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बड़े अपराधियों और माओवादियों के लिए बिहार में बनेगी हाई सिक्योरिटी जेल

कैबिनेट ने 106 किलोमीटर लंबी इस सड़क को एनएचएआई को सौंपे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

Dainik Bhaskar

Jan 31, 2018, 03:52 AM IST
डेमो फोटो। डेमो फोटो।

पटना. राज्य में सैरातों की बंदोबस्ती के लिए अंचलाधिकारी से लेकर प्रमंडलीय आयुक्त तक की वित्तीय शक्ति बढ़ा दी गई है। मंगलवार को कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने धान की सरकारी खरीद के लिए राज्य खाद्य निगम को 2500 करोड़ रुपए कर्ज की गारंटी राज्य सरकार द्वारा लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि सैरातों की बंदोबस्ती के मामले में अंचलाधिकारी की शक्ति पांच हजार रुपए की बजाए 20 हजार रुपए तक होगी।

भूमि सुधार उप समाहर्ता 10 हजार रुपए की बजाए 50 हजार रुपए तक के सैरातों की बंदोबस्ती कर सकेंगे। इसी प्रकार अनुमंडल पदाधिकारी 50 हजार रुपए की बजाए एक लाख रुपए, जिलाधिकारी 2 लाख रुपए की बजाए पांच लाख रुपए और प्रमंडलीय आयुक्त 5 लाख रुपए की बजाए 10 लाख रुपए तक की सैरातों की बंदोबस्ती कर सकेंगे। राज्य सरकार भी 5 लाख रुपए की बजाए 10 लाख रुपए तक की सैरातों की बंदोबस्ती करने का अधिकार होगा। इसी तरह पहली बार अपर जिला समाहर्ता को दो लाख रुपए तक की सैरातों की बंदोबस्ती करने की शक्ति दी गई है। वहीं फुलवारीशरीफ जेल को तोड़ कर वहां नई हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी। वहां पर माओवादियों, दुर्दांत अपराधियों और उच्च सुरक्षा बंदियों को रखा जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने 56.72 करोड़ रुपए दिए हैं। वहां सीसीटीवी, वीडियो रिकॉर्डिंग, तीन स्तरीय ऊंची चहारदीवारी और पैट्रोलिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।

आरा-मोहनिया रोड केंद्र सरकार को वापस


आरा से मोहनिया तक की सड़क को अब केंद्र सरकार बनाएगी। कैबिनेट ने 106 किलोमीटर लंबी इस सड़क को एनएचएआई को सौंपे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की बैठक में इस पर सहमति बन गई थी। राज्य सरकार ने इसके 24 घंटे से भी कम समय के भीतर इस सड़क की जिम्मेदारी केंद्र को सौंपने का फैसला कर लिया। आरा से मोहनिया रोड की हालत पिछले पांच साल से बहुत ही खराब है।

समायोजन की नियमावली मंजूर

बोर्ड, निगम और सोसायटीकर्मी अगर विभागों में समायोजित होते हैं तो सरकार उनके बकाया रकम का बोझ नहीं उठाएगी। समायोजित होने वाले निगम-बोर्डकर्मियों के लिए बनाई गई नियमावली को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राज्य में 14 निगमों के लगभग 1000 कर्मियों को इसका फायदा मिलेगा। फिलहाल सरकारी विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग गाइडलाइन के आधार पर निगम-बोर्डकर्मियों का समायोजन करते हैं।

राज्य में 1 फरवरी से ई-वे बिल होगा लागू, सुविधा (ऑनलाइन रोड परमिट) की व्यवस्था समाप्त

राज्य में 1 फरवरी से ई-वे बिल लागू होगा। इसी के साथ पहले से लागू ‘सुविधा’ (ऑन लाइन रोड परमिट) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। बिहार में 1 जुलाई 2017 से ही सुविधा प्रणाली लागू थी। जीएसटी लागू होने के बाद बाहर रखे गए पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर राज्य से गुजरने वाले वाहनों को सुविधा लेकर चलने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

तीन पनबिजली घर बंद करने पर मुहर

बिहार के तीन पनबिजली घर बंद होंगे। कैबिनेट ने पश्चिम चंपारण में कटनैया, सुपौल में निर्मली और अररिया में बथनाहा पनबिजली परियोजनाओं को बंद करने का फैसला लिया है। जमीन के अभाव में डोवा और अरारघाट पनबिजली परियोजना को निरस्त कर दिया गया है। दूसरी ओर राज्य सरकार ने झारखंड में चांडिल, तेनुघाट, उत्तर कोयल, जालिम घाट, नंदी घाघ, सदनी, लोअर घाघरी और नेतरहाट पनबिजली परियोजना पर से अपना दावा छोड़ दिया है।

चार डॉक्टर बर्खास्त


राज्य के चार सरकारी डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। डॉ. पुष्पा शाही नवगछिया अनुमंडल अस्पताल, डॉ. कृष्ण मुरारी पांडेय प्रतापपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और डॉ. बालमुकुंद लाल डिहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लगातार पांच साल से अधिक समय से बिना सूचना के गायब हैं। कैबिनेट ने उनको बर्खास्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सदर अस्पताल आरा के तत्कालीन उपाधीक्षक डॉ. जैनेंद्र कुमार सिन्हा को भ्रष्ट आचरण के आरोप में बर्खास्त किया गया है। वे पहले ही निलंबित थे।

अन्य फैसले

- 105 करोड़ रुपए महादलित विकास मिशन को।

- 37करोड़ शेखपुरा पुलिस लाइन के लिए।

- जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा के 20 कर्मियों की स्थायी नियुक्ति।

- कैबिनेट के विशेष सचिव उपेंद्रनाथ पांडेय की दो वर्ष के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर होगी नियुक्ति।

- बख्तियारपुर नगर पंचायत के सेवानिवृत्त कार्यपालक पदाधिकारी ललित मोहन प्रसाद का सरकारी सेवा में होगा समायोजन।

- जनवितरण प्रणाली के कंप्यूटराइजेशन पर खर्च होंगे 42 करोड़ रुपए।

- पंचायत उपचुनाव के लिए ईवीएम पॉवर पैक (बैट्री) की होगी खरीद।

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