पटना

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20 ट्रक भरकर गए थे लालू के चारा घोटाले के पेपर्स, 12 साल में 3 बार गए जेल

पहली बार मुद्दा उठने से लालू के दोषी करार होने तक, ऐसी है इस घोटाले की टाइमलाइन।

Danik Bhaskar

Jan 05, 2018, 04:46 PM IST

पटना. लालू यादव को चारा घोटाले में 3.5 साल की जेल और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा हुई। 950 करोड़ के चारा घोटाले का खुलासा 1996 में हुआ था। साल 2000 में जब बिहार से झारखण्ड अलग हुआ, तब इस घोटाले के 61 में से 39 केस नए राज्य में ट्रांसफर कर दिए गए। केस ट्रांसफर के वक्त 20 ट्रक भरकर डॉक्यूमेंट्स भेजे गए थे, जिनके आधार पर सीबीआई कोर्ट ने बीते 23 दिसंबर को लालू यादव को दोषी करार दिया।

DainikBhaskar.com अपने रीडर्स को इस पूरे केस की टाइमलाइन बता रहा है।

ऐसे शुरू हुआ था मामला

- 1994 में बिहार पुलिस ने कई क्षेत्रों के ट्रेजरी डिपार्टमेंट से फर्जी बिल जमा करवाए। इसके बाद एनिमल हसबैंडरी डिपार्टमेंट के कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया।

- तब लालू यादव बिहार के सीएम थे। विपक्षी पार्टियों ने घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की। उनका आरोप था कि बिना सत्ताधारी पार्टी की जानकारी के इतना बड़ा स्कैम नहीं हो सकता।

- दो साल बाद 1996 में सीबीआई ने जांच शुरू की और चारे, पशुओं की दवा आदि के खर्च के लिए करोड़ों के बिल बरामद किए। यही नहीं, सीबीआई ने लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी को आय से ज्यादा संपत्ति रखने के आरोप भी लगाए।

- इस केस में लालू यादव दो बार जेल भी गए। 2017 में वे 7वीं बार जेल में हैं।

पहली बार- 30 जुलाई, 1997 (135 दिन)
दूसरी बार 28 अक्टूबर, 1998 (73 दिन)
तीसरी बार- 5 अप्रैल, 2000 (11 दिन)
चौथी बार- 28 नवंबर, 2000 (1दिन)
पांचवीं बार- 26 नवंबर, 2001 (23 दिन)
छठवीं बार - 3 अक्टूबर, 2013 (दो माह 10 दिन)
सातवीं बार - 23 दिसंबर, 2017

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