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नियोजित टीचर्स के सैलरी में 20 % की बढ़ोतरी को सरकार तैयार, पर पास करनी होगी परीक्षा

कमेटी ने सभी मामलों की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 03:52 AM IST

पटना. नियोजित शिक्षकों के वेतन वृद्धि पर राज्य सरकार राजी हो गई है। 20 फीसदी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव है, लेकिन इसके लिए शिक्षकों को एक परीक्षा पास करनी होगी। दरअसल समान काम समान वेतन के मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इस बाबत सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इससे पूर्व इस मामले में पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठन का निर्देश दिया था।

कमेटी ने सभी मामलों की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 20 फीसदी वेतन वृद्धि पाने के लिए शिक्षकों को परीक्षा पास करनी होगी। पहली परीक्षा सितंबर 2018 में होगी और शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए दो अवसर मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले पर 15 मार्च को सुनवाई होगी।

रिपोर्ट : समान वेतन लागू करने पर 52 हजार करोड़ का बोझ, यह उठाना संभव नहीं

- समान काम समान वेतन लागू करने पर राज्य सरकार पर 52000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। इसे पूरा करना सरकार के लिए संभव नहीं है।
- सभी नियोजित शिक्षक परीक्षा पास कर लेते हैं तो 2080 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लाभ 3.19 लाख शिक्षकों को मिल सकता है।
- पहली विशेष परीक्षा सितंबर 2018 को होगी, परीक्षा बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग या किसी अन्य आयोग से करवाई जा सकती है।
- अगर किसी प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षक को अभी 18510 रुपए प्रति माह मिलते हैं तो उन्हें परीक्षा पास होने के बाद 22212 रुपए प्रति माह मिलेंगे।

कमेटी को मिले 3566 सुझाव
कमेटी ने कई राज्यों में नियोजित शिक्षकों को मिल रहे वेतनमान का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट सौंपी है। कमेटी को 3566 सुझाव मिले और सभी में कोर्ट के फैसले को लागू करने की बात कही गई है।

2015 में 14, 2017 में 17% बढ़ा वेतन
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राज्य सरकार ने नियोजित शिक्षकों को 2015 में स्केल दिया था। उस वक्त वेतन में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। जबकि वर्ष 2017 में 17 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी।