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मठ के महंत की अपराधियों ने गोली मार की हत्या, 20 साल पहले यूपी से आए थे यहां

घायल साधु छोटन दास ने बताया कि रात करीब 11 बजे दो की संख्या में अपराधी आए। आते ही पहले मौनी बाबा को दो गोली मार दी।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 05:45 AM IST

हाजीपुर/राघोपुर. मीरमपुर गांव में शनिवार की रात अपराधियों ने रामजानकी मठ के महंत मौनी बाबा (65) की गोली मार हत्या कर दी। महंत के एक सहयोगी को भी गोली मार कर जख्मी कर दिया। सुबह में ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। इसके बाद जख्मी को इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा। महंत मौनी बाबा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौनी बाबा लगभग 20 साल पहले यूपी के आजमगढ़ से राघोपुर के फतेहपुर गांव में आए थे। यहां 15 दिनों के बाद मीरमपुर गांव के लोगों ने आदरपूर्वक अपने गांव लाकर उन्हें स्थान दिया था। गांव के लोगों ने ही उन्हें मठ के लिए दी थी।


दो अपराधी आए और दिया घटना को अंजाम

राघोपुर के रामपुर श्यामचंद पंचायत के मीरमपुर गांव स्थित निर्माणाधीन राम जानकी मठ के महंत मौनी बाबा, उनके सहयोगी छोटन दास और श्रीमल राय शनिवार की रात करीब 10 बजे खाना खाकर सोए थे। लगभग 11 बजे दो लोग वहां आए और महंत को दो गोली मारी।एक गोली सिर के पास और दूसरी गोली उनके पेट में मारी गई थी। फिर उनके पास ही सो रहे छोटन दास को भी एक गोली मारी। महंत की मौत मौके पर ही हो गई। मठ में उपर के कमरे में सो रहे श्रीमल राय गोली की आवाज सुनकर लगभग आधे घंटे बाद नीचे उतरे।

घटना के प्रमुख बिंदु

घटनास्थल से बरामद खोखे से पता चला है कि इस हत्या में देशी कट्‌टा का प्रयोग किया गया है। इससे इस बात को बल मिलता है कि पेशेवर हत्यारों ने इस घटना को अंजाम नहीं दिया है। अगर वे पेशेवर होते तो उनके पास ऑटोमेटिक हथियार जरूर होता। वहीं इस बात की आशंका है कि महंत के पास चंदा से एकत्र पैसे थे। क्योंकि महंत ने गांव के ही मिस्त्री व ठेकेदार को मठ के बचे हुए निर्माण कार्य कराने के लिए दो दिन पहले ही कहा था।

पूरी रात कराहता रहा छोटन दास

महंथ के सहयोगी छोटन दास को अपराधियों ने रात करीब 11 बजे गोली मारी थी। छोटन दास के बांह को छूती हुई गोली, पसली में जा धंसी। वे पूरी रात दर्द से कराहते रहे। मठ में रह रहे श्री मल राय ने बताया कि डर के मारे गांव में जाकर इसकी जानकारी नहीं दी। सुबह लोगों को पता चला तब उन्हें 12.30 बजे पीएचसी लाया गया जहां से उन्हें पीएमसीएच रेफर किया गया।

पुलिस का है कहना

घटना के बारे में राघोपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार सिन्हा ने बताया कि घटना के सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। साधु की हत्या में अपराधियों ने देशी कट्टा का उपयोग किया है। 3.15 की गोली का प्रयोग किया गया है। हत्या में प्रयुक्त 2 गोली का खोखा भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस जल्द ही हत्यारों को पकड़ लेगी। हत्या के पीछे के कारणों की तक पहुंचने का प्रयास पुलिस कर रही है।

डर से नहीं उतरे नीचे

सुखराम राय के पुत्र श्रीमल राय ने बताया कि रात्रि करीब 11 बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उनके अनुसार वे डर गए। हिम्मत कर करीब आधे घंटे के बाद वे नीचे आए तो मौनी बाबा मृत पड़े थे। वहीं छोटन दास कराह रहे थे। भय के कारण उन्होंने मठ से बाहर कदम नहीं निकाला। सुबह करीब 5 बजे गांव में जा कर लोगों को घटना की जानकारी दी।

छोटन दास ने कहा-पहुंचते ही मार दी गोली

घायल साधु छोटन दास ने बताया कि रात करीब 11 बजे दो की संख्या में अपराधी आए। आते ही पहले मौनी बाबा को दो गोली मार दी। फिर उन्हें भी गोली मारी। उन्होंने बताया कि अपराधी जैकेट, पैंट और जूता पहने हुए थे। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही वे दोनों साधु गंगासागर से आए थे।