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गूंगी लड़की से बिना दहेज की शादी, कुछ ऐसी है दूल्हा बने लड़के की स्टोरी

दूल्हा रामगोविंद की मानें मुखिया के बातों से प्रभावित होकर दहेज मुक्त शादी करने का निर्णय लिया।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 04:46 AM IST

बक्सर. बिना दहेज लिए गूंगी लड़की को अपना जीवन संगिनी बनाकर डुमरांव के अमसारी गांव के रहने वाले रामगोविंद राम ने मिसाल पेश की है। इस फैसले से वे गांव ही नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा के स्त्रोत बन गए हैं। सीएम नीतीश कुमार की ओर से दहेज नहीं लेने के संदेश पर आगे बढ़ते हुए रामगोविंद ने बक्सर की रहने वाली छठी कुमारी से शादी किया। शादी शनिवार की सुबह डुमरांव स्थित मां डुमरेजनी मंदिर में हुई।

ऐसी है दूल्हे की कहानी

राम गोविंद राम अपने तीन भाईयो में सबसे छोटे है। और राज्य से बाहर एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है। रामगोविंद के मां व पिता का साया बचपन में ही इनके सर से हट गया था। रामगोविंद बताते है कि मेरा लालन-पोषण मेरे बड़े भाई भोला राम ने किया था।

खुद लिया बिना दहेज शादी का फैसला

रामगोविंद ने बताया कि बिना दहेज गूंगी लड़की से शादी करने का फैसला मैंने खुद लिया था। जिसमें बड़े भाई भोला राम का मेरे निर्णय पर भरपूर सहयोग मिला। साथ ही दहेज नहीं लेने के पक्ष में पूरे परिवार की सहमति रही। लेकिन गूंगी लड़की से शादी को लेकर बाकी फैमिली मेंबर्स की नाराजगी रही। बाद में समझाने-बुझाने पर सभी लोग शादी के लिए तैयार हो गए। शादी में लड़की के पिता रामजी राम, माता वनकुंवरी देवी के अलावा लड़के व लड़की पक्ष की ओर से कई लौग मौजूद रहे।

पंचायत के मुखिया ने बिना दहेज शादी के लिए किया था प्रेरित

सीएम की ओर से बिना दहेज मुक्त शादी का अभियान पूरे राज्य में चल रहा है। जिसके बारे में पंचायत के मुखिया पिंटू सिंह की ओर दहेज जैसे सामाजिक बुराई खत्म करने बारे में गांव के लोगों को बराबर अवगत कराया जाता है। रामगोविंद की मानें मुखिया के बातों से प्रभावित होकर दहेज मुक्त शादी करने का निर्णय लिया।