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अनोखा स्टेशन : ट्रेनों की दिशा देख पैसेंजर्स करते है सफर, नहीं होता अनाउंसमेंट

बांका से रेल यात्रा का सफर 2004 से शुरू हुई, जब पहली बार बांका-राजेंद्रनगर के लिए एक्सप्रेस ट्रेन चली थी।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 07:29 AM IST
बांका रेलवे स्टेशन पर खड़ी बांका-अंडाल पैसेंजर ट्रेन। बांका रेलवे स्टेशन पर खड़ी बांका-अंडाल पैसेंजर ट्रेन।

बांका (बिहार). बांका रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर्स अक्सर सही ट्रेन पकड़ने को लेकर भ्रम में रहते हैं। खासकर दोपहर 12 बजे खुलने वाली बांका-अंडाल लोकल ट्रेन के यात्री तो हमेशा इस आशंका में रहते हैं कि कहीं वे गलत ट्रेन में तो यात्रा नहीं कर रहे हैं। क्योंकि स्टेशन पर ट्रेन को लेकर न तो कोई एनाउंसमेंट की जाती है और न ट्रेन में इसके नाम व नंबर का कोई बोर्ड लगा होता है। यात्री गाड़ी का समय व जाने की दिशा के अाधार पर इसमें सवार होते हैं।


स्टेशन पर सुविधाओं का है अभाव

बांका से रेल यात्रा का सफर 2004 से शुरू हुई, जब पहली बार बांका-राजेंद्रनगर के लिए एक्सप्रेस ट्रेन चली थी। लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां यात्री सुविधा के नाम पर चापाकल के अलावा कुछ नहीं है। इस कारण रेल सुविधा के नाम पर बांकावासी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर मालदा डिवीजन के डीआरएम मोहित सिन्हा से बात करने की कोशिश की गई। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

दिशा देख कर करते हैं जसीडीह की ओर सफर

पैसेंजर प्रदीप ठाकुर ने कहा कि यहां ट्रेन आने-जाने का एनाउंसमेंट नहीं होता है। यह ट्रेन कहां से आई है और कहां जाएगी, कुछ पता नहीं चलता। हमलोग जानते हैं इस समय बांका-अंडाल लोकल ट्रेन आती है। इसी अनुमान के आधार पर हम पर सफर पर निकल जाते हैं। लेकिन यदि किसी नए आदमी को सफर करनी हो तो उसे काफी मुश्किल होगी।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें क्या कहना है पैसेंजर्स का...

पैसेंजर विश्वजीत कुमार पैसेंजर विश्वजीत कुमार

स्टेशन पर कभी नहीरं होता  है अनाउंसमेंट 

 

पैसेंजर विश्वजीत कुमार का कहना है कि दिशा देखकर बांका स्टेशन से सवारी करते हैं। ट्रेन में नाम नहीं लिखा है। स्टेशन पर भी एनाउंसमेंट भी नहीं होता है। जो यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बनता है।

रेल यात्री जूली कुमारी रेल यात्री जूली कुमारी

स्टेशन पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं  

 

रेल यात्री जूली कुमारी का कहना है कि इस समय यदि कोई दूसरी ट्रेन भी कभी आ जाएगी तो यात्री बांका-अंडाल समझकर उस पर बैठ जाएंगे। स्टेशन पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है।  

रेल यात्री गणेश पंडित रेल यात्री गणेश पंडित

लगता है कहीं गलत ट्रेन में तो नहीं बैठ गए

 

रेल यात्री गणेश पंडित का कहना है कि इस ट्रेन से सफर करने में हर वक्त मन में एक अंदेशा लगा रहता है कि कहीं गलत ट्रेन पर तो नहीं बैठ गए। बस इतना ही तसल्ली रहता है कि स्टेशन पर इस वक्त यही ट्रेन आती है। 

पैसेंजर संतोष कुमार मिश्रा पैसेंजर संतोष कुमार मिश्रा

रेलवे को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है

 

पैसेंजर संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि रेल विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। ट्रेन में नाम नहीं लिखा होने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है। 

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बांका रेलवे स्टेशन पर खड़ी बांका-अंडाल पैसेंजर ट्रेन।बांका रेलवे स्टेशन पर खड़ी बांका-अंडाल पैसेंजर ट्रेन।
पैसेंजर विश्वजीत कुमारपैसेंजर विश्वजीत कुमार
रेल यात्री जूली कुमारीरेल यात्री जूली कुमारी
रेल यात्री गणेश पंडितरेल यात्री गणेश पंडित
पैसेंजर संतोष कुमार मिश्रापैसेंजर संतोष कुमार मिश्रा
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