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इनामी आतंकी को तलाश रही है इंटरपोल, नीतीश कुमार ने कहा- सख्ती से निपटेंगे

कोलकाता के अमेरिकन कल्चरल सेंटर पर वर्ष 2002 में हुए हमले के बाद से ही गया भारत में आतंकी नेटवर्क के नक्शे पर आ गया था।

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 04:05 AM IST

गया. बिहार समृद्ध विरासतों से भरा पड़ा है। जरूरत है इसे संभालने का व विकास और सौंदर्यीकरण का। बोधगया में बौद्ध महोत्सव 2018 को उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बातें कहीं। नीतीश ने कहा कि बिहार में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। तीन करोड़ की संख्या पार कर गई है। वैश्विक महत्व देखते हुए ही 145 करोड़ की लागत से बनने वाले कल्चरल सेंटर का शिलान्यास किया गया। सीएम ने कहा-बोधगया ने दुनिया भर में अमन और शांति का पैगाम दिया है। यहां अातंक पैदा करने की कोशिश करने वाले बच नहीं पाएंगे।

गया के इनामी आतंकी आमिर रजा को तलाश रही है इंटरपोल

चार हार्ड डिस्क में आतंकियों का जिन्न कैद हुआ है। सुरक्षा तंत्रों को देश में आतंकी संगठनों के खिलाफ मिल रही सफलता इसी हार्ड डिस्क का कमाल है। इसके साथ ही देश भर के विभिन्न राज्यों में सक्रिय 120 आतंकी नेशनल एजेंसियां, एटीएस के राडार पर हैं। इसमें कुछ महिला आतंकी भी शामिल हैं, जिसकी तलाश सुरक्षा एजेंसियां सरगर्मी से कर रही है। इंडियन मुजाहिदीन, जैश ए मुहम्मद, लश्कर ए तोयबा के सक्रिय आतंकियों का सुराग हाथ लगने के बाद बड़ी सफलता की टोह में सुरक्षा एजेंसियों की कवायद तेज हो गई है।

गया के साइबर कैफे का है हार्ड डिस्क, कई एजेंसियां कर चुकी हैं पड़ताल

ये हार्ड डिस्क गया शहर में संचालित विष्णु साइबर कैफे के हैं। इसी साइबर कैफे से 13 सितंबर 2017 को पकड़ाया अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का आरोपित तौसीफ मैसेज भेजने का काम करता था। कैफे संचालक अनुराग बसु की सूझबूझ और हिम्मत से तौसीफ खां पकड़ा गया था। खुलासे के बाद कई राज्यों की एटीएस कैफे में रहे चार कंप्यूटर के हार्ड डिस्क को खंगाल चुकी है। हालांकि शुरुआत में एक हार्ड डिस्क की ही जांच की गई थी, जिससे कोई खास सुराग नहीं मिल सका था। बाद में चारों हार्ड डिस्क को खंगाला गया तो आतंकियों के देशभर के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसके बाद कई बड़े आतंकी दबोचे भी जा चुके हैं। पाक समर्थित आतंकी संगठन आईएसआई से भी नेटवर्क की जानकारी मिली है।

10 लाख के इनामी गया के आमिर रजा खां की तलाश

कोलकाता स्थित अमेरिकन कल्चरल सेंटर पर वर्ष 2002 में हुए हमले के बाद से ही गया भारत में आतंकी नेटवर्क के नक्शे पर आ गया था। इस मामले में गया के नीमचक बथानी से गिरफ्तारी भी हुई है। वहीं आईएम के संस्थापक सदस्यों में से एक रहा आमिर रजा खां गया के मोहनपुर का रहने वाला है। नेशनल एजेंसियां बता रही कि 2005 के बाद से इसने देश में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। इसकी तलाश अब इंटरपोल को भी है। आमिर रजा खां दस लाख का इनामी भी है। फिलहाल इसके पाक में होने की बात भी सामने आती रही है।

गोपालगंज में संदिग्ध के पकड़ाते ही फिर गया पहुंची एटीएस, कई स्थानों पर छापे

बोधगया में तीन टाइमर बम प्लांट करने व एक के आंशिक विस्फोट के मामले को लेकर गोपालगंज से संदिग्ध महफूज आलम के पकड़ाते ही बिहार एटीएस फिर से हरकत में आ गई है। एटीएस की टीम डीएसपी कुंदन कुमार के नेतृत्व में गया को पहुंची। गया में पहुंचकर एटीएस की टीम सबसे पहले तौसीफ के गया शहर के एपी कॉॅलोनी स्थित मीना देवी इवनिंग काॅलेज को पहुंची। यहां से आतंकी तौसीफ ने फर्जी तरीके से इंटर की परीक्षा पास की थी। एटीएस की टीम ने काॅलेज पहुंचकर कई फाइलों की पड़ताल की और कर्मियों से जानकारी ली। कई फाइलों को एटीएस की टीम अपने कब्जे में लिए जाने की बात भी सामने आई है।

अनुराग का 164 में बयान दर्ज

वर्ष 2008 में अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में अहम भूमिका निभाने वाला तौसीफ खां गया में शिक्षक बनकर पिछले आठ-नौ वर्षों से पनाह लिए हुए था और करमौनी में आतंक की पाठशाला चलाते हुए कई आतंकी संगठनों के संपर्क में था। 13 सितंबर 2017 को कैफे संचालक अनुराग बसु की मदद से सिविल लाईन थाना की पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी की थी।

साइबर कैफे की हार्ड डिस्क जांची

गया को पहुंची बिहार एटीएस की टीम अनुराग बसु के रहे साइबर कैफे आकर फिर से हार्ड डिस्क को खंगाला। बताया जा रहा कि शुरू में मास्टर कंप्यूटर का ही हार्ड डिस्क लेकर बिहार एटीएस रवाना हुई थी। वहीं तेलंगाना एटीएस चारों हार्ड डिस्क ले गई थी, जिससे आतंकियों के कई सुराग मिले थे। इसको देखते हुए इस बार सभी हार्ड डिस्क की पड़ताल बिहार एटीएस करेगी। बोधगया मामले में भी तौसीफ के नेटवर्क की संलिप्तता सामने आने पर जांच जारी है।

एटीएस डीएसपी कुंदन कुमार ने बताया कि तौसीफ के मामले को लेकर टीम गया को पहुंची है। वहीं कुछ और गोपनीय मामलों पर भी काम किया जा रहा है। अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।