--Advertisement--

शहीद की चिता को मुखाग्नि देते ही होने लगी बूंदा-बांदी, लोगों ने कहा- आसमां भी रो पड़ा

शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना का पार्थिव शव जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा उनकी मां दहाड़ मार कर रोने लगी।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 08:05 AM IST
शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई। शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई।

खगड़िया (बिहार). यहां के शहीद केके मुन्ना का राजकीय सम्मान के साथ मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़े भाई डॉ. अविनाश यादव ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों की जुबान पर मुन्ना की दिलेरी के किस्से थे। बता दें कि जब मुन्ना का अंतिम संस्कार हो रहा था, उसी वक्त बूंदा-बांदी होने लगी जिसके बाद श्मशान में मौजूद लोगों के मुंह से निकल पड़ा कि देखो आज मुन्ना के शहादत से इंद्रदेव भी आंसू बहा रहे हैं।

अंतिम संस्कार में पहली बार महिलाएं भी शामिल

- माना जाता है कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान महिलाएं नहीं जाती हैं। लेकिन मुन्ना के अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव की महिलाएं वहां मौजूद रहीं।

- शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना को उनके बड़े भाई डॉ अविनाश जब मुखाग्नि दे रहे थे तो महिलाओं के रोने की आवाज से पुरुष भी अपने आंसू को नहीं रोक पा रहे थे।

कलेजे के टुकड़े से लिपट कर रोना चाहती थी मां

- शहीद मुन्ना का पार्थिव शरीर जैसे उनके घर पहुंचा उनकी मां फूल देवी अपने कलेजे के टुकड़े के सीने से लिपटने को बेताब हो गईं।

- स्थानीय लोग जल्दबाजी दिखा रहे थे तो माँ बार-बार थोड़ी देर और थोड़ी देर और कि रट लगाए बैठी थी। बीच-बीच में बेहोश भी हो रही थी।

- हालांकि लोग उन्हें बार-बार होश में ला रहे थे। लेकिन उनकी रट कायम थी। बदहवास बोले जा रही थी 10-15 दिन पहले जब बात हुई थी तो बोला था कि होली पर घर आऊंगा।

- जब ग्रामीणों ने शहीद के लाश को अंत्येष्टि स्थल पर लाये तो उनकी मां भी पीछे-पीछे वहां तक चली आयी और दाह संस्कार होने तक वहीं रही।

बार-बार बेहोश हो रही थी शहीद की मां


- शहीद सैनिक किशोर कुमार मुन्ना का पार्थिव शव जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा उनकी मां दहाड़ मार कर रोने लगी।

- मां को इस तरी विलख कर रोता देख हर कसी के आंखों में आंसू आ जा रही थी। थोड़ी देर के लिए ऐसा हो गया कि हर कोई अपने आखों से आंसू पोंछने को मजबूर हो गया।

- शहीद सैनिक का ताबूत जैसे ही खुला लोगों के शहीद मुन्ना के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बेटे को इस हाल में देख सबसे ज्यादा मां का कलेजा फट रहा था। मां फूलो देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थी।

26 जनवरी और 15 अगस्त जैसा था माहौल

शहीद मुन्ना का पार्थिव शरीर ब्रह्मा गांव आने पर गांव में कहीं भी गम का माहौल नहीं दिख रहा था। चारों ओर देशभक्ति गीत के धुन लोगों के जेहन में देशभक्ति का जोश भर रहे थे। हर तरफ भारत माता की जय, वीर सपूत अमर रहे का नारा लगाया जा रहा था। पूरे कार्यक्रम के दौरान ऐसा लग रहा था कि ब्रह्मा गांव में गणतंत्र दिवस या फिर स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने की तैयारी चल रही हो।

शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग। शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग।
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई।
हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे। हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे।
शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे। शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे।
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग। ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग।
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी। ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी।
शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़। शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़।
शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे। शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे।
शहीद को अंतिम सलामी देते जवान। शहीद को अंतिम सलामी देते जवान।
शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़। शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़।
शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो। शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो।
X
शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई।शहीद की चिता को आग देते उनके बड़े भाई।
शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग।शमशान घाट पर मौजूद गांव के लोग।
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई।जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा लोगों की भीड़ जुट गई।
हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे।हजारों की संख्या में शहीद की झलक पाने को लोग शहीद के गांव पहुंचे।
शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे।शहीद के अंतिम यात्रा में फुल बरसाने को तैयार स्कूली बच्चे।
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग।ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंचे दिव्यांग।
ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी।ट्राइ साइकिल से शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल दिव्यांग और शहीद की अंतिम यात्रा में सजी गाड़ी।
शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़।शहीद यात्रा के अंतिम यात्रा में मौजूद भीड़।
शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे।शहीद के अंतिम यात्रा के दौरान जब सड़क पर जगह नहीं बची तो लोग ऐसे अपने घरों की छत पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाते रहे।
शहीद को अंतिम सलामी देते जवान।शहीद को अंतिम सलामी देते जवान।
शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़।शहीद के अंतिम यात्रा में पहुंची भीड़।
शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो।शहीद केके मुन्ना की फाइल फोटो।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..