पटना

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25 वर्ष से थे लापता; फैमिली मान बैठी थी हो चुकी मौत, आए वापस तो लौटी खुशियां

रामवृक्ष ने बताया कि काम की तलाश में वह नेपाल चला गया था जहां उसको एक फर्नीचर बनाने वाले के यहां काम मिला।

Danik Bhaskar

Feb 14, 2018, 07:28 AM IST

दरभंगा. 25 साल से लापता एक शख्स रविवार को अचानक घर वापस आ गया। उसे देखकर लोगों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। जानकारी के अनुसार, अस्थुआ पंचायत के कोरौनी गांव के बढ़ई टोला के रामवृक्ष शर्मा कारपेंटर का काम करते हैं। रोजी रोटी की तलाश में पचीस वर्ष पूर्व परिवार को बिना जानकारी दिए नेपाल चले गए। उसके बाद परिवार से उनका संपर्क भंग हो गया। बीच में विनाशकारी भूकंप के बाद घर वाले मान बैठे कि शायद अब वो लौट के नहीं आएं। परिजनों ने अपने स्तर से खोजबीन करवाई।

दिल्ली, कोलकाता,मुंबई, मद्रास के अलावा दूसरे शहरों में रह रहे परिजनों को इसकी जानकारी दी। सभी ने उनकी खोज की मगर वह नहीं मिले। अंत में परिवार के लोग उन्हें मरा मानते हुए उदासी की जिंदगी गुजारने लगे। पत्नी राजकुमारी देवी विधवा की जिंदगी गुजारने लगी कि अचानक उनके आने से परिवार में अचानक खुशियां छा गई। तीनों बेटी, पत्नी व पुत्र संतोष कुमार शर्मा अपने मरे हुए पिता को वापस जिंदा देखकर खुश हैं। रामवृक्ष के भतीजा राजू शर्मा व उनके मित्र रामपुरा के अजय कुमार ने बताया कि परिवार के बुजुर्गों ने बताया था कि चाचा को कभी-कभी मानसिक दौरा पड़ जाता था जिस कारण उनको दवाई लेनी पड़ती थी। हमलोगों ने पहली बार उनको देखा है।

चले गए थे नेपाल, लौटे तो मिली दोहरी खुशी सहकर्मी की सहायता से भागने में सफल

वहीं, रामवृक्ष ने बताया कि काम की तलाश में वह नेपाल चला गया था जहां उसको एक फर्नीचर बनाने वाले के यहां काम मिला। वह वहीं रहकर काम करने लगा। वह जब भी घर जाने की बात करता तो उसका मालिक टाल देता था। उन्होंने बताया कि उसको पचीस वर्ष से बंधुआ मजदूर बनाकर काम करवाया। पैसा मांगने पर पैसा भी नहीं दिया गया। आखिरकार अपने सहकर्मी की सहायता से वहां से निकल भागने में वह सफल हुआ। वापस आने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कहा कि वह रास्ता भी भूल गए थे। लोगों से पता पूछ-पूछ कर किसी तरह घर आए।

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