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पटना : अब समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले बच्चों की बच जाएगी जान

लेमिनर फ्लो में ही बच्चे की खाद्य सामग्री तैयार की जाएगी। इसके बाद वह बच्चे को नस के जरिए दी जाएगी।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 04:49 AM IST

पटना. पीएमसीएच में अब समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले बच्चों की भी जान बचाई जा सकेगी। यह सुविधा एक सप्ताह के अंदर शिशुरोग विभाग में हो जाएगी। इसमें ऐसे बच्चों की जान बचाई जाएगी जो 6 महीने में ही पैदा हो जाते हैं या जिनका वजन एक किलो से कम होता है। इन बच्चों को 15 से 20 दिन तक मुंह से कुछ भी देना संभव नहीं होता। इन नवजात को आईवी फ्लूइड से ही सबकुछ देना पड़ता है। सिर्फ ग्लूकोज देने से इन बच्चों का विकास नहीं होता।

नीकू में लगेगी मशीन

ऐसे बच्चों को टोटल पैरेंटल न्यूट्रीशन (टीपीएन) देने की जरूरत होती है, जैसे ग्लूकोज, प्रोटीन और फैट। टीपीएन भी बच्चों को नस से ही देना पड़ता है। टीपीएन देने के लिए लेमिनर फ्लो उपकरण की जरूरत होती है। पीएमसीएच में यह मशीन मंगा ली गई है और नीकू में लगाई जा रही है। इसके आ जाने से बीमार नवजात को अब ग्लूकोज, प्रोटीन और फैट भी दिया जा सकेगा।

लेमिनर फ्लो मशीन में बनेगा खाना

लेमिनर फ्लो में ही बच्चे की खाद्य सामग्री तैयार की जाएगी। इसके बाद वह बच्चे को नस के जरिए दी जाएगी। इससे बच्चे को इनफेक्शन नहीं होगा। क्योंकि ऐसे बच्चों को इनफेक्शन लगने की संभावना अधिक रहती है। लेमिनर फ्लो मशीन की व्यवस्था पहली बार राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में की जा रही है। इन बच्चों को कुछ भी देना होगा तो वह लेमिनर फ्लो के माध्यम से ही दिया जाएगा।

नीकू में अब 48 बेड

शिशुरोग विभागाध्यक्ष डॉ. एके जायसवाल ने कहा ऐसे बच्चों को नीकू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में रखकर इलाज करना पड़ता है। एक सप्ताह में नीकू में 24 से बढ़कर 48 बेड हो जाएंगे। हर बेड के पास ऑक्सीजन सप्लाई, इनफ्यूजन पंप और मॉनिटर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पांच वेंटिलेटर और छह सी-पैप मशीन की सुविधा है।

अब बेड पर ही होगा एक्स-रे

अब नीकू में भर्ती नवजात बच्चों को एक्स-रे कराने के लिए नीचे नहीं ले जाना पड़ेगा। बेड साइड पोर्टेबल एक्स-रे की सुविधा बहाल की गई है। नीकू में एक महीने तक के ही बीमार बच्चों का इलाज होता है। इन सुविधाओं के बहाल हो जाने से बच्चों की जान बचाने में कामयाबी मिलेगी। ये सारी सुविधाएं मुफ्त में मिलेंगी, जिससे गरीब बच्चों की जान बचेगी।