पटना

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मंत्री ने कहा- 8 लाख युवाओं को मिलेगा एकाउंटेंसी और जीएसटी का नि:शुल्क ट्रेनिंग

मंत्री ने कहा कि बिहार श्रम शक्ति का राज्य है। श्रमिकों के लिए नई श्रम नीति बना कर इसे लागू कराया जाएगा।

Danik Bhaskar

Dec 10, 2017, 06:17 AM IST

पटना. शनिवार को खुला मंच की नौवीं कड़ी में श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा उपस्थित थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए दैनिक भास्कर के चयनित पाठकों के सवालों का जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि बिहार श्रम शक्ति का राज्य है। श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नई श्रम नीति बना कर इसे लागू कराया जाएगा। मंत्री ने आगे बताया कि राज्य में आईटीआई की व्यवस्था भी बेहतर की जा रही है। युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। श्रमिक संगठनों व दैनिक भास्कर के पाठकों के सुझाव से नई योजना व नीति बनाने में मदद मिलेगी। मंत्री ने भास्कर के पाठकों का आभार भी जताया।

श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दैनिक भास्कर के खुला मंच कार्यक्रम में कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कौशल विकास कराया जा रहा है। कौशल प्रशिक्षण देकर युवाओं को काबिल बनाया जा रहा है। राज्य में 8 लाख फैक्ट्री व प्रतिष्ठानों को सरकार ने लाइसेंस दिया है। हमारा लक्ष्य है कि अनुमंडल स्तर पर लगभग आठ लाख युवाओं को एकाउंटेंसी व जीएसटी का प्रशिक्षण दिला कर इन फैक्ट्री व प्रतिष्ठानों में रोजगार दिला जा सकें। मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि नौकरी लेने की बजाय स्वरोजगार कर युवाओं को रोजगार दें।

- बिहटा वीरेंद्र सिंह ने पूछा कि आईटीआई में कई गड़बड़ियां हो रही हैं। पास छात्रों को सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा है। ऐसा क्यों?

- मंत्री : प्राइवेट आईटीआई में बिना पढ़ाई डिग्री दिलाने जैसे मामले की खूब शिकायत मिल रही है। सरकार ने तय किया कि ऑपरेशन क्लीन चला कर सरकारी और निजी आईटीआई में पूरी व्यवस्था दुरुस्त कराएंगे। गड़बड़ी दूर करने के लिए दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई होगी। निजी आईटीआई एनसीवीटी के नियमों का पूरी तरह पालन करे, यह सुनिश्चित कराया जाएगा। मैं खुद सिविल इंजीनयिरिंग डिप्लोमा हूं। बेरोजगारी की स्थिति को खूब अच्छी तरह महसूस किया है। इसलिए छात्रों और युवाओं को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए समुचित उपाय किए जाएंगे।

- भोजपुर के राजेंद्र कुमार ने पूछा कि आखिर आज भी सरकार क्यों अंग्रेजों के जमाने का श्रम कानून ही चला रही है? क्या सरकार के पास श्रमिकों का डाटाबेस है?
- मंत्री :
राज्य में नई श्रम नीति बनाई जा रही है। श्रमिक संगठनों के साथ ही विभिन्न पक्षों से चर्चा की जा रही है। श्रम नीति ऐसी होगी, जिससे श्रमिकों के साथ ही नियोक्ताओं को भी लाभ मिल सके। देश में केरल के बाद बिहार दूसरा राज्य होगा, जहां नए प्रावधानों के अनुरूप श्रम कानून होगा। नए कानून में श्रमिकों के हितों की रक्षा की बात है। प्रतिभा का सम्मान होना चाहिए। सरकार पूरी ईमानदारी से श्रम कानूनों को लागू कराएगी। इसके तहत श्रमिकों को जरूरी लाभ दिलाने के लिए कार्रवाई होगी। सरकार के पास श्रमिकों का पूरा डाटा तो नहीं है, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में मजदूरों का अलग-अलग डाटा है। विभिन्न जिलों में श्रमिकों का निबंधन कराया जा रहा है। निबंधन के आधार पर सरकार के पास मजदूरों का डाटा है। निबंधित मजदूरों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है।


- पटना नौबतपुर निरंजन कुमार ने पूछा कि राज्य से बाहर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के साथ ही सरकार उनकी क्या सहायता करती है?
- मंत्री :
अप्रवासी मजदूरों का पोर्टल है। इसपर अप्रवासी मजदूर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। राज्य से बाहर काम करने वाले मजदूर सरकार की नजर में होते हैं। उन्हें भी श्रमिकों की योजनाओं का लाभ दिलाने का पूरा प्रावधान है। बीमा कराया जाता है। दुर्घटना में मौत पर परिजनों को मुआवजा दिलाया जाता है। शोषण की स्थिति में अधिकारी संबंधित राज्य के अधिकारियों से बात कर न्याय दिलाते हैं। दुर्घटना में मौत होने पर मुआवजा दिया जाता है। दुर्घटना में मौत पर 4 लाख रुपए मुआवजा और स्थायी अपंगता पर 75 हजार रुपए मिलते हैं।

- पूर्णिया के निक्कू कुमार ने पूछा कि बेरोजगारों के लिए क्या कर रही सरकार?

- मंत्री : राज्य में 1300 से अधिक केंद्रों पर कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभिन्न स्तरों पर नियोजन मेला लगाए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न सेक्टर की कपंनियों और एजेंसियों को बुलाया जाता है। 25 से अधिक कर्मी वाली एजेंसी और नियोक्ता संस्थानों से रिक्त पदों की सूचना मांगी गई है।

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