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कॉलेज में स्टूडेंट जदयू लीडर की कमरे में बंदकर पिटाई, प्रिंसिपल का बेटा अरेस्ट

छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष माणिक आलम ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर हम आरकेके कॉलेज पहुंचे।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 06:18 AM IST

पूर्णिया. पार्ट-1 के फॉर्म में अवैध उगाही को लेकर आरकेके कॉलेज में सोमवार को फिर जमकर बवाल हुआ। कॉलेज में 750 रुपये की जगह 2300 रुपये लिया जा रहा था। छात्रों से अवैध उगाही की सूचना पर मौके पर छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष माणिक आलम, आलोक राज, सुजीत कुशवाहा, धनश्याम यादव पहुंचे। छात्र जदयू नेताओं के कॉलेज पहुंचते ही मामला और उग्र हो गया। करीब 45 मिनट तक कॉलेज परिसर रणक्षेत्र में तबदील रहा। प्राचार्य के बेटे ने छात्र जदयू नेता की पिटाई कर दी।


कॉलेज स्टाफ ने छात्र जदयू नेताओं की जमकर पिटाई की। इसमें छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष माणिक समेत कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले में छात्र जदयू के आलोक राज ने मधुबनी टीओपी थाना में आरकेके कॉलेज के प्राचार्य इंद्रनानंद यादव समेत उनके बेटों व अन्य के खिलाफ आवेदन दिया है। इसके बाद जदयू छात्रों ने सड़क जाम कर दिया। आरकेके कॉलेज के प्राचार्य की तरफ से प्रो. अरविंद कुमार सिंह द्वारा माणिक आलम के अलावा असमाजिक तत्वों पर कॉलेज परिसर में तोड़-फोड़, मारपीट व रुपया छीनने के का केस एसपी व टीओपी मधुबनी में दर्ज करवा दिया गया है। छात्र मनिष कुमार, रवि रंजन, परवेज आलम, शुभम कुमार ने बताया कि कॉलेज प्रवंधन पार्ट वन के छात्रों से परीक्षा फॉर्म भरने के नाम पर 2300 रुपया वसूल रहा है। मामले में पुलिस ने इंद्रानंद यादव के बेटे राणा यादव व अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है।

जान से मारने का लगाया आरोप


छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष माणिक आलम ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर हम आरकेके कॉलेज पहुंचे। प्राचार्य इंद्रनांद यादव से पूछा कि आप बीए पार्ट वन में रजिस्ट्रेशन व फॉर्म भरने में अवैध रूप से 2300 रुपया क्यों ले रहे है, जबकि वास्तविक चार्ज 750 रुपया है। इस पर कॉलेज प्राचार्य इंद्रानंद यादव ने जदयू नेता को जातिसूचक शब्द कहकर गाली दी। उसी वक्त प्राचार्य का बेटा राणा यादव कॉलेज के कर्मचारी के साथ-साथ अन्य 10-20 लोगों के साथ कुल्हाड़ी, लोहा का छड़, लाठी-डंडा के साथ मारपीट करने लगा। उसने कमरे में बदकर पिटाई की और जान मारने की कोशिश की।

पिछले साल भी विवादों में रहा था आरकेके कॉलेज


2017 के अक्टूबर व नवंबर माह से ही अपनी कार्यशैली को लेकर आरकेके कॉलेज सुर्खियों में रहा है। फर्जी नामांकन, अवैध वसूली के साथ अन्य कॉलेजों में नामांकन करवाने को लेकर कॉलेज प्राचार्य व उनके बटों पर केस भी दायर हुआ। 14, 29,30,31 अक्टूबर को आरकेके कॉलेज में फर्जी नामांकन को लेकर छात्रों ने कॉलेज के साथ सड़क पर जमकर हंगामा किया था। इस हंगामे के कारण पार्ट वन की परीक्षा को कैंसिल करना पड़ा था। आरकेके कॉलेज को लेकर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इसकी जांच के लिए भेजा था। डीईओ के जांच रिपोर्ट में भी भारी गड़बड़ी की बात सामने आयी थी।