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HC ने बच्चों, टीचर्स पर दबाव न बनाने की हिदायत के साथ मानव शृंखला की दी इजाजत

महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को भरोसा दिया कि बिल्कुल दबाव नहीं है। इसमें सबको स्वेच्छा से भाग लेने की बात है।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 05:04 AM IST

पटना. पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सख्त लहजे में कहा कि 21 जनवरी को मानव शृंखला में भाग लेने के लिए स्कूली बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाया जाए। इस पर महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को भरोसा दिया कि बिल्कुल दबाव नहीं है। इसमें सबको स्वेच्छा से भाग लेने की बात है।

सरकार की इस दलील के बाद कोर्ट ने मानव शृंखला को हरी झंडी दी। यह आयोजन, बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए है। इस पर रोक के लिए कोर्ट में लोकहित याचिका दायर हुई थी। मंगलवार को सरकार की ओर से महाधिवक्ता और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आर. के. महाजन ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मानव शृंखला में भाग लेने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा।

याचिकाकर्ता ने कहा था-बच्चों व शिक्षकों को मजबूर कर रही सरकार

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकारी स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को मानव शृंखला में भाग लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसा होगा, तो आप अगली तारीख पर बताइएगा। कोर्ट ने सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब सरकार खुद कह रही है कि किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा, तो अभी इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।