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भुखमरी के कगार पर है ये फैमिली, कभी पंजाब के रास्ते भटकर पहुंच गया था पाक

रामदास का परिवार अहियापुर थाने के संगम घाट के समीप सड़क किनारे बनी एक झोपड़ी में रहता है।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 13, 2017, 07:37 AM IST

  • भुखमरी के कगार पर है ये फैमिली, कभी पंजाब के रास्ते भटकर पहुंच गया था पाक

    मुजफ्फरपुर.पाकिस्तान की जेल में पांच साल तक बंद रहने के बाद बाद तीन साल पहले देश पहुंचे रामदास सहनी और उनका परिवार आर्थिक तंगी से भुखमरी का शिकार है। रामदास के पिता बिजली सहनी के अनुरोध पर पीएमओ ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को पुनरुत्थान, पुनर्वास, आर्थिक विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं देने का निर्देश दिए हैं। इस पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुट गया है।

    सिविल सर्जन डॉ. ललिता सिंह ने रामदास और उसके परिवार को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के संबंध में डीएम धर्मेंद्र सिंह को जानकारी दी है। उन्होंने 9 दिसंबर को पत्र लिखकर डीएम को इलाज की उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

    संगम घाट के समीप सड़क किनारे झोपड़ी में रहता है परिवार

    रामदास का परिवार अहियापुर थाने के संगम घाट के समीप सड़क किनारे बनी एक झोपड़ी में रहता है। उसके तीन बच्चे और पत्नी सकीला देवी दाने-दाने काे माेहताज है। सभी बड़े भाई पर आश्रित हैं। पिता बिजली बीमार हैं। उन्होंने बताया कि जब वे बेटे को लेने अमृतसर गए थे तो प्रशासन ने बड़ी-बड़ी बातें कही थी। लेकिन आने के बाद किसी ने सुध नहीं ली। उनका परिवार भुखमरी से जूझ रहा है तो प्रधानमंत्री से लेकर सीएम, डीएम, विधायक समेत 15 लोगों से मदद का अनुरोध किया है। लेकिन कोई सुविधा नहीं मिली। हालांकि अब पीएमओ के निर्देश पर उसके इलाज और रहन-सहन के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अमृतसर आने-आने में जो खर्च हुआ था, उसे देने के निर्देश डीएम ने दिए थे, लेकिन वह भी नहीं मिला। उन्होंने राशनकार्ड, वृद्घावस्था पेंशन, इंदिरा आवास, स्वास्थ्य जांच की सुविधा देने की मांग प्रशासन से की है।

    रोजगार की तलाश में गया था पंजाब, पहुंच गया पाकिस्तान


    पिता बिजली ने बताया कि रामदास काम-धंधे की तलाश में पंजाब गया था। फिर वहां से भटक कर पता नहीं कैसे पाकिस्तान पहुंच गया। काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। पांच साल बाद पाकिस्तान की जेल से पत्र आया। उसमें बताया गया था कि रामदास जेल में बंद है। इस पर जिला प्रशासन से संपर्क किया। फिर काफी मशक्कत के बाद रामदास को पाकिस्तान की जेल से रिहा करा कर घर लाए। हालांकि जेल में दी गई प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया था। इससे से परिवार परेशान है।

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Web Title: Indian Family Returned From Pakistan Under Malnutrition
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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