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शहीद की झलक पाने को ऐसे पहुंचा ये शख्स, खूब लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

गांव की कुछ महिलाओं ने बताया कि बच्चों को खाने के लिए चूड़ा-दूध दिया है, पर उन्होंने भी नहीं खाया।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 07:39 AM IST
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी। ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी।

खगड़िया (बिहार). शहीद केके मुन्ना की आखिरी झलक पाने को उनके अंतिम संस्कार में स्कूल बच्चे से लेकर आसपास के गांव के लोग पहुंचे। एक दिव्यांग बुजुर्ग ट्राइ साइकिल से श्मशान घाट पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान लोग मंगलवार को अपने-अपने घरों के आगे हाथों में फूल-माला और तिरंगा लिए खड़े रहे। माहौल राष्ट्रभक्ति से भरा था। घर से लेकर श्मशान घाट तक पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगते रहे।

बच्चों ने भी नहीं खाया खाना, पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा


- शहीद सैनिक के पार्थिव शरीर घर आने के बाद गांव का माहौल गमगीन हो चुका था। लोग सुबह से ही भूखे प्यासे अपने गांव के लाल के आने का इंतजार कर रहे थे।

- हर कोई फोन पर यही पूछ रहा था कि शहीद कहां तक पहुंचे हैं। शहीद के शहादत को लेकर गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।

- गांव की कुछ महिलाओं ने बताया कि बच्चों को खाने के लिए चूड़ा-दूध दिया है, पर उन्होंने भी नहीं खाया। उधर, जैसे ही शहीद केके मुन्ना का शव पहुंचने की खबर मिली हजारों लोगों का सैलाब सड़क पर उतर आया।

- सैंकड़ों बाइक, ट्रैक्टर, घुड़सवार, ही नहीं हजारों पांव पैदल लोग के अलावा दिव्यांग भी ट्राइसाइकिल पर सवार होकर वीर सपूत के स्वागत के लिए मानसी पहुंच गए और जब शहीद सैनिक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो हर लोगों की कदम ब्रह्मा गांव में ही आकर टिक रही थी।

दुकानदारों ने शहीद के सम्मान में बंद कर लीं अपनी दुकानें

- शहीद के सम्मान में मानसी बाजार और बलहा बाजार के दुकानदारों ने अपने अपने दुकानें बंद रखा। इतना ही नहीं दुकान बंद रख घंटों शहीद के पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। फूल की मालाओं से मानसी बाजार एवं बलहा बाजार के दुकानदारों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

सरकार की तरफ से डीएम ने सौंपा 11 लाख का चेक

- शहीद किशोर कुमार मुन्ना के पिता नागेश्वर यादव को डीएम जय सिंह ने राज्य सरकार की तरफ से 11 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। डीएम ने मौके पर शोकाकुल परिवार को ढांढस भी बंधाया।

शहीद के दोस्त सोनू ने कहा मेरा दोस्त इतना बड़ा आदमी था-कभी बताया नहीं

मेरे दोस्त ने कभी मुझे इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि वह कितना बड़ा आदमी है। हम दोनों साथ रहकर बलहा में पढ़ाई करते थे। वह सुबह मुझे भी दौड़ने के लिए जगाया करता था। मैं कभी-कभी जागता नहीं था तो वह गुस्सा हो जाता था। देखते ही देखते बचपन से कैसे बड़े बन गए यह पता ही नहीं चला। गांव आने के बाद किशोर मुझसे सबसे पहले मिलने आया करता था।

शहीद किशोर मुन्ना के सम्मान में कविता

चमन का सदा मैं...
निडर पासवां हूं,
जवान हूं जवां मैं
वतन का जवां हूं |
बना वीर सैनिक,
जमा सरहदों पर |
कहर सा गिरा हूं,
सदा दुश्मनों पर |
गया जो फिरंगी,
नहीं मुंह दिखाया |
मगर पाक वाला,
तनिक न लगाया |
बड़ा हूं अनुज को,
अभय दान देता |
मगर दंभ करता,
समझकर विजेता |
मसल दूं उसे मैं,
बहुत भौंकता है |
हमारा ही लीडर,
हमें रोकता है |
अगर खून उबला,
अकारथ मरेगा |
नहीं दुश्मनों का,
ठिकाना रहेगा |
चमन का सदा मैं,
निडर पासवां हूं |
जवां हूं जवां मैं,
वतन का जवां हूं...पत्रकार रौशन कुमार की कलम से।

शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग। शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग।
शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई। शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई।
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई।
हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे। हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे।
शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे। शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे।
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग। ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग।
शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़। शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़।
शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे। शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे।
शहीद को अंतिम सलामी देते जवान। शहीद को अंतिम सलामी देते जवान।
शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़। शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़।
शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो। शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो।
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ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी।ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी।
शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग।शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग।
शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई।शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई।
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई।जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई।
हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे।हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे।
शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे।शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे।
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग।ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग।
शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़।शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़।
शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे।शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे।
शहीद को अंतिम सलामी देते जवान।शहीद को अंतिम सलामी देते जवान।
शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़।शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़।
शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो।शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो।
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