--Advertisement--

इस महीने धैर्य रखिए, फरवरी से फिर तय कीमत पर सीधे घर पहुंचने लगेगा बालू

बालू के लिए ऑनलाइन आवेदन देने वालों के घर तक समय पर बालू पहुंचा दिया जाएगा। माह के अंत तक बालू सहज रूप से मिलने लगेगा।

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 04:58 AM IST
minister Vinod Kumar Singh on sand prices

खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह ने लोगों को भरोसा दिया है कि इस महीने, यानी जनवरी के बाद, बिहार में कहीं भी बालू का संकट नहीं रहेगा। मंत्री, शुक्रवार को ‘दैनिक भास्कर’ के ‘खुला मंच’ कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा-फरवरी से सभी उपभोक्ताओं के घरों तक बालू तय दाम पर पहुंचने लगेगा। नई व्यवस्था होने से परेशानी हुई। हालांकि, बालू अभी भी मिल रहा है। हमारा लक्ष्य माफिया का खात्मा था। दरअसल, बीमारी आने में तो समय नहीं लगता पर जाने में लग ही जाता है।

खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बुकिंग कराने के बाद भी अगर बालू नहीं मिले, तो ऑर्डर नंबर बताएं, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। सरकारी रेट वाले बालू की ट्रैक्टर से ढुलाई पर रोक नहीं है। बालू ढुलाई के ट्रक भाड़ा से जीएसटी हटा दिया गया है। वह शुक्रवार को दैनिक भास्कर के ‘खुला मंच’ कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। मंत्री ने कहा- लोगों को बालू बिल्कुल सहज तरीके से मिले, इसके लिए जितनी दुकानों की दरकार होगी, खोली जाएंगी। अमित कुमार के एक प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि खुदरा दुकान पर जाकर बालू खरीदने के इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। सरकार ऐसा एप्स बनाने पर विचार कर रही है, जिसके जरिए मोबाइल से बालू के लिए ऑर्डर किया जा सके।

- दीघा के वीरेंद्र कुमार ने पूछा कि बालू ढोने वाले वाहनों में जीपीएस तो ठीक है लेकिन तिरपाल से ढंके वाहनों पर ई-लॉक लगाने का क्या मतलब है?
- मंत्री :
बालू ढोने वाले वाहनों में जीपीएस तो लगेगा ही। इससे पता चलता है कि खान से निकलने के बाद बालू कहां गया? यह वास्तविक उपभोक्ता के पास पहुंचा या कालाबाजारी हो गई? माफिया राज खत्म करने के लिए कारोबार की निगरानी जरूरी है। जहां तक सवाल ई-लॉकिंग का है तो यह मुझे भी ठीक नहीं लगता है। चोरी करने वाला तो तिरपाल फाड़ कर भी बालू निकाल सकता है। मैंने बालू ढोने वाले ट्रक-ट्रैक्टर में ई-लॉकिंग अनिवार्यता खत्म करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से भी बात की है। इस पर जल्द फैसला होगा।


- पटना नाला रोड के कुलभूषण ने पूछा कि 8 माह से हाहाकार है। जिले में सिर्फ 149 लाइसेंस देने से हल होगा क्या?
- मंत्री :
देखिए, बालू की समस्या हम भी मानते हैं पर 8 माह से हाहाकार की बात ठीक नहीं है। जुलाई-सितंबर में तो बालू का खनन वैसे भी बैन रहता है। अगस्त से माफिया के सफाए की मुहिम शुरू हुई है। कारोबार पर माफिया काबिज थे। 5 एकड़ में खुदाई का लाइसेंस और सौ एकड़ में खुदाई। सरकार को एक रुपया भी टैक्स नहीं और माफिया की कमाई 10 हजार करोड़। क्या लूट की छूट दी जा सकती थी? जहां तक सवाल बालू के खुदरा दुकानों का है तो इसके लिए कहीं भी अधिकतम सीमा तय नहीं है। जिले में जितनी दुकानों की जरूरत होगी, उतनी खोली जाएंगी।

- बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष उदय शंकर सिंह ने पूछा कि ढुलाई का किराया मुनासिब नहीं है। बाजार में 4-5 हजार में जीपीएस मिल जाता है। फिर15 हजार क्यों ले रहे?
- मंत्री :
सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी, ताकि न उपभोक्ता पर बोझ आए और न ऑपरेटरों को दिक्कत हो। किराया निर्धारण का मामला हल करने के लिए बातचीत होगी। जांच होगी कि जीपीएस के लिए अधिक रकम क्यों ली जा रही है?

- बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के संयोजक दिलीप सिंह ने पूछा कि जीपीएस लगाने वाली कंपनी बाजार में मूल्य से अधिक कीमत ले रही है और ई-लॉक भी नहीं दे रही है?
जवाब
: विभाग में सूचीबद्ध जीपीएस लगाने वाली कंपनी अगर निर्धारित मूल्य से अधिक लेती है तो उन पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी भी तरह की अनियमित बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य में बालू-गिट्टी के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उचित परमिट के साथ कोई कारोबारी राज्य के बाहर से आयात करते हैं तो यह नियमानुकूल है। राज्य से बालू-गिट्टी के निर्यात पर प्रतिबंध जरूर है।

- ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव राजकुमार झा ने पूछा कि गिरफ्तार ट्रक ड्राइवरों को रिहा किया जाए। उनकी क्या गलती है? वाजिब कसूरवार पकड़े जाएं?
जवाब : देखेंगे कि ड्राइवर, किस मामले में गिरफ्तार हुए हैं? फिलहाल इस बारे में हम कोई आश्वासन नहीं देंगे।
- पटना के विश्वनाथ ने पूछा कि तय सीमा में बालू नहीं मिल रहा है?
जवाब :
अगर किसी के घर तय सीमा के अंदर बालू की आपूर्ति नहीं की जाती है तो उपभोक्ता हमें ऑर्डर नंबर बताएं, अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
- नालंदा के संजय पासवान ने पूछा कि बालू नहीं मिलने के कारण मजदूर पलायन के लिए मजबूर हैं?
जवाब :
नई व्यवस्था लागू होने से थोड़ी बहुत परेशानी जरूर होती है। सीएम व डिप्टी सीएम इसे लेकर गंभीर है। मैं खुद नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग कर रहा हूं।
- नालंदा के सौरभ कुमार ने पूछा कि क्या सरकारी दर पर ट्रैक्टर से बालू ढोने पर कोई प्रतिबंध है?
जवाब :
ट्रैक्टर से बालू ढोने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वर्तमान नियम के तहत ट्रैक्टर पर ढक कर बालू का परिवहन किया जा सकता है। विभाग ने ट्रैक्टर से ई-लॉक की व्यवस्था की है। हालांकि, यह व्यावहारिक नहीं है।
- पटना के मनोज कुमार मेहता ने पूछा कि सरकार ने बालू माफियाओं पर अब तक शिकंजा क्यों नहीं कसा है?
जवाब : सरकार ने माफियाओं पर कार्रवाई करते हुए 3.9 घन फुट अवैध बालू जब्त कर नीलाम की है। दर्जनों बालू माफिया सलाखों के पीछे हैं। 5 एकड़ का लाइसेंस लेकर 50-100 एकड़ में अवैध खनन हो रहा था। बालू माफियाओं की कमाई 10 हजार करोड़ से अधिक थी। आने वाले दिनों में जनता को इसका लाभ मिलेगा।
- पटना सिटी के राज कुमार मेहता ने पूछा कि सरकार की बालू नीति के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है?
जवाब :
थोड़ी-सी परेशानी के बाद आने वाले दिनों में जनता को सस्ती दर पर बालू मिलेगा। सरकार इसकी व्यवस्था कर रही है। नई व्यवस्था लागू होने में थोड़ी परेशानी लोगों को होती है।
- पटना के पंकज कुमार ने पूछा कि आम लोगों को बालू सहज तरीके से कब से मिलने लगेगा?
जवाब :
बालू के लिए ऑनलाइन आवेदन देने वालों के घर तक समय पर बालू पहुंचा दिया जाएगा। माह के अंत तक बालू सहज रूप से मिलने लगेगा।

X
minister Vinod Kumar Singh on sand prices
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..