकायत हमने की थी। लेकिन, प्रशासन दो चार दिन गश्त लगाकर शांत हो जाती है। जिससे मनचले लड़कियों को परेशान करते रहते हैं।

इसी स्कूल का है मामला। इसी स्कूल का है मामला।
मनचलों के डर से कई लड़कियों ने स्कूल आना छोड़ दिया है। मनचलों के डर से कई लड़कियों ने स्कूल आना छोड़ दिया है।
डेमो फोटो। डेमो फोटो।
डेमो फोटो। डेमो फोटो।
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दीवारों पर मनचलों द्वारा लिखी गई बातें।दीवारों पर मनचलों द्वारा लिखी गई बातें।
इसी स्कूल का है मामला।इसी स्कूल का है मामला।
मनचलों के डर से कई लड़कियों ने स्कूल आना छोड़ दिया है।मनचलों के डर से कई लड़कियों ने स्कूल आना छोड़ दिया है।
डेमो फोटो।डेमो फोटो।
डेमो फोटो।डेमो फोटो।
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