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इस अफसर की संपत्ति की जांच को पहुंची टीम, पत्नी के खाते में मिले थे 1.50 करोड़

कल्याण पदाधिकारी और उनकी पत्नी इंदु गुप्ता के नाम से पटना के बोरिंग रोड एसके पुरी एसबीआई शाखा में ज्वाइंट खाता है।

Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 04:38 AM IST

भागलपुर. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में फंसे भागलपुर के जिला कल्याण पदाधिकारी और सृजन घोटाले के आरोपी अरुण कुमार की चल-अचल संपत्ति की जांच करने के लिए सोमवार को पटना से स्पेशल विजिलेंस की टीम भागलपुर पहुंची। टीम में डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। दोपहर में स्पेशल विजिलेंस के अधिकारी बीएयू स्थित कैंप ऑफिस में सीबीआई के अफसरों से मिले और अरुण कुमार व उनकी पत्नी इंदु गुप्ता के खिलाफ जांच में मिले सबूतों का अध्ययन किया। टीम ने इन सबूतों की एक-एक प्रतियां भी सीबीआई के अफसरों से मांगी है।

पत्नी के नाम मिली है 2.67 करोड़ की संपत्ति

माना जा रहा है कि मंगलवार को स्पेशल विजिलेंस की टीम अरुण कुमार के फ्लैट की भी जांच कर सकती है। एसआईटी ने अरुण कुमार को सृजन घोटाले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें पटना स्थित बेऊर जेल में शिफ्ट करवा दिया था। इसी बीच निगरानी ने अरुण कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। निगरानी की जांच में अरुण कुमार और उनकी पत्नी के नाम 2.67 करोड़ की अघोषित संपत्ति मिली है। इसमें चल-अचल दोनों तरह की संपत्ति शामिल है। निगरानी सूत्रों ने बताया कि पति-पत्नी के नाम पर कुल तीन करोड़ 15 लाख 96 हजार की चल-अचल संपत्ति जांच में मिली है। इसमें अरुण कुमार ने 48 लाख रुपए बचत दिखाया है, लेकिन 2.67 करोड़ इनके पास कहां से आएं, इसका लेखा-जोखा नहीं है। बता दें कि सृजन घोटाले में भी अरुण कुमार आरोपी हैं। उनसे ज्यादा उनकी पत्नी इंदु गुप्ता के खिलाफ एसआईटी और सीबीआई को सबूत मिले हैं।

पत्नी के खाते में मिले थे 1.50 करोड़
अगस्त माह में इंदु गुप्ता के खाते से एसअाईटी ने 1.50 करोड़ रुपए जब्त किये थे। भागलपुर के बंधन बैंक में इंदु गुप्ता का खाता है। घोटाले में पति का नाम आने और केस दर्ज होने के बाद इंदु गुप्ता सभी पैसे निकाल कर भागने की फिराक में थी। इस कारण आठ लाख रुपए निकाल भी चुकी थी। लेकिन एसआईटी को इसकी भनक लग गई थी और तत्काल बंधन बैंक के खाते को फ्रिज करवा दिया गया था।

इंदु के नाम दिया था 10 लाख का चेक
छापेमारी के दौरान भागलपुर स्थित श्याम अपार्टमेंट से इंदु गुप्ता के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा का दस लाख का एक चेक बरामद हुअा था। यह चेक सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड, सबौर की सचिव रजनी प्रिया और प्रबंधक सरिता झा के हस्ताक्षर से 25 जुलाई 2017 को जारी हुआ था। भागलपुर और पटना स्थित फ्लैट में छापेमारी में टीम को पति-पत्नी के नाम से 11 अलग-अलग बैंकों के खाते मिले थे। सभी खातों में 17. 79 लाख रुपए जमा थे।

घर से मिले थे 4 लाख 57 हजार
कल्याण पदाधिकारी और उनकी पत्नी इंदु गुप्ता के नाम से पटना के बोरिंग रोड एसके पुरी एसबीआई शाखा में ज्वाइंट खाता है। इसमें करीब 16 लाख रुपए जमा है। वहीं कल्याण पदाधिकारी के पटना आवास से छापेमारी में कुल चार लाख 57 हजार 500 रुपए बरामद हुए थे। यहीं नहीं, छापेमारी के दौरान टीम को भागलपुर स्थित आवास से कूड़े में फेंका हुआ एक करोड़ 36 लाख 94 हजार 865 रुपए का रफ इस्टीमेट का हिसाब-किताब मिला था। कल्याण पदाधिकारी अौर उनकी पत्नी इंदु गुप्ता सृजन से मिले कमीशन और काली कमाई बैंक में नहीं रखते थे। ज्यादा से ज्यादा पैसों की पत्नी, पुत्र वधू ज्वेलरी खरीद लेती थी। छापेमारी में पटना आवास से एक दुकान का डीड भी बरामद हुआ है, जो करीब 55 लाख 39 हजार 750 रुपए का है। यह दुकान गिफ्ट में मिला है। पटना के बाकरगंज इलाके डूडा कांप्लेक्स में यह दुकान अवस्थित है।