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रौनक मर्डर केस : स्पॉट से चार से अधिक फिंगर प्रिंट के नमूने ले गई एफएसएल

रौनक के पिता सुधीर ने कहा कि पटना पुलिस से भरोसा टूट रहा है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 06:33 AM IST

पटना. कुम्हरार के चाणक्यनगर के प्रोपर्टी डीलर सुधीर कुमार के छोटे बेटे रौनक कुमार की अपहरण के बाद जिस दुकान में हत्या की गई, वहां से एफएसएल की टीम चार से अधिक फिंगर प्रिंट के नमूने लिए हैं। इसकी रिपोर्ट से खुलासा होगा कि हत्या में सिर्फ विक्की ही शामिल था या उसके अलावा भी लोग थे। संदलपुर में शुभम शृंगार एंड गिफ्ट काॅर्नर नामक यह दुकान आरोपी विक्की की है।

इस बीच, रौनक के पिता सुधीर ने कहा कि पटना पुलिस से भरोसा टूट रहा है। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए तभी साफ हो जाएगा कि इसमें कौन-कौन शामिल थे। पुलिस बार-बार यह क्यों कह रही है कि केवल विक्की ने हत्या की है। सुधीर का कहना है कि कोई किसी को विश्वास में लेकर किसी का हाथ बांध देगा क्या? वह भी जब रौनक को इस बात की जानकारी हो गई हो कि उसका अपहरण हो गया और फिरौती की मांग उससे करवाई जा रही है। दावा है कि विक्की गंजेड़ी और नशेड़ी है। रौनक उससे ज्यादा ताकतवर था। कहा-मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर बेटे के लिए इंसाफ मांगेंगे।


क्यों छोड़ दिया गया पूर्व विधायक के बेटे को

जब पुलिस विक्की व पूर्व विधायक के बेटे परशुराम को आलमगंज थाना ले गई तो सुधीर भी वहीं थे। सुधीर ने कहा कि मेरे सामने ही विक्की ने कहा था कि परशुराम भी शामिल है। वहां पर विक्की का पिता मंटू पासवान भी था। जब विक्की ने परशुराम का पुलिस के सामने नाम लिया तो परशुराम ने कहा था कि देखो तुम्हारा बेटा हमको फंसा रहा है। उसपर मंटू ने कहा कि हमको क्या मालूम। आखिर बाद में विक्की क्यों पलट गया? सुधीर बोले- जब एक आरोपी ने नाम लिया फिर पुलिस ने दूसरे दिन दिन ही क्यों छोड़ दिया?

क्यों विक्की बार-बार बोल रहा था कि अकेले मारे हैं


शुक्रवार को जब गिरफ्तार करने के बाद पुलिस विक्की को एसएसपी आॅफिस में लेकर आई थी, उस वक्त भी वह बार-बार यही कह रहा था कि हम अकेले मारे हैं। शनिवार को जेल जाने से भी उसने सुधीर से कहा- अकेले मारे हैं उसको। हमरा फांसी पर चढ़ा दो। आखिर क्यों बार-बार यही बात कह रहा है।


जांच कराएंगे: डीआईजी


डीआईजी राजेश कुमार ने कहा कि परिजनों को जिन लोगों पर संदेह हो रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी।

रौनक की हत्या के खिलाफ सड़क जाम, आगजनी


25 लाख रुपए की फिरौती के लिए अगवा छात्र रौनक की हत्या के खिलाफ रविवार की शाम छात्र-छात्राओं व स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र लोगों ने कुम्हरार के पास सड़क जाम की और टायर जला आगजनी की। इस दौरान पुलिस-पब्लिक में हाथापाई व झड़प हुई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को पीछे हटना पड़ा। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज कर खदेड़ा। करीब 3 घंटे तक पुरानी बाइपास कुम्हरार के पास अफरातफरी की स्थिति रही।


पुलिस पर पथराव

सड़क जाम के करीब आधा घंटे के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। प्रदर्शनकारी दिनेश कुमार, राजीव कुमार व प्रमोद का कहना था कि आरोपी विक्की पासवान ने अकेले रौनक की हत्या नहीं की है। घटना में शामिल अन्य अपराधियों को पुलिस बचा रही है। आक्रोशित लोगों की बाइपास थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद के साथ हाथापाई हो गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा


प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं व महिलाएं भी शामिल थी। पुलिस ने बिना किसी की परवाह किए लाठीचार्ज कर दिया। भगदड़ में कई छात्र चोटिल हो गए। छात्रा प्रभा पाठक, छात्र जीतेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस हत्यारों को बचाने में लगी है। जबतक न्याय नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा। आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज और अपशब्द कहा है। प्रदर्शनकारी मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। सिटी एसपी विशाल शर्मा ने कहा कि आरोपी विक्की पासवान ने अपराध स्वीकार किया है उसे जेल भेजा गया है। पुलिस का अनुसंधान जारी है।

क्यों भड़का आक्रोश

- पुलिस की कार्यशैली पर गुस्सा
- छात्र की रौनक की हत्या की बात पुलिस ने छुपाई
- घटना में शामिल अन्य लोगों को क्यों बचा रही पुलिस
- हत्या में और कौन-कौन शामिल हैं, इसका खुलासा नहीं कर रही पुलिस
- रची गई गहरी साजिश

अब ये होगा

- पुलिस आरोपी विक्की के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करेगी
- फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट
- स्पीडी ट्रायल की सजा की तैयारी
- प्रदर्शन के खिलाफ प्राथमिकी

क्या है लोगों की मांग

- दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
- मामले की जांच सीबीआई से हो
- दोषी को मिले फांसी की सजा

परिजन से मिले रामकृपाल

पीड़ित परिजनों से मिलने रविवार को केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव चाणक्य नगर आवास पर पहुंचे। पिता सुधीर कुमार ने कहा कि घटना में और भी लोग शामिल है।