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सांसद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे शख्स ने उड़ेला केराेसिन, आग लगाने से पहले पकड़ा

अभ्यर्थियों ने पहले ही आत्मदाह की चेतावनी दी थी। जिसके मद्देनजर पुलिस व प्रशासन भी मुस्तैद था।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 04:45 AM IST

औरंगाबाद. सांसद द्वारा चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति पर उठाए गए सवाल के बाद अभ्यर्थियों का आंदोलन गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार को सांसद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी ने आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने फौरन उस अभ्यर्थी को हिरासत में ले लिया। उसके साथ-साथ सभी अभ्यर्थियों को हिरासत में लेते हुए पुलिस वाहन से नगर थाना ले जाया गया।

अभ्यर्थी ने शरीर पर मिट्टी तेल तक छिड़क लिया था। गनीमत थी कि मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बलों के साथ एसडीओ सुरेन्द्र प्रसाद, एस डीपीओ पीएन साहू व थानाध्यक्ष राजेश कुमार वर्णवाल तैनात थे। जिन्होंने फौरन उसे पकड़ने का निर्देश दिया। जवानों ने उक्त अभ्यर्थी को पकड़ कर उसे वाहन में बैठा दिया। आत्मदाह करने की कोशिश करने वाला अभ्यर्थी राैकी कुमार सिन्हा शहर के विराटपुर मुहल्ले का रहने वाला है। उनके साथ-साथ अभ्यर्थी त्रिभुवन भारती, मनोज कुमार सिन्हा व विजय कुमार सिंह भी आत्मदाह करने की तैयारी में थे, मगर उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया।


अभ्यर्थियों ने पहले ही दी थी आत्मदाह की चेतावनी


अभ्यर्थियों ने पहले ही आत्मदाह की चेतावनी दी थी। जिसके मद्देनजर पुलिस व प्रशासन भी मुस्तैद था। पूर्व की घोषणा के मुताबिक सभी अभ्यर्थी पहले शहर के गांधी मैदान में इक्कठा हुए। इसके बाद वहां से एक अक्रोशपूर्ण रैली निकाली। यह रैली धर्मशाला मोड़, महावीर मंदिर मोड़, सब्जी मंडी होते हुए रमेश चौक जैसे ही पहुंची, यहां भारी मात्रा में पुलिस बलों में उन्हें घेर लिया। रैली में अभ्यर्थी अपने हाथों में तख्ती थामे शामिल थे, जिसपर सांसद सुशील कुमार सिंह के विरोध में स्लोगन लिखे हुए थे। सांसद विरोधी नारे भी अभ्यर्थी लगा रहे थे। रैली में पांच अभ्यर्थी अर्द्ध नग्न स्थिति में शामिल थे, जो आत्मदाह करने वाले थे। दर्जनों की संख्या में अभ्यर्थी रमेश चौक से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े तो पुलिस जवान भी उनके साथ थे। अभ्यर्थी सांसद आवास पर पहुंचने ही वाले थे कि उसके पहले ही जवानों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद अभ्यर्थी सांसद आवास तक जाने पर अड़ गए। लेकिन जवानों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।

रमेश चौक से सांसद आवास तक भारी मात्रा में तैनात थे पुलिस जवान


चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के अभ्यर्थियों द्वारा आत्मदाह की चेतावनी देने के बाद पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी। रमेश चौक से लेकर सांसद आवास तक का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील था। सांसद आवास के सामने फायर बिग्रेड की गाड़ी भी तैनात की गई थी। वहीं कलेक्ट्रेट के बाहर दर्जनों पुलिस जवानों को सुरक्षा में लगाया गया था। अभ्यर्थी रैली निकाल रहे थे तो उन्हें चारो ओर से पुलिस जवानों ने घेरे रखा था कि कहीं जोश में अभ्यर्थी कोई गलत कदम न उठा लें।

अधिकारी समझा ही रहे थे कि अभ्यर्थी ने छिड़क लिया मिट्टी तेल


पुलिस द्वारा सांसद आवास से पहले रोके जाने के बाद अभ्यर्थी सड़क पर ही बीचो बीच बैठ गए और जाम कर दिया। आवागमन प्रभावित होता देख पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह अभ्यर्थियों को एक जगह किया और आवागमन शुरू कराया। इसके बाद अधिकारी उन्हें समझा ही रहे थे कि एक अभ्यर्थी रौकी ने पहले से साथ लाए मिट्टी के तेल को अपने शरीर पर छिड़क लिया। यह देख पुलिस जवानों व अधिकारियों के होश उड़ गए। लेकिन अगले ही पल जवानों ने तत्परता दिखायी और उसे फौरन दबोच लिया। इसके बाद उसके साथ-साथ सभी अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया गया और थाना ले जाया गया।

क्या है पूरा मामला

दरअसल भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह ने जिले में हो रही चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति में पैसों की लेन-देन का मुद्दा उठाते हुए निगरानी विभाग को जांच के लिए पत्र लिखा था। सांसद द्वारा यह मुद्दा उठाने के बाद से ही अभ्यर्थी भड़क उठे और उनके खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों ने सांसद से बयान वापस लेने की मांग की। लेकिन सांसद ने इस ओर पहल नहीं की। इसके बाद अभ्यर्थियों ने मंगलवार को उनके आवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। अभ्यर्थियों ने बताया कि वर्ष 2009 में ही बहाली हुई थी। लेकिन कुछ अभ्यर्थी शेष रह गए थे। जो कोर्ट में चुनौती दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीएम द्वारा फिर से बहाली प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन सांसद द्वारा इसपर सवाल खड़ा कर दिया गया। जिसके खिलाफ अभ्यर्थियों का जारी आंदोलन आत्मदाह तक पहुंच गया।