पटना

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खरमास खत्म, शादी के लिए कार्ड छपाने से लेकर बैंड-बाजे तक की बुकिंग शुरू

फरवरी में होने वाले शादियों को लेकर पहले से ही लोगों ने तैयारी कर रखी थी।

Danik Bhaskar

Jan 17, 2018, 04:39 AM IST

औरंगाबाद. दिसंबर माह से शुरू हुआ खरमास अब खत्म हो चुका है। खरमास के खत्म होते ही शहनाई बजाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। मकर संक्रांति के बाद लोग अब शादी की खरीदारी में जुट गए हैं। जिससे बाजार में भी रौनक लौटी है। विगत 14 दिसंबर से खरमास शुरू हुआ था। जो 15 जनवरी को समाप्त हुआ। खरमास के कारण शादी- विवाह सहित अन्य सभी मांगलिक कार्य बंद पड़े थे। जो शुरू हो गए हैं। शादी के लिए शुभ लग्न का मुहूर्त जनवरी माह से जून माह तक का है। जनवरी माह में मात्र दो दिन ही लग्न है।


फरवरी में की शादियों के लिए तैयारी


फरवरी में होने वाले शादियों को लेकर पहले से ही लोगों ने तैयारी कर रखी थी। लेकिन खरमास शुरू हो जाने के कारण उसे ठप रखा गया था। अब फिर से लोग उसकी तैयारी में जुट चुके हैं। होटल, विवाह भवन, डेकोरेशन, गाड़ियां की बुकिंग में भी तेजी आई है। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार बसंत पंचमी के बाद मांगलिक कार्यों में और तेजी आएगी।

शादी कार्ड छपाने से लेकर बैंड-बाजे तक की बुकिंग शुरू


खरमास खत्म होने के बाद लोग शादी कार्ड छपाने से लेकर बैंड-बाजों की बुकिंग कराने में लग गए हैं। इसको लेकर प्रिटिंग प्रेस व बैंड-बाजा की दुकानों में भीड़ भी देखी जा रही है। थ्री डी, डायरी कार्ड व कपड़े की कार्ड की मांग ज्यादा है। वैवाहिक लग्न को देखते हुए प्रिटिंग प्रेस वालों ने भी शादी कार्डों का स्टॉक भर रखा है। लोग अपने आर्थिक स्थिति के अनुसार कार्ड छपवा रहे हैं। तीन रुपये से लेकर 500 रुपये तक के कार्ड बाजार में उपलब्ध हैं। इसके साथ-साथ कपड़ा व ज्वेलरी दुकानों में भी लोग खरीदारी में लग गए हैं।

खरमास में नहीं होते शुभ कार्य

खरमास में शुभ कार्य नहीं होते हैं। इस कारण से ही सभी मांगलिक कार्यों को स्थगित कर दिया जाता है। पंडित कमल किशोर पांडेय व बैजनाथ दूबे बताते हैं कि विवाह में दो प्रमुख कारक ग्रह वृहस्पति एवं शुक्र माने जाते हैं। वृहस्पति जहां सात्विक एवं आत्मीय सुखों का कारक है, वहीं शुक्र भौतिक सुख व समृद्धि का। इन दोनों ग्रहों का विवाह के साथ गोचर में शुभ रहना आवश्यक माना जाता है।

माहवार विवाह मुहूर्त की आंकड़ा

पंडितों के अनुसार इस बार जनवरी माह में मात्र दो दिन ही लग्न है। इनमें 16 व 22 जनवरी शामिल हैं। इसके बाद फरवरी माह में 22, 24, 25, मार्च में 1, 2, 5, 6, 8, 10, 12, अप्रैल- 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29 व 30 को वैवाहिक लग्न है।

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