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14 साल की लड़की की 30 के लड़के से कराई शादी, थाना से 500 मीटर दूर था फंक्शन

वाकया शहर के बीचों बीच नगर थाना से महज 5 सौ मीटर दूर रामरेखा घाट पर दिन के उजाले में हुआ।

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2018, 07:51 AM IST
रामरेखा घाट मंदिर में विवाह के बाद बालिग दूल्हे के साथ बैठी नाबालिग दुल्हन। रामरेखा घाट मंदिर में विवाह के बाद बालिग दूल्हे के साथ बैठी नाबालिग दुल्हन।

बक्सर. बाल विवाह व दहेज के विरुद्ध सरकार के निर्णय पर रविवार को एक दूसरे के हाथों में हाथ मिलाकर जिले के 4 लाख 39 हजार लोगों ने शपथ ली। पुलिसकर्मियों, पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने भी बाल विवाह उन्मूलन का संकल्प लिया। लेकिन, बाल विवाह रोकने की सरकारी कोशिशों, नियमों और कानून के बावजूद बक्सर में बसंत पंचमी पर जिले के कोरानसराय थाना अंतर्गत मठिला गांव निवासी मुन्न राजभर की भगिनी नीलम कुमारी की शादी परिजनों ने बाली उमर में ही करा दी।

धनसोई प्रखंड के करमा गांव निवासी राम वकील सिंह के 30 वर्षीया पुत्र अमरेन्द्र कुमार ने हिन्दू रीति रिवाज से नीलम का हाथ थाम लिया। यह वाकया शहर के बीचों बीच नगर थाना से महज 5 सौ मीटर दूर रामरेखा घाट पर दिन के उजाले में हुआ। यहां न तो कानून पहुंचा और न ही जागरूकता। यहीं नहीं जिले के दूर दराज इलाकों में चोरी-छिपे नौनिहालों को विवाह सूत्र में बांधने का सिलसिला लगातार चल रहा है।


मंदिर प्रबंधन को है सिर्फ रसीद काटने से मतलब


रामरेखा घाट पर सोमवार को चल रहे विवाह का रसीद भी काटा गया था। आसपास के दुकानदारों के अनुसार मंदिर में प्रतिदिन बाल विवाह कराए जाते हैं। सारे ताम-झाम के साथ दूरदराज के लोग यहां शादी समारोह में आते हैं। इसमें बिना रोकटोक बाल विवाह भी कराया जा रहा है। भागीरथी सेवा संघ, गंगेश्वर हनुमान मंदिर के नाम पर एक पुजारी वर व वधु पक्ष से अलग-अलग रसीद काट रहा था। उसने दोनों पक्षों से एक सौ एक रुपये चंदा के रूप में लिए। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि ऐसा इस मंदिर में रोजाना होता है। मंदिर प्रबंधन को इससे कोई मतलब नहीं होता।

बाल विवाह के कुप्रभाव


- कम उम्र में गर्भधान के मामलों में वृद्धि।

- समय से पहले प्रसव की अधिक घटनाएं।

- मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु और गर्भपात दर में वृद्धि।

- बच्चों के अवैध व्यापार और लड़कियों की बिक्री में वृद्धि।

- बच्चों द्वारा पढ़ाई छोड़ने की घटनाएं।

- समय से पहले घरेलू कामकाज की जिम्मेदारी।

महज 14 वर्ष की उम्र में बन गई दुल्हन


रामरेखा घाट पर चल रहे बाल विवाह में एक नाबालिग बच्ची जिसकी उम्र करीब 14 वर्ष थी, उसको दुल्हन बनाया गया। दूल्हा बने युवक की उम्र करीब 30 वर्ष थी। आठवीं तक पढ़े दूल्हे को दुल्हन के बारे में नहीं बताया गया था। दुल्हन को भी दुल्हे के बारे में कोई पता नहीं था। उसने उसे विवाह मंडप में ही देखा।

तीन महीने कैद व जुर्माने का प्रावधान


बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार यदि कोई 21 वर्ष से कम आयु का पुरुष 18 वर्ष से कम आयु की लड़की से विवाह करता है तो लड़के को 3 महीने की कैद व एक हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है। विवाह कराने वाले माता-पिता से जुर्माना वसूला जाता है, उन्हें जेल नहीं भेजा जा सकता। विवाह सम्पन्न कराने वाले पुजारी इससे बच नहीं सकते हैं। उन्हें पुलिस तीन महीने के लिए जेल भेज सकती है।

वयस्क होने पर महिला समाप्त कर सकती है संबंध


पूरे रीति रिवाज से सम्पन्न कराई गई शादी सदा के लिए वैद्य मानी जाती है। लेकिन यदि किसी लड़की की शादी 18 वर्ष होने से पूर्व माता-पिता ने करा दी है तो 18 वर्ष होने पर लड़की अपने संबंध को समाप्त कर सकती है। ऐसा 1976 के संशोधित अधिनियम में उल्लेख है। यह मुस्लिम बालिकाओं पर भी लागू होता है।

बाहर लगा था जागरुकता अभियान का बैनर


रामरेखा घाट पर दो विवाह मंडप बनाये गए हैं। जिसके बाहर जिला प्रशासन ने बैनर लगाया है। बाल विवाह व दहेज मिटाने के लिए बनाई जा रही मानव श्रृंखला में शामिल होने की अपील के साथ इसे आम जन की भागीदारी के साथ जोड़ने के लिए लगाया गया है। लेकिन, जिला प्रशासन को शायद बैनर लगाने के अलावा किसी और चीज से मतलब नहीं है।

जांच कराई जाएगी, पकड़े जाने पर परिजनों पर होगी कार्रवाई


बक्सर के डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी। बाल विवाह कानूनन जुर्म है। ऐसे विवाह से बच्चों को शारीरिक व मानसिक रूप से क्षति पहुंचती है। लोगों से अपील करता हूं कि बाल विवाह से नाता तोड़ें। बाल विवाह कराते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

शादी के लिए रसीद कटाता दुल्हन का मामा। शादी के लिए रसीद कटाता दुल्हन का मामा।
बाहर लगा था जागरुकता अभियान का बैनर। बाहर लगा था जागरुकता अभियान का बैनर।
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रामरेखा घाट मंदिर में विवाह के बाद बालिग दूल्हे के साथ बैठी नाबालिग दुल्हन।रामरेखा घाट मंदिर में विवाह के बाद बालिग दूल्हे के साथ बैठी नाबालिग दुल्हन।
शादी के लिए रसीद कटाता दुल्हन का मामा।शादी के लिए रसीद कटाता दुल्हन का मामा।
बाहर लगा था जागरुकता अभियान का बैनर।बाहर लगा था जागरुकता अभियान का बैनर।
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