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किडनैप्ड स्टूडेंट ने किया कॉल, रोते हुए कहा- बचा लीजिए जान खतरे में है

छात्र अनुराग राज ने अपहरण के आठवें दिन बाद चचेरे भाई अखिलेश से मोबाइल पर बात की।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 06:14 AM IST

मोतिहारी/मुजफ्फरपुर. पूर्वी चंपारण के चकिया थाने के छतौनी से अपहृत ढाका थाने के सराठा गांव का छात्र अनुराग राज ने अपहरण के आठवें दिन बाद चचेरे भाई अखिलेश से मोबाइल पर बात की। उसने परिजनों से रोते हुए कहा कि बचा लीजिए जान खतरे में है। अनुराग के परिजन इस कॉल के बाद से अनहोनी को लेकर चिंतित हैं। इसके बाद मोतिहारी पुलिस मुजफ्फरपुर पहुंच कर अपहृत छात्र की तलाशी का सुराग लगाने में जुटी रही। दारोगा रजा अहमद ने नगर थानेदार केपी सिंह से इस बावत रणनीति तय की।


अनुराग के चाचा नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सात दिसंबर से ही उनका भतीजा रहस्यमय ढंग से लापता है। कई बार थाने और वरीय पुलिस अधिकारी के यहां दौड़ा तो 11 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई। अपहरण के बाद से अनुराग का मोबाइल लगातार चालू हालत में रहा, लेकिन पुलिस छानबीन में शिथिलता बरतती रही। इस बीच एक बार उसने 12 दिसंबर को कॉल किया तो केवल रोने की आवाज आ रही थी। शुक्रवार को सुबह अपने चचेरे भाई से मोबाइल पर उसने बात की और रोते हुए कहा कि उसकी जान को खतरा है। हमेशा उसके साथ चार पांच लोग रहते हैं। इसमें एक का नाम गोलू है। पांच दिन पहले भी परिजन अनुराग को खोजते हुए मुजफ्फरपुर पहुंचे थे।

चक्कर चौक के आस-पास आ रहा लोकेशन


परिजनों के आग्रह पर नगर थानेदार केपी सिंह ने उसका मोबाइल टॉवर लोकेशन भी निकाला था। उस दिन मोबाइल लोकेशन मोतीझील था लेकिन पुलिस उसका सुराग नहीं ढूंढ़ पाई थी। अपहरण के बाद सात दिसंबर को अनुराग टॉवर लोकेशन के अनुसार दिन भर मोतिहारी में जैन मंदिर के आस पास था। उसके बाद रात नौ बजे से उसके मोबाइल का लोकेशन मुजफ्फरपुर बता रहा है। चक्कर चौक के आस पास ही अनुराग के मोबाइल का लोकेशन आठ दिसंबर से बता रहा है। दिन में वह मुजफ्फरपुर के शुक्ला रोड, मोतीझील समेत कई इलाके में रहता है लेकिन रात से लेकर सुबह 11 बजे तक उसके मोबाइल का लोकेशन चक्कर चौक के पास रहता है। पुलिस छानबीन में लगी है।

मुजफ्फरपुर आई मोतिहारी पुलिस तो लोकेशन हो गया दरभंगा


परिजन को अनुराग का कॉल आने के बाद मोतिहारी पुलिस मुजफ्फरपुर पहुंची। तब अनुराग के मोबाइल का लोकेशन लिया गया तो दरभंगा का लोकेशन आया। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि पुलिस व परिजनों के मूवमेंट का अनुराग या उसके साथ के लोगों को सूचना मिल रही है। आईओ रजा अहमद ने बताया कि अपहरण के बाद से अनुराग ने कई बार अपने गांव के एक मित्र से कॉल कर बात की है। उसके उस मित्र से पूछताछ की गई है लेकिन वह कोई महत्वपूर्ण बात नहीं बता पाया है। उससे दुबारा पूछताछ की जाएगी।

अपहरण के बाद बदलता रहा लोकेशन


घोड़ासाहन थाने की पुलिस पहुंची मुजफ्फरपुर तो छात्र का लोकेशन दरभंगा हो गया। अपहरण के बाद से मुजफ्फरपुर के चक्कर चौक, शुक्ला रोड व मोतीझील लोकेशन था। एक दोस्त के नंबर पर अपहरण के बाद कई बार बात की है, इससे पुलिस को प्रेम प्रसंग का संदेह है।