पटना

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सीएम आवास में तैनात जवान गिरा तो इंसास से चली गोली, पीएमसीएच में भर्ती

डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं है। 2002 में बीएमपी वन में बहाल हुआ पूजन मूल रूप सिक्किम का रहने वाला है।

Danik Bhaskar

Jan 22, 2018, 07:12 AM IST
घायल जवान। घायल जवान।

पटना. सीएम हाउस में संतरी की ड्यूटी खत्म कर बीएमपी वन यानी गोरखा बटालियन का जवान पूजन गुरुंग नीचे उतर रहा था। इसी दौरान वह गिर गया और अपने ही इंसास से चली गोली से घायल हो गया। घटना शनिवार की रात करीब 10:30 बजे की है। 35 साल के पूजन के घायल होने की सूचना वहां तैनात दूसरे संतरी को उस वक्त मिली जब वह ड्यूटी खत्म होने के बाद पोस्ट से नहीं आया। जिसकी ड्यूटी रात में वहां लगी थी, वह वहां गया तो उसने देखा कि पूजन लहूलुहान है। उसे पीएमसीएच में भर्ती किया गया।


पूजन के सीने के बांयी ओर से गोली लगी और पीछे से निकल गई। सूचना मिलने के बाद कई पुलिस अधिकारी पीएमसीएच पहुंचे थे। रविवार को भी पुलिस उसका बयान नहीं ले सकी है।


सिक्कम का रहने वाला है पूजन

डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं है। 2002 में बीएमपी वन में बहाल हुआ पूजन मूल रूप सिक्किम का रहने वाला है। परिवार के साथ वह राजा बाजार में रहता है। शनिवार को उसकी डयूटी सीएम आवास में पूरब की ओर स्थित पोस्ट में लगी थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ। वहीं पूजन को गोली लगने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ काम करने वाले साथी के अलावा उनकी पत्नी और परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।

हार्ट बच गया, फेफड़े को छूती हुई गोली निकल गई


पूजन का इलाज पीएमसीएच के इमरजेंसी आईसीयू 3 में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक एक्स-रे रिपोर्ट में पता चला कि शरीर में गोली नहीं है। हार्ट बच गया है। फेफड़े को छूती हुई गोली निकली है जिससे खून जमा हो गया था। चेस्ट ट्यूब की मदद से करीब 800 एमएल ब्लड निकाला गया और 3 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया है। जवान का बीपी और पल्स रेट नॉर्मल है। कम से कम दस दिन तक उसका इलाज चलेगा। इधर, सिटी एसपी सेंट्रल डी. अमरकेश ने बताया कि एक्सीडेंटल गोली चली है। खुदकुशी के प्रयास जैसी कोई बात नहीं हैं।

खुदकुशी का प्रयास नहीं


एक्सपर्ट का कहना है कि इंसास के मैग्जीन में 20 गोली रहती है। उसमें स्विच सिस्टम रहता है। उससे एक बार में एक या तीन गोली चलती है। यह स्विच को सेट करने पर निर्भर करता है। अक्सर वीआईपी आवास पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड इस हथियार को एक गोली चलने वाले स्विच पर सेट करके रखते हैं। वह इसलिए कि कहीं ट्रिगर गलती से दब गई तो एक साथ तीन गोलियां नहीं निकलेंगी, जिसे बर्स्ट फायरिंग कहते हैं। अगर वह सुसाइड करना चाहता तो सीधे इंसास को गर्दन के पास रखकर फायर कर देता और बर्स्ट फायरिंग कर देता पर ऐसा नहीं हुआ है।

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