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सुबह फोन पर कहा था- फायरिंग शुरू हो गई है; 2 घंटे बाद आई शहादत की खबर

सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे घर के मोबाइल पर मोजाहिद का फोन आया तो भाभी ने कॉल रिसीव किया। खुद बात की और सास-ससुर से भी कराई।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 04:46 AM IST
शहीद जवान मोजाहिद खां मोहर्रम से पहले अपनी भतीजी की शादी में पीरो आए थे। शहीद जवान मोजाहिद खां मोहर्रम से पहले अपनी भतीजी की शादी में पीरो आए थे।

आरा (बिहार). श्रीनगर में आतंकवादियों के हमले में शहीद सीआरपीएफ जवान मोहम्मद मोजाहिद ने सोमवार की सुबह ही मोबाइल पर फैमिली से बातचीत की थी। लेकिन, ठीक दो घंटे बाद ही उनकी मौत का मैसेज आ गया। शहीद मोजाहिद मूल रूप से भोजपुर जिले के पीरो गांव के रहने वाले थे।

अंतिम बार हुई थी मां-भाभी से बातचीत

- CRPF के 49वीं बटालियन में कार्यरत जवान मोजाहिद ने सुबह करीब 9.30 बजे फैमिली से मोबाइल पर अंतिम बार फोन किया था। अपनी मां, पिता और भाभी से बातचीत की थी।
- फोन पर बताया था कि यहां गोली बारी चल रही है। यहां कब- क्या हो जाएगा कुछ भी पता नहीं?
- बात करते-करते मुजाहिद ने फोन रखने की बात करते हुए बताया था कि साहब का कॉल आ रहा है। फायरिंग शुरू हो गई है।
- इस वाक्या के दो घंटे बाद ही उसके शहादत का मैसेज आ गया। अब फैमिली को अपने शहीद लाल का शव आने का इंतजार है।
- मंगलवार की शाम तक पार्थिव शरीर पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है।

मोहर्रम के पहले भतीजी की शादी में घर आए थे मोजाहिद

- शहीद जवान मोजाहिद खां मोहर्रम से पहले अपनी भतीजी की शादी में पीरो आए थे। 15 नवम्बर 2017 को वह वापस ड्यूटी चले गए।
- ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने फ्रेंड्स से भी मुलाकात की थी। फैमिली ने बताया कि मोजाहिद हैदराबाद में राजमुदरी में थे। जहां से सितम्बर में श्रीनगर के लिए उनकी बटालियन रवाना हुई थी।

- श्रीनगर के करण नगर में तैनात मोजाहिद अपने दोस्तों से भी हमेशा कॉन्टेक्ट में रहते थे।

- दोस्तों ने बताया कि मोजाहिद से सोमवार की सुबह वाट्सअप पर चैटिंग हुई थी। वह श्रीनगर और कश्मीर के हालात पर बातें कर रहे थे।
- वाट्सएप पर मोर्चा लिए पोज में तस्वीरें भी भेजी थी। लेकिन, किसी को भी आभास नहीं था कि उसकी शहादत का अचानक मैसेज आ जाएगा।
- बताया जा रहा कि सुबह ग्यारह बजे के आसपास श्रीनगर से सीआरपीएफ के अफसरों का फोन आया।
- भाभी ने चचेरे देवर अजमेर खां से बात कराया। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली।

5 भाईयों में सबसे छोटे थे मोजाहिद, शादी की चल रही थी बात

- अब्दुल खैर और हसीना खातून के कुल पांच बेटे हैं। इनमें सबसे छोटा मोजाहिद खां थे। अभी उनकी शादी भी नहीं हुई थी।
- वह हमेशा दोस्तों से अपनी देश के लिए जान की बाजी लगा देने की बात कहता था। मोजाहिद की पढ़ाई स्थानीय हाई स्कूल से हुई थी।
- पिता अब्दुल खैर पहले राजमिस्त्री का कार्य करते थे। अब घर पर ही रहते हैं। मोजाहिद के तीन भाई इम्त्याज खां, आफताब खां, अखलाक खां खाड़ी के देशों में नौकरी करते हैं।
- चौथा भाई मोहम्मद घर पर पिता और घर परिवार का देखभाल करता है। दो बहनों की शादी हो गई है। मोजाहिद अभी कुंवारा था। हालांकि, कुछ स्थानों पर रिश्ते की बात चल रही थी।

7 साल पहले हुई थी ज्वाइनिंग

- अब्दुल खैर खां, मां हसीना खातून बेटे की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी चिंतित थे।
- सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे घर के मोबाइल पर मोजाहिद का फोन आया तो भाभी ने कॉल रिसीव किया। खुद बात की और सास-ससुर से भी कराई।
- मोजाहिद ने कहा- यहां कब-क्या हो जाएगा, कुछ पता नहीं ? बात करते-करते अचानक फोन रखने की बात कही।
- इसके दो घंटे बाद ही उनकी शहादत की खबर आ गई। मोजाहिद का साल 2011 में सीआरपीएफ में चयन हुआ था।

ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने फ्रेंड्स से भी मुलाकात की थी। ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने फ्रेंड्स से भी मुलाकात की थी।
फैमिली ने बताया कि मोजाहिद हैदराबाद में राजमुदरी में थे। फैमिली ने बताया कि मोजाहिद हैदराबाद में राजमुदरी में थे।
श्रीनगर के करण नगर में तैनात मोजाहिद अपने दोस्तों से भी हमेशा कॉन्टेक्ट में रहते थे। श्रीनगर के करण नगर में तैनात मोजाहिद अपने दोस्तों से भी हमेशा कॉन्टेक्ट में रहते थे।
दोस्तों ने बताया कि मोजाहिद से सोमवार की सुबह वाट्सअप पर चैटिंग हुई थी। दोस्तों ने बताया कि मोजाहिद से सोमवार की सुबह वाट्सअप पर चैटिंग हुई थी।
वाट्सएप पर मोर्चा लिए पोज में तस्वीरें भी भेजी थी। वाट्सएप पर मोर्चा लिए पोज में तस्वीरें भी भेजी थी।
किसी को भी आभास नहीं था कि उसकी शहादत का अचानक मैसेज आ जाएगा। किसी को भी आभास नहीं था कि उसकी शहादत का अचानक मैसेज आ जाएगा।
सुबह ग्यारह बजे के आसपास श्रीनगर से सीआरपीएफ के अफसरों का फोन आया। सुबह ग्यारह बजे के आसपास श्रीनगर से सीआरपीएफ के अफसरों का फोन आया।
भाभी ने चचेरे देवर अजमेर खां से बात कराया। भाभी ने चचेरे देवर अजमेर खां से बात कराया।
इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली।
Mohammed Mozahid martyr in a terrorist attack in Srinagar
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शहीद जवान मोजाहिद खां मोहर्रम से पहले अपनी भतीजी की शादी में पीरो आए थे।शहीद जवान मोजाहिद खां मोहर्रम से पहले अपनी भतीजी की शादी में पीरो आए थे।
ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने फ्रेंड्स से भी मुलाकात की थी।ड्यूटी पर जाने से पहले उन्होंने फ्रेंड्स से भी मुलाकात की थी।
फैमिली ने बताया कि मोजाहिद हैदराबाद में राजमुदरी में थे।फैमिली ने बताया कि मोजाहिद हैदराबाद में राजमुदरी में थे।
श्रीनगर के करण नगर में तैनात मोजाहिद अपने दोस्तों से भी हमेशा कॉन्टेक्ट में रहते थे।श्रीनगर के करण नगर में तैनात मोजाहिद अपने दोस्तों से भी हमेशा कॉन्टेक्ट में रहते थे।
दोस्तों ने बताया कि मोजाहिद से सोमवार की सुबह वाट्सअप पर चैटिंग हुई थी।दोस्तों ने बताया कि मोजाहिद से सोमवार की सुबह वाट्सअप पर चैटिंग हुई थी।
वाट्सएप पर मोर्चा लिए पोज में तस्वीरें भी भेजी थी।वाट्सएप पर मोर्चा लिए पोज में तस्वीरें भी भेजी थी।
किसी को भी आभास नहीं था कि उसकी शहादत का अचानक मैसेज आ जाएगा।किसी को भी आभास नहीं था कि उसकी शहादत का अचानक मैसेज आ जाएगा।
सुबह ग्यारह बजे के आसपास श्रीनगर से सीआरपीएफ के अफसरों का फोन आया।सुबह ग्यारह बजे के आसपास श्रीनगर से सीआरपीएफ के अफसरों का फोन आया।
भाभी ने चचेरे देवर अजमेर खां से बात कराया।भाभी ने चचेरे देवर अजमेर खां से बात कराया।
इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली।इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली।
Mohammed Mozahid martyr in a terrorist attack in Srinagar
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