Hindi News »Bihar »Patna» Missing Case Of ICAS Officer Jitendra Kumar Jha

सदमे में गायब ICAS जीतेंद्र झा की फैमिली, डेडबॉडी की शिनाख्त को पिता पहुंचे दिल्ली

जितेंद्र के मित्र रमण बताते हैं कि सरकारी कार्यों में व्यस्तता के कारण जितेंद्र बीते तीन वर्ष से अपने गांव नहीं लौटे थे।

​केशव कुमार/अभय कुमार सिंह | Last Modified - Dec 16, 2017, 06:07 AM IST

  • सदमे में गायब ICAS जीतेंद्र झा की फैमिली, डेडबॉडी की शिनाख्त को पिता पहुंचे दिल्ली
    +1और स्लाइड देखें

    सुपौल (बिहार).बिहार के आईएएस जीतेंद्र झा का परिवार गहरे सदमे में है। 1998 में आईएएस की सेवा में योगदान देने वाले जितेंद्र कुमार झा का यह परिवार पांच दिन बाद भी उनकी बरामदगी नहीं होने से चिंतित है। बूढ़ी मां विमला देवी बस एकटक बेटे और बहू की 11 साल पूर्व शादी वाली तस्वीर को निहारते हुए रोती रहती है। पिता दर्पनारायण झा बेटे की खबर लेने दिल्ली पहुंच चुके हैं। गुरुवार को ही वे गरीबरथ एक्सप्रेस से सहरसा से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। इसके अलावा दिल्ली के पालम स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक से मिले शव को परिजनों ने पहचानने से इनकार कर दिया है।

    बच्चों को स्कूल छोड़ कर आए फिर निकले तो वापस नहीं लौटे
    जितेंद्र के करीबी मित्र रहे रमण कुमार झा ने बताया कि जितेंद्र की पत्नी भावना से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक वह मॉर्निंग वॉक से लौटने के बाद रोजाना की तरह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने गये। वापस लौटने के बाद कुछ समय घर पर गुजारा और फिर तैयार होकर बाहर निकल गये।

    गृह मंत्रालय को छोड़कर किसी भी विभाग में भी लंबा वक्त नहीं गुजार पाए जितेंद्र
    वर्ष 1998 में इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विसेज में आये जितेंद्र कुमार झा केंद्रीय गृह मंत्रालय को छोड़ कर कहीं भी लंबा वक्त नहीं गुजार पाये। उनका गृह मंत्रालय में करीब तीन साल का कार्यकाल रहा। अधिकतर पदस्थापन के पश्चात उनका कार्यकाल चार माह से एक साल के बीच का ही रहा है। उनकी पहली पोस्टिंग कपड़ा मंत्रालय में हुई थी।

    तीन साल से गांव नहीं लौटे थे
    जितेंद्र के मित्र रमण बताते हैं कि सरकारी कार्यों में व्यस्तता के कारण जितेंद्र बीते तीन वर्ष से अपने गांव नहीं लौटे थे। पांच अक्टूबर को उनका गांव आने का कन्फर्म टिकट था, लेकिन अचानक 08 अक्टूबर से उनका विभागीय प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय हो गया और उन्हें टिकट रद्द कराना पड़ा।

    पटना में होने का तर्क दे रही है पुलिस
    जितेंद्र के ममेरे भाई गिरिजेश कुमार झा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने बरामद एक अज्ञात शव को जितेंद्र का शव बताया था। परिजनों ने पहचान नहीं की तो अब पुलिस अब जितेंद्र के पटना लौटने का तर्क भी दे रही है।

    अभी दिल्ली में ही जुटा है पूरा परिवार
    तीन भाइयों में जितेंद्र मंझले हैं। बड़े भाई अमरेंद्र झा फिलहाल कस्टम विभाग में मुंबई में असिस्टेंट कस्टम ऑफिसर हैं। छोटा भाई राजेंद्र कुमार झा दिल्ली एनसीआर में ही एक निजी कंपनी में हैं।

  • सदमे में गायब ICAS जीतेंद्र झा की फैमिली, डेडबॉडी की शिनाख्त को पिता पहुंचे दिल्ली
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |
Web Title: Missing Case Of ICAS Officer Jitendra Kumar Jha
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Patna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×