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नकली नोट खपाने की तलाश में सिंडिकेट, इंडिया और पाक निर्मित नोट में ये है अंतर

अफसरों के मुताबिक ओरिजनल इंडियन करेंसी में करीब डेढ़ दर्जन सुरक्षा फीचर्स हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 16, 2018, 04:32 AM IST

  • नकली नोट खपाने की तलाश में सिंडिकेट, इंडिया और पाक निर्मित नोट में ये है अंतर

    पटना.पाकिस्तान निर्मित भारतीय नकली नोट की खेप को खपाने के लिए फेक करेंसी सिंडिकेट, नई जगह व नए एजेंटों की तलाश में है। इसे लेकर बिहार से दिल्ली, पंजाब व हरियाणा तक शातिरों की नजर है। दरअसल, आईएसआई ने पाक बेस्ड नकली नोट की सप्लाई के लिए नया टारगेट बनाया है। इसके तहत बिहार के सीमावर्ती इलाकों के अलावा दिल्ली, पंजाब व अन्य राज्यों में नकली नोट खपाने की प्लानिंग के साथ सिंडिकेट सक्रिय हो गया है।


    नकली नोट की सप्लाई के लिए पश्चिम बंगाल के मालदा को मेन सेंटर बनाया गया है। 8 जनवरी को पटना जंक्शन पर डीआरआई के हत्थे चढ़े इंटरनेशनल एजेंट व मालदा के सरगना मोतीर्उर रहमान ने जांच एजेंसी के सामने इस बाबत कई अहम राज उगले हैं। वहीं 6 जनवरी को दिल्ली स्टेशन पर 4 लाख रुपए के नकली नोट के साथ पकड़े गए सिंडिकेट के गुर्गे राम प्रसाद तक रहमान ने ही नकली नोट पहुंचाए थे। इसी कड़ी में अगली खेप को खपाने के लिए दिल्ली में चार-पांच नए एजेंट बनाने के साथ मोतीर्उर रहमान, पंजाब व हरियाणा तक नए नेटवर्क खड़ा करने की फिराक में लगा था। उसके पास से दिल्ली से जुड़े कई एजेंट या गुर्गे आदि के संदिग्ध नंबरों को जांच एजेंसी परखने में लगी है। वैसे, उन इलाकों में पूर्व में भी फेक करेंसी सिंडिकेट की सक्रियता रही है।

    2000 के असली व नकली नोट की ऐसे करें पहचान

    1. ओरिजनल नोट : पैरेलल देखने पर हरा व तिरछा करने पर ब्लू रंग का नजर आता है।
    - पाकिस्तान निर्मित नकली नोट में हरा रंग नजर आता है पर ब्लू नहीं।
    2. ओरिजनल नोट : सफेद वाटर मार्क में गांधीजी की तस्वीर स्पष्ट दिखती है।
    - नकली नोट में गांधीजी की धब्बानुमा तस्वीर है।
    3. ओरिजनल नोट : किनारे छूने पर सात काली लकीरें उभरी (खुरदरा) हुई महसूस होगी।
    - नकली नोट में लकीरें तो हैं, पर छूने पर प्लेन लगता है।
    4. ओरिजनल नोट : 2000 अंक को छूने पर उभरा हुआ या खुरदरा महसूस होगा।
    - नकली नोट में अंक के पास प्लेन है।

    अब बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते हो रही सप्लाई

    नोटबंदी के कारण भारत में फेक करेंसी मार्केट को लगे जोरदार झटके के साथ ही नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी व दबिश के बीच अब नए रूट बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए नकली नोटों की सप्लाई की जा रही है। आईएसआई के बांग्लादेशी एजेंट मो. राहिन के जरिए रहमान को नकली नोट की ताजा डिलिवरी बांग्लादेश बॉर्डर पर ही मिली थी। इससे पहले 9 जुलाई, 2017 को नकली नोट के साथ पकड़ा गया कैरियर सोजेबुल शेख (मालदा, पश्चिम बंगाल) भी बांग्लादेश के नवाबगंज से नकली नोटों की खेप लेकर सीमा पार करने के बाद बेतिया मंडी में खपाने पहुंचा था।

    ‘सॉफ्ट टारगेट’ पर दो हजार रुपए का नोट

    आईएसआई के नेपाल व बांग्लादेश मॉड्यूल के जरिए ऑपरेट हो रहे फेक करेंसी सिंडिकेट के सॉफ्ट टारगेट पर दो हजार के नए भारतीय नोट हैं। बीते डेढ़ वर्षों में डीआरआई के ऑपरेशन में पटना से दिल्ली तक मिले सिर्फ दो हजार रुपए के नकली नोट की खेप, इस सच्चाई पर मुहर लगाती है। पश्चिम बंगाल के रास्ते नकली नोट की सप्लाई बिहार, दिल्ली व अन्य राज्यों तक किए जाने के सबूत मिले हैं।

    नकली नोट की क्वालिटी देख कर चौंके अफसर

    तफ्तीश के दौरान बरामद पाक बेस्ड नकली नोट की हाई क्वालिटी देख कर अफसर भी चौंक गए। अफसरों के मुताबिक ओरिजनल इंडियन करेंसी में करीब डेढ़ दर्जन सुरक्षा फीचर्स हैं। इनमें अधिकांश फीचर्स नकली नोट में मिल रहे हैं। खासकर पेपर व प्रिंट की क्वालिटी पहली नजर में एक जैसी ही लगती है। वर्ष 2013 में भी इंटरनेशनल एजेंट रहमान सोनीपत में नकली नोट की खेप के साथ पकड़ा गया था।

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Web Title: Identification Of Real And Fake Notes
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