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टमटम चला पैसे जुटाए, एक बेटा रेलवे में इंजीनियर तो दूसरा लोको पायलट

58 वर्षीय भिखारी महतो 34 वर्ष से टमटम चलाकर दिन रात कड़ी मेहनत कर अपने दो बेटों को पढ़ा लिखा कर नौकरी में लगाया।

अमलेश पांडे | Last Modified - Jan 15, 2018, 06:06 AM IST

  • टमटम चला पैसे जुटाए, एक बेटा रेलवे में इंजीनियर तो दूसरा लोको पायलट

    लखीसराय.यहां के रामगढ़ चौक थाना एरिया में रहने वाले भिखारी महतो ने टमटम के जरिए रुपए बचाकर तीन बेटों में से एक को इंजीनियर बना दिया है जबकि दूसरा रेलवे में लोको पायलट है। वे तीसरे बेटे को आईएएस अफसर बनाना चाहते हैं। बताते हैं कि मन में लगन थी मेरे जैसी हालत में मेरे बेटे कतई न रहें। लेकिन इस इच्छा को पूरी करने के लिए आर्थिक स्थिति साथ नहीं दे रही थी। आखिर आज के जमाने में टमटम चलाकर कोई इतने ऊंचे सपने कैसे देखता। वह भी हमलोगों की सामाजिक हालत को देखते हुए।

    सुनाई अपनी स्ट्रगल स्टोरी

    उन्होंने बताया कि शुरू में मैं जब इस संबंध में किसी से चर्चा भी करता था तो सभी हंसते थे। हमें याद है कि हम लोग महीनों नमक और भात खा कर सो जाया करते थे। दिन में भी मैं अपने ही गांव के स्वर्गीय संतोष यादव के यहां हल चलाता था। बेटे जैसे-जैसे बड़े होते गए उनके खर्चे भी बढ़ते गए। पैसे उतने कमा नहीं पाता था। फिर भी अपने दोनों बेटों को प्रतिमाह तीन से चार हजार रूपये भेजा करता था। वह आज रंग लाया आज दोनों सर्विस कर रहे हैं। लेकिन अभी भी वे टमटम चलाना छोड़ना नहीं चाहते।

    मजबूत इरादे हों तो जीवन में काेई काम मुश्किल नहीं

    बताया कि इंसान की इच्छा शक्ति मजबूत होनी चाहिए। कुछ फर्क नहीं पड़ता कि हमारी दशा क्या है। सब कुछ उसी पर निर्भर करता है कि हमारी दिशा क्या है। हमारी दिशा सही होनी चाहिए लक्ष्य मेहनत पर आधारित है। मेरा मानना है कि मेहनत वालों के सामने भगवान को भी नतमस्तक होना पड़ता है इसलिए मैं इस समाज के हर वह गरीब तबके के लोग जो खाने खाने के लिए भी लालायित हैं वह मेहनत करें और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें शायद उनकी किस्मत का ताला खुल सकता है।

    बेटों को बनाया इंजीनियर और रेल ड्राइवर

    58 वर्षीय भिखारी महतो 34 वर्ष से टमटम चलाकर दिन रात कड़ी मेहनत कर अपने दो बेटों को पढ़ा लिखा कर नौकरी में लगाया। बड़ा बेटा भूषण कुमार 30 वर्ष को ट्रेन ड्राइवर जो दिल्ली में कार्यरत है तो दूसरा बेटा चंद्रशेखर कुमार उम्र 25 वर्ष को इंजीनियर जो यशवंतपुर में रेल इंजन का कार्यरत हैं। तीसरा बेटा सुल्तान कुमार उम्र 19 वर्ष जो पटना में रहकर पढ़ाई कर रहा है। वे कहते हैं कि तीसरे बेटे को आईएएस बनाना चाहता हूं।

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Web Title: Horsecart Driver Son Got Railway Jobs
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